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Gurugram News: बेसहारा कुत्तों को गोद लेना चाहते हैं ताे करें आवेदन
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर नगर निगम गुरुग्राम की त्वरित कार्रवाई, जारी किया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर नगर निगम गुरुग्राम ने बेसहारा कुत्तों के प्रबंधन हेतु विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में लावारिस व बेसहारा कुत्तों से संबंधित घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण, जन सुरक्षा सुनिश्चित करना और पशु कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करना है। जो पशु-प्रेमी नागरिक लावारिस व बेसहारा कुत्तों को गोद लेना चाहते हैं, वे नगर निगम गुरुग्राम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय (सेक्टर-39) में आवेदन कर सकते हैं। चयनित कुत्तों को टैग कर आवेदक को सौंपा जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गोद लिए गए कुत्ते सड़कों पर वापस न जाएं।
न्यायालय के आदेशानुसार, अब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (एओए) या स्थानीय निकाय प्रतिनिधि की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने क्षेत्र में सामुदायिक पशुओं के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था करें। भोजन स्थल बच्चों के खेल क्षेत्र, सीढ़ियों, प्रवेश-द्वार या बुजुर्गों की आवाजाही वाले स्थानों से दूर हों। भोजन का समय इस प्रकार तय किया जाए, जिससे बच्चों या वरिष्ठ नागरिकों को कोई असुविधा न हो। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि भोजन स्थल पर गंदगी या अव्यवस्था न फैले। वे टीकाकरण, पकड़ने और छोड़े जाने की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। किसी विवाद की स्थिति में एक पशु कल्याण समिति गठित की जाएगी। इसमें मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, पुलिस प्रतिनिधि, एसपीसीए/राज्य बोर्ड प्रतिनिधि, मान्यता प्राप्त पशु कल्याण संगठन, स्थानीय प्राधिकरण का पशु चिकित्सक, शिकायतकर्ता तथा संबंधित आरडब्ल्यूए या एओए प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कुत्तों का पुनर्वास नहीं होगा
नगर निगम की ओर से पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी, डीवॉर्मिंग एवं टीकाकरण करने के बाद उन्हें उसी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, जहां से वे पकड़े गए थे। हालांकि, रेबीज संक्रमित या आक्रामक व्यवहार वाले कुत्ते अलग रखे जाएंगे और इन्हें सड़क पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा। ऐसे कुत्तों के लिए विशेष शेल्टर में व्यवस्था की जाएगी। हेल्पलाइन 1800-180-1817 पर कुत्तों से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकते हैं। किसी भी व्यक्ति या संस्था की ओर से न्यायालय के आदेशों के पालन में बाधा डालने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य
नगर निगम गुरुग्राम के पैनल में शामिल एजेंसी के माध्यम से पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराया जा सकता है। इस संबंध में जानकारी के लिए ईमेल : petpulse@ gmail.com और मोबाइल 7042623905 पर संपर्क कर सकते हैं। नगर निगम गुरुग्राम ने नागरिकों, आरडब्ल्यूए और पशु प्रेमियों से अपील की है कि वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी इन आदेशों का पूर्ण पालन करें ताकि शहर को सुरक्षित और संवेदनशील बनाया जा सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर नगर निगम गुरुग्राम ने बेसहारा कुत्तों के प्रबंधन हेतु विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में लावारिस व बेसहारा कुत्तों से संबंधित घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण, जन सुरक्षा सुनिश्चित करना और पशु कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करना है। जो पशु-प्रेमी नागरिक लावारिस व बेसहारा कुत्तों को गोद लेना चाहते हैं, वे नगर निगम गुरुग्राम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय (सेक्टर-39) में आवेदन कर सकते हैं। चयनित कुत्तों को टैग कर आवेदक को सौंपा जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गोद लिए गए कुत्ते सड़कों पर वापस न जाएं।
न्यायालय के आदेशानुसार, अब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (एओए) या स्थानीय निकाय प्रतिनिधि की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने क्षेत्र में सामुदायिक पशुओं के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था करें। भोजन स्थल बच्चों के खेल क्षेत्र, सीढ़ियों, प्रवेश-द्वार या बुजुर्गों की आवाजाही वाले स्थानों से दूर हों। भोजन का समय इस प्रकार तय किया जाए, जिससे बच्चों या वरिष्ठ नागरिकों को कोई असुविधा न हो। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि भोजन स्थल पर गंदगी या अव्यवस्था न फैले। वे टीकाकरण, पकड़ने और छोड़े जाने की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। किसी विवाद की स्थिति में एक पशु कल्याण समिति गठित की जाएगी। इसमें मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, पुलिस प्रतिनिधि, एसपीसीए/राज्य बोर्ड प्रतिनिधि, मान्यता प्राप्त पशु कल्याण संगठन, स्थानीय प्राधिकरण का पशु चिकित्सक, शिकायतकर्ता तथा संबंधित आरडब्ल्यूए या एओए प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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कुत्तों का पुनर्वास नहीं होगा
नगर निगम की ओर से पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी, डीवॉर्मिंग एवं टीकाकरण करने के बाद उन्हें उसी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, जहां से वे पकड़े गए थे। हालांकि, रेबीज संक्रमित या आक्रामक व्यवहार वाले कुत्ते अलग रखे जाएंगे और इन्हें सड़क पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा। ऐसे कुत्तों के लिए विशेष शेल्टर में व्यवस्था की जाएगी। हेल्पलाइन 1800-180-1817 पर कुत्तों से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकते हैं। किसी भी व्यक्ति या संस्था की ओर से न्यायालय के आदेशों के पालन में बाधा डालने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य
नगर निगम गुरुग्राम के पैनल में शामिल एजेंसी के माध्यम से पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराया जा सकता है। इस संबंध में जानकारी के लिए ईमेल : petpulse