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अधिग्रहण से आहत किसानों ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम लिखा सामूहिक ईच्छा मृत्यु का पत्र

Tue, 30 Aug 2022 11:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2022 11:21 PM IST
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farmr strike
गुरुग्राम। जमीन अधिग्रहण से आहत कासन, कुकडोला और सहरावण सहित 25 गांवों के पीड़ित किसानों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। किसानों ने दोनों को पत्र लिखकर अपनी वेदना बताई और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर किसानों को अपने आवास पर बुलाकर अपमानित करने का आरोप लगाया है।
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पत्र में किसानों ने कहा कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने किसानों को चंडीगढ़ आवास पर बुलाकर प्रॉपर्टी डीलिंग करनी चाही। जमीन बचाओ, किसान संघर्ष समिति की ओर से हजारों किसानों के हस्ताक्षर युक्त पत्र में लिखा गया है कि मानेसर तहसील के सामने बीते 70 दिनों से किसान अपनी 1810 एकड़ जमीन बचाने के लिए धरने पर बैठे हैं। इस दौरान छह बार मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। तीन बार तो मुख्यमंत्री ने खुद वार्ता के लिए किसानों को बुलाया है, लेकिन सरकार किसानों के हित में फैसला करने की बजाय जमीन अधिग्रहण की जिद पर अड़ी है। बुधवार को किसान गुरुग्राम में डीसी के मार्फत अपना पत्र राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजेंगे।
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पत्र में किसानों ने कहा कि वर्ष 1997 से उनकी 7800 एकड़ जमीन का मानेसर आईएमटी के लिए सात बार अधिग्रहण हो चुका है। उन्होंने कभी भी विरोध नहीं किया। अब उनके पास परिवार के गुजारे के लिए जोत की बहुत ही कम जमीन बची है। जब से अधिग्रहण शुरू हुआ, गांवों की अधिकांश आबादी ढाणियों में बस गई। अब सरकार उसे भी अधिगृहीत करना चाहती है।
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समिति के अध्यक्ष एवं खेेह गांव के सरपंच रोहतास, वरिष्ठ सदस्य प्रदीप यादव मोकलवास, सत्यदेव सरपंच के अनुसार जब मुख्यमंत्री का वार्ता के लिए बुलाया आया तो किसान कोई अंतिम निर्णय की उम्मीद से खुश थे। लेकिन मुख्यमंत्री ने उनके सामने 16000 रुपये प्रति वर्गगज के हिसाब से 500 गज का प्लाट लेने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने दलील दी कि सरकार उसी प्लाट को 30 हजार में किसानों से खरीदकर उन्हें फायदा पहुंचाएगी। इसके बदले मुख्यमंत्री ने किसानों 91 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की शर्त रखी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह प्रस्ताव सीधे तौर पर प्रॉपर्टी डीलिंग है जिसे किसान प्रतिनिधियों ने उनके सामने ही ठुकरा दिया।

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भाजपा-जजपा नेताओं को नहीं घुसने देंगे गांवों में
मंगलवार को किसानों ने धरना स्थल पर ही सभी गांवों की पंचायत कर भाजपा और और सरकार में उसकी साझीदार जजपा के किसी भी नेता को गांव में नहीं घुसने देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री के गुरुग्राम आगमन के विरोध का फैसला किसान पहले ही कर चुके हैं। पंचायत में किसानों ने यह भी कहा कि वह मुआवजा नहीं उठाएंगे।
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