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बिल्डर की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन
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गुरुग्राम। सेक्टर-95 स्थित आरओएफ आनंदा सोसाइटी के आवंटियों ने बिल्डर की मनमानी के खिलाफ आरओएफ ग्रुप के सेक्टर-44 स्थित ऑफिस पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा कर शांत किया।
सोसाइटी के आवंटियों की ओर से कहा गया कि बिल्डर ने उन पर एक लाख रुपये ब्याज की राशि ठोक दी है। इस अनैतिक रूप से बढ़ाई गई ब्याज की राशि को तत्काल समाप्त किया जाए।
इसके अलावा बिल्डर 8 फीसदी की दर से जीएसटी भी वसूल रहा है जबकि इसको एक फीसदी होना चाहिए। इसके साथ ही बिल्डर द्वारा अतिरिक्त मीटर चार्ज की भी मांग की जा रही है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि निर्माण कार्य की स्थिति बहुत अस्त-व्यस्त है। ऐसी हालत में बिल्डर को ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) कैसे हासिल हुआ।
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बिल्डर द्वारा कहा गया था कि 60 मीटर चौड़ी सड़क से सोसाइटी में प्रवेश का रास्ता होगा। अब वह 60 मीटर चौड़ी सड़क कहां पर है, यह बताया जाए। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि प्रोजेक्ट अभी भी पूरा नहीं हुआ है ऐसे में बिल्डर के द्वारा पजेशन लेने के लिए क्यों कहा जा रहा है। इसके अलावा कोविड-19 के चलते सरकार ने बिल्डर को अतिरिक्त समय दिया लेकिन इसके बाद भी बिल्डर के द्वारा भुगतान में देरी होने पर ब्याज लिया जा रहा है, जबकि इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जब बिल्डर से सरकार ब्याज नहीं ले रही है तब वह फ्लैट बुक कराने वालों से ब्याज किस आधार पर ले सकता है।
निशुल्क रखरखाव के संबंध में भी बिल्डर पक्ष की ओर से कोई भी स्पष्टीकरण नहीं दिया जा रहा है। बुकिंग के समय जिन जिन सुविधाओं का जिक्र किया गया था, उन सुविधाओं को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
सोसाइटी के लोगों ने कहा है कि प्रोजेक्ट के देरी होने से उन्हें दूसरी जगह पर किराया देकर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही बैंक ने भी स्वीकृत किए गए ऋण की राशि देने में हाथ खड़े कर दिए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने बिल्डर पक्ष और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच मध्यस्थता के बाद आश्वासन दिया कि जल्द ही इन सभी समस्याओं पर विचार करके समाधान सामने रखा जाएगा इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
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सोसाइटी के आवंटियों की ओर से कहा गया कि बिल्डर ने उन पर एक लाख रुपये ब्याज की राशि ठोक दी है। इस अनैतिक रूप से बढ़ाई गई ब्याज की राशि को तत्काल समाप्त किया जाए।
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इसके अलावा बिल्डर 8 फीसदी की दर से जीएसटी भी वसूल रहा है जबकि इसको एक फीसदी होना चाहिए। इसके साथ ही बिल्डर द्वारा अतिरिक्त मीटर चार्ज की भी मांग की जा रही है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि निर्माण कार्य की स्थिति बहुत अस्त-व्यस्त है। ऐसी हालत में बिल्डर को ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) कैसे हासिल हुआ।
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बिल्डर द्वारा कहा गया था कि 60 मीटर चौड़ी सड़क से सोसाइटी में प्रवेश का रास्ता होगा। अब वह 60 मीटर चौड़ी सड़क कहां पर है, यह बताया जाए। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि प्रोजेक्ट अभी भी पूरा नहीं हुआ है ऐसे में बिल्डर के द्वारा पजेशन लेने के लिए क्यों कहा जा रहा है। इसके अलावा कोविड-19 के चलते सरकार ने बिल्डर को अतिरिक्त समय दिया लेकिन इसके बाद भी बिल्डर के द्वारा भुगतान में देरी होने पर ब्याज लिया जा रहा है, जबकि इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जब बिल्डर से सरकार ब्याज नहीं ले रही है तब वह फ्लैट बुक कराने वालों से ब्याज किस आधार पर ले सकता है।
निशुल्क रखरखाव के संबंध में भी बिल्डर पक्ष की ओर से कोई भी स्पष्टीकरण नहीं दिया जा रहा है। बुकिंग के समय जिन जिन सुविधाओं का जिक्र किया गया था, उन सुविधाओं को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
सोसाइटी के लोगों ने कहा है कि प्रोजेक्ट के देरी होने से उन्हें दूसरी जगह पर किराया देकर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही बैंक ने भी स्वीकृत किए गए ऋण की राशि देने में हाथ खड़े कर दिए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने बिल्डर पक्ष और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच मध्यस्थता के बाद आश्वासन दिया कि जल्द ही इन सभी समस्याओं पर विचार करके समाधान सामने रखा जाएगा इसके बाद ही मामला शांत हुआ।