{"_id":"6155faa88ebc3e4afe62ac39","slug":"inquiry-started-from-vice-president-of-rd-city-township-in-fraud-case-gurgaon-news-noi607809551","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोखाधड़ी मामले में आरडी सिटी टाउनशिप के उपाध्यक्ष से पूछताछ शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धोखाधड़ी मामले में आरडी सिटी टाउनशिप के उपाध्यक्ष से पूछताछ शुरू
विज्ञापन
गुरुग्राम। धोखाधड़ी के मामले में सेक्टर-53 थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को आरडी सिटी टाउनशिप के उपाध्यक्ष अनिल हसीजा को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्हें शिकायत मिलने पर पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। 200 एकड़ में फैली टाउनशिप में करीब 45 एकड़ जमीन एचएसवीपी विभाग की है, जिसकी डीड एक्सजेंच नियमों के मुताबिक नहीं हुई थी, लेकिन कंपनी ने जमीन के फर्जी कागजात जमा कर डीटीपी विभाग से निर्माण के लिए लाइसेंस ले लिया था। इस मामले में डीटीपीई आरएस बाठ ने विगत 17 सितंबर को हसीजा पर केस दर्ज किया था। वहीं, इसे लेकर विभाग टाउनशिप का लाइसेंस पहले ही रद्द कर चुका था। मामले में कंपनी की डायरेक्टर शिबानी कपूर के दिल्ली आवास पर भी छापा मारा लेकिन वह नहीं मिली।
सेक्टर-52 में बनाई गई आरडीसिटी की 200 एकड़ जमीन में से करीब 45 एकड़ जमीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) विभाग की थी। इसके डीड एक्सचेंज में धोखाधड़ी की गई। निर्माण के वक्त कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट अनिल हसीजा व अन्य अधिकारियों ने इस जमीन के फर्जी कागजात जमा कर डीटीपीई विभाग से लाइसेंस ले लिया था। इसे लेकर विगत 17 सितंबर को कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट अनिल हसीजा पर डीटीपीई की ओर से केस दर्ज किया गया था। मामले को लेकर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग पहले ही टाउनशिप का लाइसेंस कैंसल कर चुका है। थाना एसएचओ ने बताया कि हसीजा को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जमीन के फर्जी दस्तावेज को जमा करने में किन-किन लोगों का हाथ रहा, इसकी भी जांच की जा रही है। कंपनी की डायरेक्टर शिबानी अभी फरार है, उसे भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
आरडी सिटी टाउनशिप कंपनी के अधिकारियों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने टीसीपी डिपार्टमेंट की तरफ से मंजूर ले-आउट प्लान के तहत टाउनशिप का निर्माण नहीं किया है। कॉलोनी में निर्मित कम्यूनिटी इमारतों को भी जांच में सही नहीं पाया गया। वहीं अभी तक किसी भी कम्यूनिटी इमारत को अब तक हरियाणा सरकार को सौंपा नहीं गया, यह एग्रीमेंट का उल्लंघन है। जांच में पता चला है कि कॉलोनी में डिवेलपर ने 702 इमारतों का निर्माण करके पजेशन दे दिया, लेकिन ओसी सिर्फ 301 इमारतों का लिया। इस लिए कॉलोनी को अभी तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट या पार्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन
सेक्टर-53 पुलिस ने आरडी सिटी के मामले में धोखाधड़ी को लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच की जा रही है।
- एसीपी संजीव बल्हारा
विज्ञापन
सेक्टर-52 में बनाई गई आरडीसिटी की 200 एकड़ जमीन में से करीब 45 एकड़ जमीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) विभाग की थी। इसके डीड एक्सचेंज में धोखाधड़ी की गई। निर्माण के वक्त कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट अनिल हसीजा व अन्य अधिकारियों ने इस जमीन के फर्जी कागजात जमा कर डीटीपीई विभाग से लाइसेंस ले लिया था। इसे लेकर विगत 17 सितंबर को कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट अनिल हसीजा पर डीटीपीई की ओर से केस दर्ज किया गया था। मामले को लेकर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग पहले ही टाउनशिप का लाइसेंस कैंसल कर चुका है। थाना एसएचओ ने बताया कि हसीजा को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जमीन के फर्जी दस्तावेज को जमा करने में किन-किन लोगों का हाथ रहा, इसकी भी जांच की जा रही है। कंपनी की डायरेक्टर शिबानी अभी फरार है, उसे भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
आरडी सिटी टाउनशिप कंपनी के अधिकारियों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने टीसीपी डिपार्टमेंट की तरफ से मंजूर ले-आउट प्लान के तहत टाउनशिप का निर्माण नहीं किया है। कॉलोनी में निर्मित कम्यूनिटी इमारतों को भी जांच में सही नहीं पाया गया। वहीं अभी तक किसी भी कम्यूनिटी इमारत को अब तक हरियाणा सरकार को सौंपा नहीं गया, यह एग्रीमेंट का उल्लंघन है। जांच में पता चला है कि कॉलोनी में डिवेलपर ने 702 इमारतों का निर्माण करके पजेशन दे दिया, लेकिन ओसी सिर्फ 301 इमारतों का लिया। इस लिए कॉलोनी को अभी तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट या पार्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन
सेक्टर-53 पुलिस ने आरडी सिटी के मामले में धोखाधड़ी को लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच की जा रही है।
- एसीपी संजीव बल्हारा