फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Gates and height barriers will be installed to protect the drain from heavy vehicles.

Gurugram News: भारी वाहनों से ड्रेन को बचाने के लिए लगेंगे गेट और हाइट बैरियर

Thu, 24 Sep 2026 01:14 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:14 AM IST
विज्ञापन
Gates and height barriers will be installed to protect the drain from heavy vehicles.
जीएमडीए करेगा सुरक्षा, 71.03 लाख रुपये खर्च
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर की मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन को भारी वाहनों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने कवायद शुरू कर दी है। ड्रेन को पार करने के लिए बने कुछ रास्तों को गेट लगाकर बंद किया जाएगा, जबकि कुछ स्थानों पर हाइट बैरियर लगाए जाएंगे।
इसके लिए जीएमडीए ने लेग-1, लेग-2 और लेग-3 पर आरसीसी वेंटिलेटिंग गेट और हाइट बैरियर लगाने का टेंडर जारी किया है। प्रस्तावित कार्य पर जीएमडीए की ओर से 71.03 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। कार्य में आईएसएमबी स्टील सेक्शन/गर्डर का इस्तेमाल करते हुए आरसीसी वेंटिलेटिंग गेट और हाइट बैरियर लगाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर मास्टर ड्रेन को पार करने के लिए रास्ते बने हुए हैं। इन रास्तों से भारी वाहनों की आवाजाही होने से ड्रेन की संरचना को नुकसान पहुंचने का अंदेशा रहता है। ऐसे स्थानों पर हाइट बैरियर लगाए जाएंगे, ताकि भारी वाहन ड्रेन को पार न कर सकें। वहीं, जिन स्थानों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकना जरूरी है, वहां गेट लगाकर रास्ते बंद किए जाएंगे। यह कार्य करीब पांच-छह जगहों पर किया जाना है। एजेंसी को कार्य आवंटित होने के बाद इसे एक माह में पूरा करना होगा।
विज्ञापन

साइबर सिटी में बरसाती पानी की निकासी के लिए तीन प्रमुख प्राकृतिक नाले हैं। लेग-1 ड्रेन सिकंदरपुर से पालम विहार होते हुए नजफगढ़ ड्रेन तक जाता है। लेग-2 सेक्टर-42 हुडा सिटी सेंटर से नजफगढ़ ड्रेन तक है। वहीं, लेग-3 ड्रेन घाटा गांव से वाटिका चौक, हीरो होंडा चौक और सेक्टर-99 होते हुए नजफगढ़ ड्रेन तक जाता है। इसे बादशाहपुर ड्रेन भी कहा जाता है। इन तीनों नालों के माध्यम से बारिश का पानी नजफगढ़ ड्रेन में पहुंचता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह ने बताया कि मास्टर ड्रेन की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। रास्तों को नियंत्रित करने और भारी वाहनों की आवाजाही रोकने से ड्रेन की संरचना को नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed