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भोड़ाकला में ड्रोन फ्लाइंग साइट
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गांव भोड़ाकला के खेतों में बनाए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे नागिरक उड्यान मंत्रालय के संय
- फोटो : Gurgaon
पटौदी/गुरुग्राम। भोड़ाकला गांव में भारत की पहली ड्रोन फ्लाइंग साइट की शुरुआत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (आईजीआरएएस) और आरपीए के सहयोग से शुरू हो गई है। इसके अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए पहले बैच का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। भविष्य में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण भी अनिवार्य होगा।
इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डन विभाग के संयुक्त सचिव मुख्य अतिथि अंबर दूबे ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान वो ड्रोन ही था जो पल-पल लोगों पर नजर रखता रहा। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार, गांवों में जाकर ड्रोन से ही फोटो सहित वीडियो जल्द उपलब्ध कराई गईं थी। यहां पर एक बार में ड्रोन दस गांवों को कवर कर लेता है।
आईजीआरएएससीईओ के सीईओ चिराग शर्मा ने कहा कि अब भविष्य में हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। भोड़ाकला में भारत की पहली ड्रोन फ्लाइंग साइट है। इसके लिए सभी अलग-अलग विभागों में एजेंसी लीगली ट्रेनिंग का कार्यक्रम शुरू करेंगे। इस समय पहला दल उन प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। जो अपने संगठन में ड्रोन पायलटों को डीजीसीए-प्रमाणित आरपीए प्रशिक्षण देंगे। ड्रोन स्काइस्केप को एक महत्वपूर्ण तरीके से बदल रहे हैं। जिसे दुनिया में पहले ही देखा जा चुका है।
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यहां तक कि वाणिज्यिक क्षेत्र में, ड्रोन से काम कर रहे हैं। मूल संरचना, जैसे क्षेत्रों में लागत कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए तेजी से इसका उपयोग किया जा रहा है। विमानन सुरक्षा का उच्च स्तर बनाए रखने के लिए ड्रोन के संचालन के लिए प्रशिक्षण आवश्यक है। ड्रोन की उड़ान के लिए ड्रोन पायलट लाइसेंस शीघ्र ही अनिवार्य हो जाएगा। इस दौरान कैप्टन अनिल, श्रीकृष्ण हिंदू गुप्ता, नेपाल सिंह नंबरदार और भूपेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।
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इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डन विभाग के संयुक्त सचिव मुख्य अतिथि अंबर दूबे ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान वो ड्रोन ही था जो पल-पल लोगों पर नजर रखता रहा। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार, गांवों में जाकर ड्रोन से ही फोटो सहित वीडियो जल्द उपलब्ध कराई गईं थी। यहां पर एक बार में ड्रोन दस गांवों को कवर कर लेता है।
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आईजीआरएएससीईओ के सीईओ चिराग शर्मा ने कहा कि अब भविष्य में हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। भोड़ाकला में भारत की पहली ड्रोन फ्लाइंग साइट है। इसके लिए सभी अलग-अलग विभागों में एजेंसी लीगली ट्रेनिंग का कार्यक्रम शुरू करेंगे। इस समय पहला दल उन प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। जो अपने संगठन में ड्रोन पायलटों को डीजीसीए-प्रमाणित आरपीए प्रशिक्षण देंगे। ड्रोन स्काइस्केप को एक महत्वपूर्ण तरीके से बदल रहे हैं। जिसे दुनिया में पहले ही देखा जा चुका है।
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यहां तक कि वाणिज्यिक क्षेत्र में, ड्रोन से काम कर रहे हैं। मूल संरचना, जैसे क्षेत्रों में लागत कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए तेजी से इसका उपयोग किया जा रहा है। विमानन सुरक्षा का उच्च स्तर बनाए रखने के लिए ड्रोन के संचालन के लिए प्रशिक्षण आवश्यक है। ड्रोन की उड़ान के लिए ड्रोन पायलट लाइसेंस शीघ्र ही अनिवार्य हो जाएगा। इस दौरान कैप्टन अनिल, श्रीकृष्ण हिंदू गुप्ता, नेपाल सिंह नंबरदार और भूपेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।