बड़ा खुलासा: साइबर अपराध की जद में बिहार-झारखंड-बंगाल के आधे से अधिक युवा, कई जगह पूरा का पूरा गांव कर रहा ठगी
इस क्षेत्र के युवा पढ़ने में ठीक होते हैं, लेकिन आगे की पढ़ाई के बजाय वह साइबर अपराध के दलदल में फंस रहे हैं। एक लिंक बनाकर 100 लोगों को भेजते हैं, अगर दिनभर में दो भी फंस गए तो उनकी महीनों की कमाई पर हाथ साफ कर देते हैं।
विस्तार
देशभर में सबसे बेहतर काम करने वाली कमिश्नरेट की साइबर पुलिस ने इस बात का खुलासा किया है कि बिहार और झारखंड से लेकर वेस्ट बंगाल तक के आधे से अधिक युवा साइबर अपराध की जद में आ रहे हैं। हालत यह है कि इन प्रदेशों में कई तो गांव के गांव ही साइबर अपराध को अंजाम देने में लगे हैं।
साइबर पुलिस ने क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी के दो आरोपियों से पूछताछ में इस बात का खुलासा किया कि जहानाबाद, नालंदा, जामताड़ा, गिरीडीह व वेस्ट बंगाल क्षेत्र के लोग इसमें शामिल हैं। साइबर ठगी के पैसे इनके बैंक खातों में गए हैं। ठग इतने शातिर हैं कि वहां के दुकानदार से लेकर पेट्रोल पंप संचालक को भी फंसा लेते हैं। यहां पर साइबर अपराध में सबसे अधिक लोग संलिप्त हैं।
इसके पीछे कारण यह है कि ठगों को बैंक खाता आसानी से मिल जाता है। यहां के ठगों की ओर से ढाबे व चाय की दुकान पर काम करने वालों के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर उसे मात्र पांच से 10 हजार रुपये में खरीद लिया जाता है। इस क्षेत्र के युवा पढ़ने में ठीक होते हैं, लेकिन आगे की पढ़ाई के बजाय वह साइबर अपराध के दलदल में फंस रहे हैं। एक लिंक बनाकर 100 लोगों को भेजते हैं, अगर दिनभर में दो भी फंस गए तो उनकी महीनों की कमाई पर हाथ साफ कर देते हैं।
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि आरोपी के गांव के आसपास के गांवों में विशेषकर जिला नवादा, नालंदा, शेखपुरा कस्बा, वारसलीगंज व बिहार शरीफ कस्बा में काफी संख्या में युवक टावर लगाने, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप की फ्रेंचाइजी, पतंजली, वाहन एजेंसी व अन्य एजेंसी, फ्रेंचाइजी दिलाने व देने के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। आरोपी ने बताया कि इसके इलाके के युवक लोगों के पास मैसेज करके और सोशल मीडिया के माध्यम से टावर लगाने, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप, पतंजली, वाहन एजेंसी व अन्य प्रकार की फ्रेंचाइजी देने के नाम का विज्ञापन डालते हैं और फर्जी सैंक्शन लेटर देकर लोगों से ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं।
देशभर में साइबर अपराध की जांच में बेहतर काम के लिए गृह मंत्रालय की ओर से हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को सम्मानित किया जा चुका है। कमिश्नरेट की पुलिस आठ माह में 798 साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कर 1200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। ठगी के रिकवरी का प्रतिशत भी सबसे अधिक हरियाणा के पास है। जिन पैसों को फ्रीज करा कर वापस लाया गया है।
बिहार व झारखंड के युवा साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। इस बात का खुलासा साइबर अपराध की जांच में हुआ है। - प्रियांशु दीवान, एसीपी साइबर क्राइम, गुरुग्राम।