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Gurugram News: तीन हजार बल्क वेस्ट जनरेटरों की जांच शुरू
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बीडब्ल्यूजी को अपने कचरे का प्रबंधन परिसर में ही करना अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के तहत बल्क वेस्ट जनरेटरों (बीडब्ल्यूजी) को उनके यहां से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन अपने परिसर में ही करना अनिवार्य है। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा प्रथम चरण में कामर्शियल व इंस्टीट्यूशनल श्रेणी के तीन हजार से अधिक बीडब्ल्यूजी चिन्हित किए गए हैं, तथा उनकी जांच शुरू कर दी गई है। नियमों की पालना नहीं पाए जाने की वालों के चालान किए जा रहे हैं। इससे आगे चालान करने की कार्रवाई को और अधिक तेज किया जाएगा।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. बलप्रीत सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को निगम कार्यालय में आयोजित सिटीजन सुपरवाइजरी कमेटी (सीएससी) की बैठक में यह बात कही। बैठक में सीएससी के को-चेयरमैन सुधीर कृष्णा सहित सदस्य दीपक शर्मा, लक्ष्मी रघुपैथी तथा मोनिका खन्ना गुलाटी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण में कामर्शियल व इंस्टीट्यूशनल श्रेणी के बीडब्ल्यूजी की पहचान करके उनकी जांच की जा रही है तथा जिन बीडब्ल्यूजी द्वारा ना तो ठोस कचरा प्रबंधन नियम के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन किया जा रहा है और ना ही अभी तक स्वयं को बीडब्ल्यूजी पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है उनके चालान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि रिहायशी श्रेणी के बीडब्ल्यूजी को पंजीकरण के लिए 15 अगस्त तक का आखिरी मौका दिया जाए। इसके बाद जो बीडब्ल्यूजी पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं करेगा उसके चालान किए जाएंगे।
अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. बलप्रीत सिंह ने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के तहत नगर निगम सीमा में स्थित होटल, रेस्टोरेंट, कॉरपोरेट ऑफिस, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज आदि बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं। नियम के अनुसार बीडब्ल्यूजी को उनके यहां से प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कचरे का निस्तारण खुद ही अपने परिसर में करना अनिवार्य है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के तहत बल्क वेस्ट जनरेटरों (बीडब्ल्यूजी) को उनके यहां से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन अपने परिसर में ही करना अनिवार्य है। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा प्रथम चरण में कामर्शियल व इंस्टीट्यूशनल श्रेणी के तीन हजार से अधिक बीडब्ल्यूजी चिन्हित किए गए हैं, तथा उनकी जांच शुरू कर दी गई है। नियमों की पालना नहीं पाए जाने की वालों के चालान किए जा रहे हैं। इससे आगे चालान करने की कार्रवाई को और अधिक तेज किया जाएगा।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. बलप्रीत सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को निगम कार्यालय में आयोजित सिटीजन सुपरवाइजरी कमेटी (सीएससी) की बैठक में यह बात कही। बैठक में सीएससी के को-चेयरमैन सुधीर कृष्णा सहित सदस्य दीपक शर्मा, लक्ष्मी रघुपैथी तथा मोनिका खन्ना गुलाटी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण में कामर्शियल व इंस्टीट्यूशनल श्रेणी के बीडब्ल्यूजी की पहचान करके उनकी जांच की जा रही है तथा जिन बीडब्ल्यूजी द्वारा ना तो ठोस कचरा प्रबंधन नियम के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन किया जा रहा है और ना ही अभी तक स्वयं को बीडब्ल्यूजी पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है उनके चालान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि रिहायशी श्रेणी के बीडब्ल्यूजी को पंजीकरण के लिए 15 अगस्त तक का आखिरी मौका दिया जाए। इसके बाद जो बीडब्ल्यूजी पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं करेगा उसके चालान किए जाएंगे।
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अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. बलप्रीत सिंह ने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के तहत नगर निगम सीमा में स्थित होटल, रेस्टोरेंट, कॉरपोरेट ऑफिस, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज आदि बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं। नियम के अनुसार बीडब्ल्यूजी को उनके यहां से प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कचरे का निस्तारण खुद ही अपने परिसर में करना अनिवार्य है।
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