{"_id":"612cdc908ebc3e7a2519a856","slug":"government-cannot-stop-annadata-from-agitation-gurgaon-news-noi601789489","type":"story","status":"publish","title_hn":"अन्नदाता को आंदोलन से रोक नहीं सकती सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अन्नदाता को आंदोलन से रोक नहीं सकती सरकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुग्राम। करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के मामले को लेकर जिले के किसानों में रोष है। मामले को लेकर किसान न सिर्फ लामबंद हो रहे हैं बल्कि आगामी रणनीति को लेकर किसान नेताओं व संगठनों के द्वारा बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है। जिले के अलग-अलग इलाकों में बैठकें कर किसान सरकार के खिलाफ रणनीति व अपने आंदोलन को नए सिरे से धार देने की योजना पर काम कर रहे हैं।
करनाल में किसानों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज की जिले के किसानों ने कड़ी निंदा की है। इसी क्रम में सोमवार को किसानों ने कहा कि लाठीचार्ज कर सरकार अन्नदाता के आंदोलन को कुचल नहीं सकती। उनको आंदोलन करते हुए 6 माह से ज्यादा का समय बीत चुका है और अब हर तरह की परिस्थितियों के लिए वह तैयार हो चुके हैं। किसानों ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों वापस करना ही समस्या के समाधान का एकमात्र विकल्प है। सरकार चाहे जितने भी अलोकतांत्रिक व अमानवीय कदम उठाए, उनका हौसला कम नहीं होगा। किसान नेता पवन कुमार ने कहा कि तानाशाही सरकार के इन कदमों से हम डरने व डिगने वाले नहीं हैं। लाठीचार्ज से ज्यादा हम इस सरकार से किसानों के हित में कुछ करने की उम्मीद भी नहीं करते। सरकार हमारी बात मानती है तो ठीक वरना संघर्ष तो किसान कर रहे हैं।
वहीं जोगिंदर धनखड़ ने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज के बाद कई किसान घायल हैं। आंदोलन को रोकने के लिए के लिए इस तरह की कार्रवाई सरकार पर भारी पड़ेगी।
जबरन थोपे गए तीनों काले कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को तोड़ने के लिए सरकार लाठीचार्ज कर रही है। इससे न तो हमारा हौसला कम होगा और न ही हमारे आंदोलन पर कोई असर पड़ेगा। इसी को लेकर आज किसानों की बड़ी बैठक होगी।
विज्ञापन
- संतोख सिंह, जिला अध्यक्ष संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम
नौकरशाही को इतनी छूट न दी जाए कि कल वह सत्ता के लिए भी समस्या बन जाए। निर्दोष अन्नदाताओं पर किए गए लाठीचार्ज की हम कड़ी भर्त्सना करते हैं। इसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक करेगा, जिसमें आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
- विजय यादव, नेता संयुक्त किसान मोर्चा
विज्ञापन
करनाल में किसानों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज की जिले के किसानों ने कड़ी निंदा की है। इसी क्रम में सोमवार को किसानों ने कहा कि लाठीचार्ज कर सरकार अन्नदाता के आंदोलन को कुचल नहीं सकती। उनको आंदोलन करते हुए 6 माह से ज्यादा का समय बीत चुका है और अब हर तरह की परिस्थितियों के लिए वह तैयार हो चुके हैं। किसानों ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों वापस करना ही समस्या के समाधान का एकमात्र विकल्प है। सरकार चाहे जितने भी अलोकतांत्रिक व अमानवीय कदम उठाए, उनका हौसला कम नहीं होगा। किसान नेता पवन कुमार ने कहा कि तानाशाही सरकार के इन कदमों से हम डरने व डिगने वाले नहीं हैं। लाठीचार्ज से ज्यादा हम इस सरकार से किसानों के हित में कुछ करने की उम्मीद भी नहीं करते। सरकार हमारी बात मानती है तो ठीक वरना संघर्ष तो किसान कर रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं जोगिंदर धनखड़ ने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज के बाद कई किसान घायल हैं। आंदोलन को रोकने के लिए के लिए इस तरह की कार्रवाई सरकार पर भारी पड़ेगी।
जबरन थोपे गए तीनों काले कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को तोड़ने के लिए सरकार लाठीचार्ज कर रही है। इससे न तो हमारा हौसला कम होगा और न ही हमारे आंदोलन पर कोई असर पड़ेगा। इसी को लेकर आज किसानों की बड़ी बैठक होगी।
विज्ञापन
- संतोख सिंह, जिला अध्यक्ष संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम
नौकरशाही को इतनी छूट न दी जाए कि कल वह सत्ता के लिए भी समस्या बन जाए। निर्दोष अन्नदाताओं पर किए गए लाठीचार्ज की हम कड़ी भर्त्सना करते हैं। इसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक करेगा, जिसमें आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
- विजय यादव, नेता संयुक्त किसान मोर्चा