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अरावली को पुनर्जीवित करने में जुटा वन विभाग
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गुरुग्राम। अरावली वन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। अरावली को कब्जा मुक्त कराने के साथ ही वन विभाग इसका पुराना स्वरूप लौटाने में जुट गया है। बंजर हो चुका अरावली का बड़ा अब फिर से हरा-भरा और खिला नजर आएगा। वन विभाग ने अरावली को कब्जा मुक्त करने के साथ ही इसके रखरखाव की योजना तैयार की है, जिसके तहत यहां पेड़ पौधे लगाने और वन्य जीवों को भरपूर संरक्षण देने की तैयारी की गई है। इसके लिए दूसरे विभागों की मदद लेगा। इसमें वाइल्ड लाइफ विभाग का बड़ा सहयोग लिया जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर की लाइफ लाइन माने जाने वाली अरावली को फिर से उसकी खोई रंगत में लौटाने के लिए वन विभाग व्यापक पौधा रोपण करेगा। इस कड़ी में वन विभाग लगातार यहां पौधरोपण अभियान चला रहा है। व्यक्तिगत तौर पर और संस्थाओं से भी इसमें सहयोग लिया जा रहा है। अकेले वन विभाग की ओर से अगस्त महीने से अब तक अरावली के एक हिस्से (गुरुग्राम रेंज) में एक लाख के करीब पौधे लगाए जा चुके हैं। इनमें से घाटा-बहरामपुर और मानेसर स्थित अरावली शामिल है। घाटा और बहरामपुर में 25 हजार पौधे लगाए गए हैं तो मानेसर क्षेत्र में 60 हजार तथा बसई-धनकोट की तरफ 20 हजार के करीब पौधे लगाए गए हैं।
कम पानी की खपत वाले पौधे लगाने पर जोर
गुरुग्राम के रेंज अधिकारी कर्मवीर सिंह मलिक ने बताया कि अरावली में इस तरह के पौधे लगाने पर जोर दिया जा रहा है जो कम पानी में भी फल-फूल सकें। ऐसे कई किस्म के पौधे हैं। ये भरपूर ऑक्सीजन देते हैं। विभाग का यही लक्ष्य है कि अरावली को इससे आगे कोई नुकसान न हो। पूरी कार्ययोजना बनाकर काम किया जा रहा है। सबसे पहले अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं। अरावली को पूरी तरह कब्जा मुक्त करने के बाद बड़े स्तर पर इसके रखरखाव की योजना बनाई जाएगी।
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वन्य जीवों के संरक्षण पर हो रहा काम
अरावली में वन्य जीवों के संरक्षण पर भी काम किया जा रहा है। वन विभाग फरीदाबाद रोड पर घाटा गांव और आसपास के क्षेत्र में नौ बड़े तालाब विकसित कर रहा हैं। इसके साथ ही वन्य जीव विभाग 20 तालाब तैयार कर रहा है। इनमें जमा पानी वन्य जीवों की प्यास बुझाएगा। पानी के लिए भटकते हुए वन्य जीवों को आबादी क्षेत्र में आने की जरूरत नहीं होगी। अकसर पानी के लिए आबादी क्षेत्र में वन्य जीवों को देखा जाता है। कई दुर्घटना में इनकी जान भी चली जाती है।
हाइवे क्रासिंग की हो रही व्यवस्था
मानेसर क्षेत्र में अरावली हाइवे के दोनों तरफ है। कई बार हाइवे पार करते समय वन्य जीव दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। उन्हें इस अनहोनी से बचाने के लिए हाइवे पर पुलिया की साफ सफाई कराई जा रही है। ताकि वन्य जीव हाइवे के एक छोर से दूसरे छोर पर आसानी से जा सके हैं। पिछले दिनों मानेसर के पास जेसीबी से पुलिया की सफाई करा दी गई है।
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दिल्ली-एनसीआर की लाइफ लाइन माने जाने वाली अरावली को फिर से उसकी खोई रंगत में लौटाने के लिए वन विभाग व्यापक पौधा रोपण करेगा। इस कड़ी में वन विभाग लगातार यहां पौधरोपण अभियान चला रहा है। व्यक्तिगत तौर पर और संस्थाओं से भी इसमें सहयोग लिया जा रहा है। अकेले वन विभाग की ओर से अगस्त महीने से अब तक अरावली के एक हिस्से (गुरुग्राम रेंज) में एक लाख के करीब पौधे लगाए जा चुके हैं। इनमें से घाटा-बहरामपुर और मानेसर स्थित अरावली शामिल है। घाटा और बहरामपुर में 25 हजार पौधे लगाए गए हैं तो मानेसर क्षेत्र में 60 हजार तथा बसई-धनकोट की तरफ 20 हजार के करीब पौधे लगाए गए हैं।
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कम पानी की खपत वाले पौधे लगाने पर जोर
गुरुग्राम के रेंज अधिकारी कर्मवीर सिंह मलिक ने बताया कि अरावली में इस तरह के पौधे लगाने पर जोर दिया जा रहा है जो कम पानी में भी फल-फूल सकें। ऐसे कई किस्म के पौधे हैं। ये भरपूर ऑक्सीजन देते हैं। विभाग का यही लक्ष्य है कि अरावली को इससे आगे कोई नुकसान न हो। पूरी कार्ययोजना बनाकर काम किया जा रहा है। सबसे पहले अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं। अरावली को पूरी तरह कब्जा मुक्त करने के बाद बड़े स्तर पर इसके रखरखाव की योजना बनाई जाएगी।
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वन्य जीवों के संरक्षण पर हो रहा काम
अरावली में वन्य जीवों के संरक्षण पर भी काम किया जा रहा है। वन विभाग फरीदाबाद रोड पर घाटा गांव और आसपास के क्षेत्र में नौ बड़े तालाब विकसित कर रहा हैं। इसके साथ ही वन्य जीव विभाग 20 तालाब तैयार कर रहा है। इनमें जमा पानी वन्य जीवों की प्यास बुझाएगा। पानी के लिए भटकते हुए वन्य जीवों को आबादी क्षेत्र में आने की जरूरत नहीं होगी। अकसर पानी के लिए आबादी क्षेत्र में वन्य जीवों को देखा जाता है। कई दुर्घटना में इनकी जान भी चली जाती है।
हाइवे क्रासिंग की हो रही व्यवस्था
मानेसर क्षेत्र में अरावली हाइवे के दोनों तरफ है। कई बार हाइवे पार करते समय वन्य जीव दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। उन्हें इस अनहोनी से बचाने के लिए हाइवे पर पुलिया की साफ सफाई कराई जा रही है। ताकि वन्य जीव हाइवे के एक छोर से दूसरे छोर पर आसानी से जा सके हैं। पिछले दिनों मानेसर के पास जेसीबी से पुलिया की सफाई करा दी गई है।