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नए वैरिएंट को देखते हुए जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया ऐक्शन प्लान
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गुरुग्राम। कोरोना के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट के सामान्य कोरोना संक्रमण के मुकाबले कई गुना ज्यादा संक्रामक होने के कारण जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए ऐक्शन प्लान तैयार किया है। इसके मुताबिक भीड़भाड़ वाली जगहों पर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। निजी अस्पतालों को आईसीएमआर पोर्टल पर अपडेट करनी होगी कोविड रिपोर्ट
इसमें शहरी के साथ ही व्यापक तौर पर ग्रामीण इलाकों को भी शामिल किया जाएगा। उसमें भी खास बात यह है कि रैपिड एंटीजन जांच पर जोर दिया जाएगा। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र यादव ने भी इस बारे में अधिकारियों को तमाम दिशानिर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, नया डेल्टा प्लस वैरिएंट कई गुना संक्रामक होने के साथ ही यह प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से क्षीण करता है। यहां तक कि वैक्सीनेशन के बाद मजबूत हुए प्रतिरक्षा तंत्र को भी यह कम करता है। इसको देखते हुए समय रहते कोरोना संक्रमण की पहचान और इलाज बेहद जरूरी हो जाता है।
तीसरी लहर आई तो होगी अहम भूमिका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संभावित तीसरी लहर आती है तो इसमें डेल्टा प्लस वैरिएंट की अहम भूमिका हो सकती है। यही वजह है कि जिले में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने ऐक्शन प्लान तैयार करते हुए शासकीय व निजी अस्पतालों को जरूरी दिशानिर्देश जारी कर दिया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. जय प्रकाश के मुताबिक जांच के मामले में गुरुग्राम बेहतर स्थिति में है लेकिन संक्रमण को पूरी तरह खत्म करने के लिए जांच अभियान के दायरे को और बढ़ाया जाएगा।
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यहां होगी ज्यादा जांच
स्वास्थ्य विभाग के निर्णय के मुताबिक जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, आरडब्लूए, ऑफिस, स्कूल, कॉलेज, सामुदायिक भवन व अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर रैपिड एंटीजन टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए बूथ भी बनाए जाएंगे। इन बूथों में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कोरोना जांच की जाएगी। वहीं, ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन की तर्ज पर ड्राइव थ्रू टेस्टिंग के लिए भी अभियान चलाया जाएगा। एंटीजन जांच में जिन मरीजों में कोरोना के लक्षण दिखाई देंगे उन्हें होम आइसोलेट किया जाएगा।
अस्पतालों को ये निर्देश
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. जेपी के मुताबिक कोरोना संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को रैपिड व एंटीजन जांच का पूरा ब्योरा आईसीएमआर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में अभी करीब 30 जगहों पर कोविड की जांच की जा रही है। वहीं, सेक्टर 31 स्थित पॉलीक्लीनक को 24 घंटे टेस्टिंग करने के लिए आरक्षित किया गया है।
डेल्टा प्लस वैरिएंट से पहले सामान्य करोना संक्रमण से बचाव के बारे में सोचना चाहिए। डेल्टा प्लस भी कोरोना का ही एक रूप है इसलिए बचाव के लिए सभी नियमों का पालन करें। खासकर गर्भवती महिलाएं विशेष एहतियात बरतें और ज्यादा अस्पताल व भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाएं। ऑनलाइन परामर्श लें और बाहर निकलने पर डबल मास्क पहनने की कोशिश करें।
- डॉ. शिखा जैन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नवजीवन अस्पताल गुरुग्राम
डेल्टा प्लस वैरियंट का यूके और अमेरिका के कुछ हिस्सों में कोविड महामारी की नई लहर पैदा करने में अहम योगदान रहा है। बहुत ज्यादा संक्रामक होने के कारण समय पर इसकी पहचान होना बेहद जरूरी है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि यह वैक्सीन की प्रतिरक्षा को बिल्कुल खत्म कर सकता है, जिसे इम्यून एस्केप (प्रतिरक्षा पलायन) कहा जाता है। यह स्ट्रेन अगर आता है तो तीसरी लहर का खतरा काफी बढ़ जाएगा। ऐसे में महत्वपूर्ण यह है कि अनिवार्य रूप से कोविड बचाव नियमों का पालन किया जाए।
- डॉ. अरुणेष कुमार, एचओडी, पारस चेस्ट इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम
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इसमें शहरी के साथ ही व्यापक तौर पर ग्रामीण इलाकों को भी शामिल किया जाएगा। उसमें भी खास बात यह है कि रैपिड एंटीजन जांच पर जोर दिया जाएगा। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र यादव ने भी इस बारे में अधिकारियों को तमाम दिशानिर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, नया डेल्टा प्लस वैरिएंट कई गुना संक्रामक होने के साथ ही यह प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से क्षीण करता है। यहां तक कि वैक्सीनेशन के बाद मजबूत हुए प्रतिरक्षा तंत्र को भी यह कम करता है। इसको देखते हुए समय रहते कोरोना संक्रमण की पहचान और इलाज बेहद जरूरी हो जाता है।
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तीसरी लहर आई तो होगी अहम भूमिका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संभावित तीसरी लहर आती है तो इसमें डेल्टा प्लस वैरिएंट की अहम भूमिका हो सकती है। यही वजह है कि जिले में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने ऐक्शन प्लान तैयार करते हुए शासकीय व निजी अस्पतालों को जरूरी दिशानिर्देश जारी कर दिया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. जय प्रकाश के मुताबिक जांच के मामले में गुरुग्राम बेहतर स्थिति में है लेकिन संक्रमण को पूरी तरह खत्म करने के लिए जांच अभियान के दायरे को और बढ़ाया जाएगा।
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यहां होगी ज्यादा जांच
स्वास्थ्य विभाग के निर्णय के मुताबिक जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, आरडब्लूए, ऑफिस, स्कूल, कॉलेज, सामुदायिक भवन व अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर रैपिड एंटीजन टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए बूथ भी बनाए जाएंगे। इन बूथों में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कोरोना जांच की जाएगी। वहीं, ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन की तर्ज पर ड्राइव थ्रू टेस्टिंग के लिए भी अभियान चलाया जाएगा। एंटीजन जांच में जिन मरीजों में कोरोना के लक्षण दिखाई देंगे उन्हें होम आइसोलेट किया जाएगा।
अस्पतालों को ये निर्देश
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. जेपी के मुताबिक कोरोना संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को रैपिड व एंटीजन जांच का पूरा ब्योरा आईसीएमआर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में अभी करीब 30 जगहों पर कोविड की जांच की जा रही है। वहीं, सेक्टर 31 स्थित पॉलीक्लीनक को 24 घंटे टेस्टिंग करने के लिए आरक्षित किया गया है।
डेल्टा प्लस वैरिएंट से पहले सामान्य करोना संक्रमण से बचाव के बारे में सोचना चाहिए। डेल्टा प्लस भी कोरोना का ही एक रूप है इसलिए बचाव के लिए सभी नियमों का पालन करें। खासकर गर्भवती महिलाएं विशेष एहतियात बरतें और ज्यादा अस्पताल व भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाएं। ऑनलाइन परामर्श लें और बाहर निकलने पर डबल मास्क पहनने की कोशिश करें।
- डॉ. शिखा जैन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नवजीवन अस्पताल गुरुग्राम
डेल्टा प्लस वैरियंट का यूके और अमेरिका के कुछ हिस्सों में कोविड महामारी की नई लहर पैदा करने में अहम योगदान रहा है। बहुत ज्यादा संक्रामक होने के कारण समय पर इसकी पहचान होना बेहद जरूरी है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि यह वैक्सीन की प्रतिरक्षा को बिल्कुल खत्म कर सकता है, जिसे इम्यून एस्केप (प्रतिरक्षा पलायन) कहा जाता है। यह स्ट्रेन अगर आता है तो तीसरी लहर का खतरा काफी बढ़ जाएगा। ऐसे में महत्वपूर्ण यह है कि अनिवार्य रूप से कोविड बचाव नियमों का पालन किया जाए।
- डॉ. अरुणेष कुमार, एचओडी, पारस चेस्ट इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम