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कोरलवुड सोसाइटी में बोतल बंद पानी पीने को मजबूर हुए निवासी
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गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-91 में बनी कोरलवुड सोसाइटी के लोग बाहर का बोतल बंद पानी पीने को मजबूर हैं। पिछले सप्ताह बोरवेल का दूषित पानी पीने से यहां रह रहे 80 परिवारों के लोगों को डायरिया हो गया था। हालांकि, बच्चों की सेहत में अब सुधार हो रहा है। फिर लोगों में पानी को लेकर डर बैठ गया है। इस बीच पानी के सैंपल की पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दूसरी बार सैंपल भेजा गया है। फिर भी लोगों को पूरी एहतियात बरतने को कहा गया है।
पिछले सप्ताह इतने लोगों के एक साथ डायरिया की चपेट में आने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने सोसाइटी में मौके पर पहुंच बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच की थी। उन्हें दवाइयां आदि भी दी गई थीं। प्रारंभिक जांच में भी वहां दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त होने की बात सामने आई थी। इससे पहले ही लोगों ने सोसाइटी में बोरवेल के पानी का इस्तेमाल बंद कर दिया था। तब से लेकर अब तक लोग बाहर से बोतल बंद पानी मंगवाकर ही पी रहे हैं। हालांकि, रोजाना पानी की बोतलें बाजार से मंगवाने पर उनकी जेब पर असर हो रहा है लेकिन जीवन और स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए लोग मजबूर हैं।
नहरी पानी का इंतजार
आरडब्ल्यूए के प्रधान पूरन सिंह बघेल के अनुसार, पूरा घटनाक्रम बिल्डर को बता दिया गया है। बिल्डर ने सोसाइटी के वाटर टैंक की अच्छे से सफाई करा दी है तथा उसमें क्लोरीन आदि डाल दी गई है। पहली बार पानी का सैंपल फेल हो गया था तो स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा सैंपल जांच के लिए भेजा है। अभी उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। लोगों की सेहत में सुधार है, लेकिन दिल से डर नहीं निकल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सोसाइटी के लोगों को नहरी पानी का बेसब्री से इंतजार है। नहरी पानी की सप्लाई शुरू हुए बिना यहां के हालत नहीं सुधरेंगे। आखिर लोग कब तक बोतल बंद पानी पीते रहेंगे। सबके घरों में आरओ लगा है। अगर नहरी पानी की सप्लाई सुचारू हो गई तो उसे फिल्टर कर उसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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पिछले सप्ताह इतने लोगों के एक साथ डायरिया की चपेट में आने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने सोसाइटी में मौके पर पहुंच बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच की थी। उन्हें दवाइयां आदि भी दी गई थीं। प्रारंभिक जांच में भी वहां दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त होने की बात सामने आई थी। इससे पहले ही लोगों ने सोसाइटी में बोरवेल के पानी का इस्तेमाल बंद कर दिया था। तब से लेकर अब तक लोग बाहर से बोतल बंद पानी मंगवाकर ही पी रहे हैं। हालांकि, रोजाना पानी की बोतलें बाजार से मंगवाने पर उनकी जेब पर असर हो रहा है लेकिन जीवन और स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए लोग मजबूर हैं।
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नहरी पानी का इंतजार
आरडब्ल्यूए के प्रधान पूरन सिंह बघेल के अनुसार, पूरा घटनाक्रम बिल्डर को बता दिया गया है। बिल्डर ने सोसाइटी के वाटर टैंक की अच्छे से सफाई करा दी है तथा उसमें क्लोरीन आदि डाल दी गई है। पहली बार पानी का सैंपल फेल हो गया था तो स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा सैंपल जांच के लिए भेजा है। अभी उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। लोगों की सेहत में सुधार है, लेकिन दिल से डर नहीं निकल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सोसाइटी के लोगों को नहरी पानी का बेसब्री से इंतजार है। नहरी पानी की सप्लाई शुरू हुए बिना यहां के हालत नहीं सुधरेंगे। आखिर लोग कब तक बोतल बंद पानी पीते रहेंगे। सबके घरों में आरओ लगा है। अगर नहरी पानी की सप्लाई सुचारू हो गई तो उसे फिल्टर कर उसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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