{"_id":"6a2832ab2796165f1b0fb1ff","slug":"idcs-under-construction-road-has-become-a-site-of-accidents-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-90775-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: दुर्घटनाओं की जगह बन चुकी है आईडीसी की निर्माणाधीन सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: दुर्घटनाओं की जगह बन चुकी है आईडीसी की निर्माणाधीन सड़क
विज्ञापन
जीआईए ने प्रशासन से सड़क निर्माण का कार्य बारिश से पहले पूरा कराने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एमजी रोड स्थित इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आईडीसी) की निर्माणाधीन सड़क इन दिनों आम जनता और व्यापारियों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। क्षेत्र में आए दिन हो रहे हादसों ने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सोमवार दोपहर को भी यहां गैस सिलेंडरों से भरी एक गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। सीवेज के लिए खोदे गए खुले गड्ढों के कारण दिन-दहाड़े गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं।
लंबे इंतजार के बाद पिछले साल सितंबर में सड़क, ड्रेनेज और सीवेज लाइन का काम शुरू तो हुआ था, जिससे लोगों को जलभराव और ट्रैफिक से निजात मिलने की उम्मीद थी। प्रशासन ने इस काम को मई-जून तक पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक 50 प्रतिशत काम भी नहीं हो पाया है। अब मानसून सिर पर है, जिससे स्थानीय उद्यमियों और व्यवसायियों में दहशत का माहौल है। गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने अधिकारियों से इस सुस्त पड़े निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने की पुरजोर मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
सड़क पर रोजाना हो रही दुर्घटनाएं
रोजाना मुख्य सड़क के किनारे बने गड्ढों में गाड़ियां पलट रही हैं। एक दिन पहले एक सिलिंडर से भरी गाड़ी पलट गई। मानसून से पहले सड़क नहीं बनी तो बारिश के समय करीब 200 औद्योगिक, व्यवसायिक इकाइयों के बंद करना पड़ सकता है। -सुमित राव, अध्यक्ष, जीआईए
विज्ञापन
इस निर्माणाधीन सड़क पर रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं। हम नगर निगम के अधिकारियों से गुजारिश करते हैं कि युद्ध स्तर पर कार्य चलाकर कम से कम सड़क का काम बारिश से पहले पूरा कर दें, नहीं तो यहां वाहन क्या श्रमिक और उद्यमी पैदल भी नहीं आ सकेंगे। -जेएन मंगला, पूर्व अध्यक्ष जीआईए
निर्माण कार्य के कारण उद्योग अभी भी प्रभावित हो रहे हैं मगर मानसून में जिस तरह यह इलाका बाढ़ ग्रस्त इलाके की तरह हो जाता है, अगर सड़कें पूरी नहीं हुई तो स्थिति भयावह हो जाएगी। सारी सड़कों को पूरी तरह तोड़ कर काम चल रहा है।-सुनील दत्त, उद्यमी
मानसून से पहले सड़्क के साथ ड्रेनेज, सीवेज और पेयजल की काम भी पूरे हो जाने चाहिए थे। प्रशासन को कम से कम सड़क का निर्माण तेजी से कराना चाहिए। यहां की इकाइयों को काफी नुकसान हो रहा है आगे बारिश के बाद बहुत बुरा हाल होगा। -गुलशन पपरेजा, उद्यमी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एमजी रोड स्थित इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आईडीसी) की निर्माणाधीन सड़क इन दिनों आम जनता और व्यापारियों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। क्षेत्र में आए दिन हो रहे हादसों ने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सोमवार दोपहर को भी यहां गैस सिलेंडरों से भरी एक गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। सीवेज के लिए खोदे गए खुले गड्ढों के कारण दिन-दहाड़े गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं।
लंबे इंतजार के बाद पिछले साल सितंबर में सड़क, ड्रेनेज और सीवेज लाइन का काम शुरू तो हुआ था, जिससे लोगों को जलभराव और ट्रैफिक से निजात मिलने की उम्मीद थी। प्रशासन ने इस काम को मई-जून तक पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक 50 प्रतिशत काम भी नहीं हो पाया है। अब मानसून सिर पर है, जिससे स्थानीय उद्यमियों और व्यवसायियों में दहशत का माहौल है। गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने अधिकारियों से इस सुस्त पड़े निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने की पुरजोर मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
विज्ञापन
सड़क पर रोजाना हो रही दुर्घटनाएं
रोजाना मुख्य सड़क के किनारे बने गड्ढों में गाड़ियां पलट रही हैं। एक दिन पहले एक सिलिंडर से भरी गाड़ी पलट गई। मानसून से पहले सड़क नहीं बनी तो बारिश के समय करीब 200 औद्योगिक, व्यवसायिक इकाइयों के बंद करना पड़ सकता है। -सुमित राव, अध्यक्ष, जीआईए
विज्ञापन
इस निर्माणाधीन सड़क पर रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं। हम नगर निगम के अधिकारियों से गुजारिश करते हैं कि युद्ध स्तर पर कार्य चलाकर कम से कम सड़क का काम बारिश से पहले पूरा कर दें, नहीं तो यहां वाहन क्या श्रमिक और उद्यमी पैदल भी नहीं आ सकेंगे। -जेएन मंगला, पूर्व अध्यक्ष जीआईए
निर्माण कार्य के कारण उद्योग अभी भी प्रभावित हो रहे हैं मगर मानसून में जिस तरह यह इलाका बाढ़ ग्रस्त इलाके की तरह हो जाता है, अगर सड़कें पूरी नहीं हुई तो स्थिति भयावह हो जाएगी। सारी सड़कों को पूरी तरह तोड़ कर काम चल रहा है।-सुनील दत्त, उद्यमी
मानसून से पहले सड़्क के साथ ड्रेनेज, सीवेज और पेयजल की काम भी पूरे हो जाने चाहिए थे। प्रशासन को कम से कम सड़क का निर्माण तेजी से कराना चाहिए। यहां की इकाइयों को काफी नुकसान हो रहा है आगे बारिश के बाद बहुत बुरा हाल होगा। -गुलशन पपरेजा, उद्यमी