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आधुनिक विकास परियोजनाओं के साथ हरित विकास भी जरूरी : भूपेंद्र यादव
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अरावली ग्रीन वॉल पार्टनरशिप सम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी समिट में लिया हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दुनिया के नक्शे पर गुरुग्राम तीव्र गति से बढ़ता एक आधुनिक शहर है। इसमें विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के समानांतर हमें हरित क्षेत्र के विकास पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
शुक्रवार को यह बात केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कही। वह गुरुग्राम में आयोजित तीन दिवसीय अरावली ग्रीन वॉल पार्टनरशिप सम्मेलन के दूसरे दिन लोगों को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अरावली पर्वत शृंखला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित आसपास के क्षेत्र को सांस देने के साथ-साथ रेगिस्तान को भी बढ़ने से रोकती है। ऐसे में अरावली के संरक्षण को लेकर सामूहिक प्रयास में हम सभी को अपना योगदान करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ग्रीन अरावली अभियान को लेकर पूर्णतः सक्रिय है, जिसमें अरावली के विभिन्न चिन्हित बिंदुओं पर ईको रेस्टोरेशन का काम भी सफलतापूर्वक किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार द्वारा प्रकृति व जल संरक्षण को लेकर मिशन लाइफ और एक पेड़ मां के नाम जैसे महत्वपूर्ण अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसमें लोगों की बढ़ती सहभागिता ने इसे एक आंदोलन का रूप दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने अरावली क्षेत्र में हो रहे क्षरण पर चिंता जताते हुए कहा कि हमें अरावली क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण को एक चुनौती के रूप में देखना होगा। इसके पहले भूपेंद्र यादव ने हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह और अधिकारियों के साथ अरावली पर्वत स्थित नेचर कैम्प का निरीक्षण किया। जहां अरावली जैव विविधता संरक्षण पहल के तहत जैव विविधता व्याख्या केंद्र, अरावली आर्बरेटम, अरावली मूल प्रजाति नर्सरी की आधारशिला भी रखी। इस दौरान उन्होंने पौधरोपण करने के साथ ही नर्सरी में अरावली प्रजाति से संबंधित वनस्पतियों का बीजारोपण भी किया। राज्य जैव विविधता बोर्ड और द नेचर कंजर्वेंसी इंडिया सॉल्यूशंस (एनसीआईएस) द्वारा संयुक्त तत्वावधान में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात के अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट पर विचार विमर्श करना है।
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हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी समिट में लिया हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दुनिया के नक्शे पर गुरुग्राम तीव्र गति से बढ़ता एक आधुनिक शहर है। इसमें विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के समानांतर हमें हरित क्षेत्र के विकास पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
शुक्रवार को यह बात केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कही। वह गुरुग्राम में आयोजित तीन दिवसीय अरावली ग्रीन वॉल पार्टनरशिप सम्मेलन के दूसरे दिन लोगों को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अरावली पर्वत शृंखला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित आसपास के क्षेत्र को सांस देने के साथ-साथ रेगिस्तान को भी बढ़ने से रोकती है। ऐसे में अरावली के संरक्षण को लेकर सामूहिक प्रयास में हम सभी को अपना योगदान करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ग्रीन अरावली अभियान को लेकर पूर्णतः सक्रिय है, जिसमें अरावली के विभिन्न चिन्हित बिंदुओं पर ईको रेस्टोरेशन का काम भी सफलतापूर्वक किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार द्वारा प्रकृति व जल संरक्षण को लेकर मिशन लाइफ और एक पेड़ मां के नाम जैसे महत्वपूर्ण अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसमें लोगों की बढ़ती सहभागिता ने इसे एक आंदोलन का रूप दिया है।
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केंद्रीय मंत्री ने अरावली क्षेत्र में हो रहे क्षरण पर चिंता जताते हुए कहा कि हमें अरावली क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण को एक चुनौती के रूप में देखना होगा। इसके पहले भूपेंद्र यादव ने हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह और अधिकारियों के साथ अरावली पर्वत स्थित नेचर कैम्प का निरीक्षण किया। जहां अरावली जैव विविधता संरक्षण पहल के तहत जैव विविधता व्याख्या केंद्र, अरावली आर्बरेटम, अरावली मूल प्रजाति नर्सरी की आधारशिला भी रखी। इस दौरान उन्होंने पौधरोपण करने के साथ ही नर्सरी में अरावली प्रजाति से संबंधित वनस्पतियों का बीजारोपण भी किया। राज्य जैव विविधता बोर्ड और द नेचर कंजर्वेंसी इंडिया सॉल्यूशंस (एनसीआईएस) द्वारा संयुक्त तत्वावधान में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात के अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट पर विचार विमर्श करना है।
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