Delhi Water Issue: दिल्ली नहीं संभल रही तो हमें दे दो, हरियाणा में ही रहेगा मारुति प्लांट
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम दौरे के दौरान जहां मारुति प्लांट शिफ्टिंग को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा तो दिल्ली में पानी के मुद्दे को लेकर केजरीवाल सरकार पर बरसे...
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मारुति कंपनी का प्लांट हरियाणा में ही रहेगा। उन्होंने कांग्रेस के आरोप का खंडन किया। कांग्रेस ने मारुति का प्लांट गुजरात जाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में मारुति एक बार अपना एक प्लांट गुजरात ले गई थी। इस बात के लिए कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के साथ हमारी बातचीत चल रही है। उन्होंने खरखौदा में भी जमीन देखी है। जितनी बातचीत हमारी हो रही है। उससे वे भी संतुष्ट हैं और हम भी। इसलिए मुझे नहीं लगता कि वे इस प्रकार का कोई काम करेंगे।
निवेश के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत बड़ी कंपनियां गुरुग्राम में तथा प्रदेश के अन्य हिस्सों निवेश कर रही हैं। नए-नए प्रोजेक्ट्स प्रदेश में लग रहे हैं। रोजगार के नाते से भी हरियाणा के लोगों के लिए 75 प्रतिशत रोजगार का प्रावधान किया गया है और हमारे यहां आवश्यकतानुसार लोग नहीं मिलेंगे तो वे बाहर से भी वर्क फोर्स ला सकते हैं।
पानी के विवाद के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को विज्ञापन का चस्का है और कोर्ट ने जितनी मात्रा निर्धारित कर रखी है उतना पानी हरियाणा दिल्ली को दे रहा है।
मुख्य रूप से जहां हरियाणा की 2 करोड़ 90 लाख आबादी है वहीं दिल्ली की आबादी 2 करोड़ है। इस लिहाज से हमें उनसे डेढ़ गुना ज्यादा पानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में जल प्रबंधन की कुव्यवस्था के चलते दिल्लीवासियों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। अगर उनसे दिल्ली नहीं संभल रही तो हमें दे दो, हम संभाल लेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे यहां केस ज्यादा थे और दिल्ली से भी मरीज इलाज के लिए हमारे यहां आ रहे थे।
बैठक में सीएम ने सुलझाए शहर के बड़े मसले
ग्रीवांस कमेटी की मीटिंग में मुख्यमंत्री के निर्देश पर शहर के बड़े मसले सुलझने की उम्मीद बंध गई है। सीएम ने दौलताबाद इंडस्ट्रियल एरिया की समस्या के समाधान के लिए नगर एवं ग्राम योजनाकार विभाग को औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्र अलग-अलग चिह्नित करने के निर्देश दिए।
डेवलपमेंट प्लान में इंडस्ट्रियल एरिया अलग होने के बाद उस क्षेत्र में इंडस्ट्रियल बिल्डिंग प्लान को भी मंजूरी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद दौलताबाद रोड इंडस्ट्रियल एरिया में लगी इंडस्ट्री को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन कुमार जिंदल ने कहा कि दौलताबाद के दोनो तरफ लगभग 300 मीटर एरिया में 1966 से इंडस्ट्री लगी हुईं हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र में 266 इंडस्ट्रियल यूनिट प्रापर्टी टैक्स जमा कर रहीं हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में गलियों में गेट लगाने का मामला रखा।
जिसमें पायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति की मंजूरी के उपरांत ही इस प्रकार के गेट लगाए जा सकते हैं। इस समिति में उपायुक्त के अलावा, एक पुलिस का अधिकारी तथा संबंधित संपदा अधिकारी भी शामिल होंगे। पुराने शहर के लिए भी इसी प्रकार के नियम बनाने के आदेश दिए हैं।
पुराने गुरुग्राम शहर की कॉलोनियों में सुरक्षा के लिहाज से गेट लगाने के लिए नियम बनाए जाएंगे और उपायुक्त की अध्यक्षता में पुलिस का एक अधिकारी तथा आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि को शामिल करते हुए समिति की मंजूरी के उपरांत ही वहां पर गेट इत्यादि लगाए जा सकते हैं।