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Gurugram News: घने कोहरे में लिपटा जिला, वाहनों की रफ्तार थमी
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दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को हुई परेशानी, शनिवार से फिर गिरेगा पारा
ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। बुधवार को सुबह से ही जिला घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। इस दौरान दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहनों की रफ्तार कम रही। वहीं, ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। जिसके कारण लोगों को कंपकपाती ठंड से जूझना पड़ा। लोग ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव का सहारा लेते दिखे। जिले में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को मौसम में कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई है। लेकिन, शनिवार से एक बार फिर पारा गिरने का अनुमान है।
जिले में बुधवार सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ ठंडी हवाओं से हुई। लोगों का कहना है कि बुधवार का दिन सबसे ज्यादा घने कोहरे वाला था। इस दौरान दृश्यता काफी कम होने के कारण वाहन चालकों को दस मीटर तक देखने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में कई जगह छोटे मोटे हादसों की भी सूचना है।
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पशुओं का अधिक ध्यान रखने की है आवश्यकता
अधिकारियों के अनुसार शीत लहर में पशुओं का तापमान कम हो जाता है जिससे उन्हें सांस लेने तकलीफ होने लगती है। इसके अतिरिक्त खांसी व निमोनिया जैसी बीमारियां होने लगती है जिसके कारण पशु खाना पीना छोड़ देते हैं। इसका असर दुग्ध उत्पादन पर भी पड़ता है। विशेषज्ञ पशुओं का विशेष ध्यान रखने व शीत लहर से बचाने की सलाह दे रहे हैं। शीत लहर से बचाव के लिए पशुओं को उचित खुराक, गुड़ व मिनरल मिश्रण अवश्य देना चाहिए।
बेल वाली सब्जियों को हो सकता है नुकसान
कृषि अधिकारियों के अनुसार अधिक कोहरा टमाटर, लौकी व तोरई आदि सब्जियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अगर ज्यादा सर्दी पड़ती है तो इन सब्जियों का आकार प्रभावित हो सकता है। वहीं, गेहूं व सरसों को ठंड से फायदा मिलता है।
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बुजुर्ग व बच्चों का भी रखें ध्यान
अधिक ठंड के कारण बच्चों व बुजुर्गों को अधिक खतरा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार लोगों को सुबह जल्दी व शाम को बाहर निकलने से बचना चाहिए। खास तौर पर बच्चों व बुजुर्ग लोगों के लिए ठंड अधिक नुकसादायक हो सकती है।
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मौसम विभाग ने पहले ही 15 जनवरी से ठंड बढ़ने व कई स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई थी। आने वाले तीन दिनों तक अधिक कोहरा रहने की संभावना है। इस मौसम में फसलों का भी अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता है। -कृष्ण कुमार, मौसम प्रेक्षक- कृषि विज्ञान केंद्र गुरुग्राम
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ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। बुधवार को सुबह से ही जिला घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। इस दौरान दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहनों की रफ्तार कम रही। वहीं, ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। जिसके कारण लोगों को कंपकपाती ठंड से जूझना पड़ा। लोग ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव का सहारा लेते दिखे। जिले में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को मौसम में कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई है। लेकिन, शनिवार से एक बार फिर पारा गिरने का अनुमान है।
जिले में बुधवार सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ ठंडी हवाओं से हुई। लोगों का कहना है कि बुधवार का दिन सबसे ज्यादा घने कोहरे वाला था। इस दौरान दृश्यता काफी कम होने के कारण वाहन चालकों को दस मीटर तक देखने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में कई जगह छोटे मोटे हादसों की भी सूचना है।
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पशुओं का अधिक ध्यान रखने की है आवश्यकता
अधिकारियों के अनुसार शीत लहर में पशुओं का तापमान कम हो जाता है जिससे उन्हें सांस लेने तकलीफ होने लगती है। इसके अतिरिक्त खांसी व निमोनिया जैसी बीमारियां होने लगती है जिसके कारण पशु खाना पीना छोड़ देते हैं। इसका असर दुग्ध उत्पादन पर भी पड़ता है। विशेषज्ञ पशुओं का विशेष ध्यान रखने व शीत लहर से बचाने की सलाह दे रहे हैं। शीत लहर से बचाव के लिए पशुओं को उचित खुराक, गुड़ व मिनरल मिश्रण अवश्य देना चाहिए।
बेल वाली सब्जियों को हो सकता है नुकसान
कृषि अधिकारियों के अनुसार अधिक कोहरा टमाटर, लौकी व तोरई आदि सब्जियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अगर ज्यादा सर्दी पड़ती है तो इन सब्जियों का आकार प्रभावित हो सकता है। वहीं, गेहूं व सरसों को ठंड से फायदा मिलता है।
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बुजुर्ग व बच्चों का भी रखें ध्यान
अधिक ठंड के कारण बच्चों व बुजुर्गों को अधिक खतरा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार लोगों को सुबह जल्दी व शाम को बाहर निकलने से बचना चाहिए। खास तौर पर बच्चों व बुजुर्ग लोगों के लिए ठंड अधिक नुकसादायक हो सकती है।
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मौसम विभाग ने पहले ही 15 जनवरी से ठंड बढ़ने व कई स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई थी। आने वाले तीन दिनों तक अधिक कोहरा रहने की संभावना है। इस मौसम में फसलों का भी अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता है। -कृष्ण कुमार, मौसम प्रेक्षक- कृषि विज्ञान केंद्र गुरुग्राम