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शिक्षा वीजा पर भारत आया इराकी युवक गुरुग्राम से गिरफ्तार
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गुरुग्राम। शिक्षा वीजा पर भारत आने वाले हिंदी अनुवादक को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने सेक्टर-50 थाना पुलिस के सहयोग से मंगलवार को आर्टिमिस अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया वह शिक्षा वीजा पर भारत आया था और वर्तमान में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पीएचडी भी कर रहा है। हालांकि आरोपी के वीजा की अनुमति भी खत्म हो चुकी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मंगलवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कुछ विदेशी बिना अनुमति के जिले के अस्पतालों में आने वाले विदेशी मरीजों के अनुवादक के रूप में काम कर रहे हैं। दवा की बीमा कंपनियों ने भी इनको एजेंट के तौर पर रखा हुआ है। छानबीन के दौरान पता चला कि एक हिंदी अनुवादक इराक निवासी याहा मोहम्मद सईद है, जो पत्नी व एक बच्चे के साथ सेक्टर-52 में रह रहा था। वह अस्पतालों में विदेशी मरीजों के लिए हिंदी अनुवादक का काम करता है, जबकि उसका कोई विदेशी सी-फार्म का आवेदन नहीं है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने अपना जाल बिछाकर मंगलवार की दोपहर को उसे आर्टिमिस अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि याहा मोहम्मद सईद दो साल पहले शिक्षा वीजा पर उत्तर प्रदेश आया था। वह अलीगढ़ विश्वविद्यालय से पीएचडी भी कर रहा है। वर्तमान में उसका वीजा समाप्त हो चुका है। इसके लिए उसने लखनऊ में आवेदन भी कर रखा है।
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एक मेडिकेयर कंपनी भी जांच के घेरे में
पुलिस की ओर से दर्ज किए गए मामले में एक मेडिकेयर कंपनी का भी नाम है। इसके लिए वह लीगल तरीके से कमीशन पर काम करता था। सेक्टर-50 थाना पुलिस कंपनी को नोटिस भेज रही है। वह यह जानना चाहती है कि कौन-कौन से अस्पताल के लिए कितने लोग काम कर रहे हैं। साथ ही आरोपी की ओर से दिखाए गए कागजात के बारे में कंपनी का क्या कहना है।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कुछ विदेशी बिना अनुमति के जिले के अस्पतालों में आने वाले विदेशी मरीजों के अनुवादक के रूप में काम कर रहे हैं। दवा की बीमा कंपनियों ने भी इनको एजेंट के तौर पर रखा हुआ है। छानबीन के दौरान पता चला कि एक हिंदी अनुवादक इराक निवासी याहा मोहम्मद सईद है, जो पत्नी व एक बच्चे के साथ सेक्टर-52 में रह रहा था। वह अस्पतालों में विदेशी मरीजों के लिए हिंदी अनुवादक का काम करता है, जबकि उसका कोई विदेशी सी-फार्म का आवेदन नहीं है।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने अपना जाल बिछाकर मंगलवार की दोपहर को उसे आर्टिमिस अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि याहा मोहम्मद सईद दो साल पहले शिक्षा वीजा पर उत्तर प्रदेश आया था। वह अलीगढ़ विश्वविद्यालय से पीएचडी भी कर रहा है। वर्तमान में उसका वीजा समाप्त हो चुका है। इसके लिए उसने लखनऊ में आवेदन भी कर रखा है।
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एक मेडिकेयर कंपनी भी जांच के घेरे में
पुलिस की ओर से दर्ज किए गए मामले में एक मेडिकेयर कंपनी का भी नाम है। इसके लिए वह लीगल तरीके से कमीशन पर काम करता था। सेक्टर-50 थाना पुलिस कंपनी को नोटिस भेज रही है। वह यह जानना चाहती है कि कौन-कौन से अस्पताल के लिए कितने लोग काम कर रहे हैं। साथ ही आरोपी की ओर से दिखाए गए कागजात के बारे में कंपनी का क्या कहना है।