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Gurugram News: पाकिस्तान जाने वाले हर भारतीय पर जासूसी के लिए डोरे डालते हैं खुफिया एजेंसी के एजेंट

Wed, 21 May 2025 12:12 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 21 May 2025 12:12 AM IST
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Intelligence agency agents trap every Indian going to Pakistan to spy
अरमान और तारीफ की गिरफ्तारी से हड़कंप, लोगों ने कहा-दोषियों को कड़ी सजा दी जाए
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मोहम्मद शाहिद मेवाती

तावडू। मेवात क्षेत्र से हाल ही में पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में अरमान और तारीफ की गिरफ्तारी से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। यह मामला न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि मेवात के उन देशभक्त नागरिकों में भी मायूसी पैदा कर रहा है, जो अपनी पारिवारिक रिश्तेदारियों के कारण पाकिस्तान से जुड़े हैं। कुछ जानकारों का कहना है कि प्रत्येक आम भारतीय जो पाकिस्तान जाता है पाकिस्तान उच्चायोग से लेकर पाक खुफिया एजेंसी के एजेंट उस पर जासूसी के लिए डोरे डालने शुरू कर देते हैं।

बातचीत के दौरान मेवात के लोगों ने बताया कि भारत-पाक विभाजन के दौरान लाखों परिवार बंट गए, जिनमें से मेवात क्षेत्र के कई लोग पाकिस्तान में बस गए। आज भी हरियाणा और राजस्थान के मेवात क्षेत्र के लगभग 80 फीसदी परिवारों की पारिवारिक रिश्तेदारियां पाकिस्तान में हैं। इन रिश्तेदारों से मिलने-जुलने और संपर्क बनाए रखने के लिए मेवात के लोग अक्सर पाकिस्तान का दौरा करते हैं। यह एक सामान्य और स्वाभाविक प्रक्रिया मानी जाती है। लोग मोबाइल, व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से अपने रिश्तेदारों से जुड़े रहते हैं।
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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की चाल
इसी पारिवारिक संपर्क का दुश्मन देश पाकिस्तान अपनी खुफिया एजेंसी आईएसआई के माध्यम से दुरुपयोग करने की फिराक में रहता है। बातचीत में कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर खुलासा किया कि पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी भारतीय नागरिकों पर नजर रखते हैं। जैसे ही कोई भारतीय अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान जाता है, वहां खुफिया एजेंसियां उनसे संपर्क साधने की कोशिश करती हैं। यह प्रक्रिया अक्सर दावत के निमंत्रण से शुरू होती है, जिसके बाद लालच या दबाव के जरिए जासूसी की पेशकश की जाती है। इसके बदले में भारी धनराशि का वादा किया जाता है। राजाका गांव से गिरफ्तार अरमान और कांगरका गांव से गिरफ्तार तारीफ इसका उदाहरण हैं। दोनों पर आरोप है कि वे व्हाट्सएप के जरिए भारतीय सैन्य गतिविधियों की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारियों, जैसे आसिफ बलोच और जाफर, को भेज रहे थे। जांच में पता चला कि अरमान और तारीफ पहले भी कई बार पाकिस्तान जा चुके थे। अरमान ने 2024 में अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें वह पाकिस्तान की मेहमाननवाजी की तारीफ करता नजर आया।
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संपर्क करने से बच रहे लोग
तारीफ के पिता हनीफ ने बताया कि उनका परिवार डेढ़ साल पहले पाकिस्तान गया था, और उनके रिश्तेदार वहां रहते हैं। इन गिरफ्तारियों के बाद मेवात क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जिन लोगों के रिश्तेदार पाकिस्तान में हैं, वे अब पुलिस पूछताछ के डर से अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने से बच रहे हैं। कई लोगों ने व्हाट्सएप और मोबाइल पर बातचीत बंद कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो जागरूक हैं, वे पाकिस्तानी एजेंटों की चाल को समझकर उनसे दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन कुछ लोग लालच में फंस जाते हैं। मेवात के निवासियों का मानना है कि देश के साथ गद्दारी करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। मेवात के लोगों की पाकिस्तान में रिश्तेदारियां एक सामाजिक और पारिवारिक वास्तविकता हैं, लेकिन इसका दुरुपयोग देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है। अरमान और तारीफ जैसे मामले इस बात का सबूत हैं कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां भारतीय नागरिकों को बहकाने में कोई कसर नहीं छोड़तीं। मेवात के लोग अब सतर्कता बरत रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि देश की सुरक्षा और क्षेत्र की छवि पर कोई आंच न आए।
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