{"_id":"6501cd6a764a54785409f616","slug":"masters-report-card-will-be-prepared-along-with-the-children-gurgaon-news-c-24-1-noi1094-14268-2023-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: बच्चों के साथ ही तैयार होगा मास्टरजी का रिपोर्ट कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: बच्चों के साथ ही तैयार होगा मास्टरजी का रिपोर्ट कार्ड
विज्ञापन
बच्चों के साथ ही तैयार होगा मास्टरजी का रिपोर्ट कार्ड
- हर सप्ताह स्कूलों में अधिकारियों को करना होगा निरीक्षण
- शिक्षकों की उपस्थिति व बच्चों की पढ़ाई की होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर सुधारने की कवायद की जा रही है। बच्चों के साथ अब मास्टरजी का भी रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलाें में निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं।
आदेशों के अनुसार अधिकारियों को हर सप्ताह स्कूलों में औचक निरीक्षण करने पहुंचना होगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को शिक्षकों की उपस्थिति जांचनी होगी। यदि कोई शिक्षक बिना अधिकारिक अनुमति अनुपस्थित है या फिर ड्यूटी टाइम में निजी कार्य करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूलों में निरीक्षण करने के आदेश जारी किए हैं। निदेशालय ने आदेशों में कहा है कि अधिकारी निरीक्षण के लिए जाएं तो इसकी जानकारी व स्कूल में प्रवेश की फोटो टीम के साथ विभाग के लिंक पर अपलोड करें। निरीक्षण के दौरान स्कूल में क्या-क्या कमी मिलती है, इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। स्कूलों में समस्याओं का समाधान कराने और बेहतर माहौल के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं, इसके बारे में स्कूल प्रभारी से भी बातचीत करें।
विभागीय आदेशों के अनुसार निरीक्षण के दौरान अधिकारी विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे। इसके अलावा अभिभावकों से भी बच्चों की स्कूल में पढ़ाई संबंधित अपडेट लेनी होगी, ताकि पढ़ाई में कमजोर बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार किया जा सके। इसके साथ ही विद्यार्थियों की खेल गतिविधियों, कौशल विकास सहित अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। शिक्षकों से बातचीत करके विद्यार्थियों की पढ़ाई पर ध्यान देने की योजना पर काम किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधार के लिए यह कदम उठाया है। ताकि जिला शिक्षा अधिकारियों की निगरानी में सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार के साथ ही समस्याओं का समाधान हो सके।
विज्ञापन
वर्जन
स्कूलों में औचक निरीक्षण करके बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूल परिसर में साफ-सफाई सहित अन्य गतिविधियों को जांचा जा रहा है। स्कूल में कोई समस्या मिलती है तो प्रभारी व शिक्षकों से बातचीत करके समाधान कराए जा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई को लेकर शिक्षकों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जाते हैं। - सरोज दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम।
विज्ञापन
- हर सप्ताह स्कूलों में अधिकारियों को करना होगा निरीक्षण
- शिक्षकों की उपस्थिति व बच्चों की पढ़ाई की होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर सुधारने की कवायद की जा रही है। बच्चों के साथ अब मास्टरजी का भी रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलाें में निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं।
आदेशों के अनुसार अधिकारियों को हर सप्ताह स्कूलों में औचक निरीक्षण करने पहुंचना होगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को शिक्षकों की उपस्थिति जांचनी होगी। यदि कोई शिक्षक बिना अधिकारिक अनुमति अनुपस्थित है या फिर ड्यूटी टाइम में निजी कार्य करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूलों में निरीक्षण करने के आदेश जारी किए हैं। निदेशालय ने आदेशों में कहा है कि अधिकारी निरीक्षण के लिए जाएं तो इसकी जानकारी व स्कूल में प्रवेश की फोटो टीम के साथ विभाग के लिंक पर अपलोड करें। निरीक्षण के दौरान स्कूल में क्या-क्या कमी मिलती है, इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। स्कूलों में समस्याओं का समाधान कराने और बेहतर माहौल के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं, इसके बारे में स्कूल प्रभारी से भी बातचीत करें।
विज्ञापन
विभागीय आदेशों के अनुसार निरीक्षण के दौरान अधिकारी विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे। इसके अलावा अभिभावकों से भी बच्चों की स्कूल में पढ़ाई संबंधित अपडेट लेनी होगी, ताकि पढ़ाई में कमजोर बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार किया जा सके। इसके साथ ही विद्यार्थियों की खेल गतिविधियों, कौशल विकास सहित अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। शिक्षकों से बातचीत करके विद्यार्थियों की पढ़ाई पर ध्यान देने की योजना पर काम किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधार के लिए यह कदम उठाया है। ताकि जिला शिक्षा अधिकारियों की निगरानी में सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार के साथ ही समस्याओं का समाधान हो सके।
विज्ञापन
वर्जन
स्कूलों में औचक निरीक्षण करके बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूल परिसर में साफ-सफाई सहित अन्य गतिविधियों को जांचा जा रहा है। स्कूल में कोई समस्या मिलती है तो प्रभारी व शिक्षकों से बातचीत करके समाधान कराए जा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई को लेकर शिक्षकों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जाते हैं। - सरोज दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम।