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गुरुग्राम: बेड खाली न होने की बात कहकर मरीज को भर्ती करने से किया इनकार
Fri, 29 May 2020 01:25 PM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
न्यूज डेस्क अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 29 May 2020 01:25 PM IST
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अस्पताल में बेड सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-9 निवासी एक कोरोना पीड़ित नागरिक पहुंचा था अस्पताल
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जिला उपायुक्त अमित खत्री ने कोरोना मरीजों के समुचित इलाज व देखभाल को लेकर जिले के अस्पतालों को आदेश जारी किया है, बावजूद इसके कोरोना मरीजों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इसी में सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल का नाम भी शामिल हो गया है। दरअसल बुधवार रात को सेक्टर-9 निवासी एक कोरोना पीड़ित नागरिक अस्पताल पहुंचा और उसने डॉक्टरों से खुद को भर्ती किए जाने का आग्रह किया लेकिन डॉक्टरों ने कोविड अस्पताल में बेड खाली न होने की बात कहते हुए मरीज को भर्ती करने से इनकार कर दिया।
उपायुक्त को ट्वीट किया, तब जाकर ईएसआई अस्पताल में भर्ती किया
डॉक्टरों ने मरीज को दवाएं देकर घर भेज दिया। बाद में मरीज की हालत ज्यादा खराब हुई तो उसने जिला उपायुक्त को ट्वीट किया, तब जाकर उसे सेक्टर-9 स्थित ईएसआई अस्पताल में भर्ती किया गया। सेक्टर-9 निवासी कोरोना पीड़ित ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर वह स्वयं ही नागरिक अस्पताल चला गया था। वहीं, इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की कहीं भी अनदेखी नहीं की जा रही है। कोरोना मरीजों को उचित इलाज दिया जा रहा है।
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पूर्व में भी होता रहा है भेदभाव
बता दें कि कोरोना संक्रमितों को अस्पताल प्रबंधन पहले तो भर्ती करने में ही आनाकानी करते हैं और भर्ती कर भी लिया, तो इलाज में लापरवाही बरत रहे हैं। पिछले दिनों आर्टेमिस अस्पताल में भी एक पुलिसकर्मी की परिचित को भर्ती करने से इनकार कर दिया गया था। वहीं, पारस अस्पताल ने पिछले दिनों एक गर्भवती को डिलीवरी के लिए समय देने के बावजूद महिला के कोरोना संक्रमित हो जाने पर भर्ती करने से इनकार कर दिया था।
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दरअसल दिनोंदिन बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए निजी अस्पताल कोरोना संक्रमितों को भर्ती करना जोखिम भरा काम समझ रहे हैं। शहर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत एक कर्मचारी ने बताया कि कोरोना मरीजों को भर्ती करने से रोकने में असफल होने पर कुछ अस्पताल तो अपने कर्मचारियों को निकाल भी चुके हैं।