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Gurugram News: मार्केट रेट से मुआवजा न देने पर अदालत ने किया पीडब्यूल्डी कार्यालय सील
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अदालत से
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- 2013 में धनकोट से चंदू बुढ़ेरा तक सड़क चौड़ीकरण करने के लिए याचिकाकर्ता की जमीन का किया था अधिग्रहण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मार्केट रेट से मुआवजा न देने पर जिला अदालत ने सिविल लाइन स्थित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का कार्यालय सील कर दिया है। कार्यालय सील करने के साथ ही अदालत ने अधिकारियों के बैंक खाते भी अटैच कर दिए हैं। पीडब्ल्यूडी ने 2013 में गांव धनकोट से चंदू बुढ़ेरा तक सड़क चौड़ीकरण करने के लिए कि महेंद्र कुमार की जमीन का इस्तेमाल किया था। यह आदेश सिविल जज विशाल की अदालत ने दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई शनिवार को होगी।
अधिवक्ता कनिश बांगिया ने बताया कि 1956 में गांव धनकोट से चंदू जाने के लिए तीन क्रम का रास्ता बनाया था। 2013 में विभाग ने इसको 150 फीट का चौड़ा किया। सड़क को चौड़ा करने के दौरान सड़क के दोनों तरफ उनकी जमीन से सड़क निकाली थी लेकिन उनका मुआवजा नहीं दिया गया। इस पर 2013 में उन्होंने जिला अदालत में याचिका दायर करते हुए मांग की कि उनको जमीन वापस दिलवाई जाए। 2023 में अदालत ने विभाग को आदेश दिया है कि विभाग उनकी जमीन का अधिग्रहण करने का मुआवजा दे।
इसके बावजूद विभाग ने उन्हें मार्केट रेट से मुआवजा नहीं दिया तो उन्होंने अदालत में याचिका दायर की। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान लोकल कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जमीन की इस समय मार्केट वैल्यू आठ से 10 करोड़ है और सर्कल रेट 4.95 करोड़ रुपये है। अदालत के आदेश पर पीडब्ल्यूडी की दूसरी मंजिल को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही आदेश दिया कि अधिकारियों के बैंक खाते अटैच कर दिए जाए। विभाग की तरफ से 3.52 करोड़ रुपये के रेट से किसान को मुआवजा दिया गया था।
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- 2013 में धनकोट से चंदू बुढ़ेरा तक सड़क चौड़ीकरण करने के लिए याचिकाकर्ता की जमीन का किया था अधिग्रहण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मार्केट रेट से मुआवजा न देने पर जिला अदालत ने सिविल लाइन स्थित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का कार्यालय सील कर दिया है। कार्यालय सील करने के साथ ही अदालत ने अधिकारियों के बैंक खाते भी अटैच कर दिए हैं। पीडब्ल्यूडी ने 2013 में गांव धनकोट से चंदू बुढ़ेरा तक सड़क चौड़ीकरण करने के लिए कि महेंद्र कुमार की जमीन का इस्तेमाल किया था। यह आदेश सिविल जज विशाल की अदालत ने दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई शनिवार को होगी।
अधिवक्ता कनिश बांगिया ने बताया कि 1956 में गांव धनकोट से चंदू जाने के लिए तीन क्रम का रास्ता बनाया था। 2013 में विभाग ने इसको 150 फीट का चौड़ा किया। सड़क को चौड़ा करने के दौरान सड़क के दोनों तरफ उनकी जमीन से सड़क निकाली थी लेकिन उनका मुआवजा नहीं दिया गया। इस पर 2013 में उन्होंने जिला अदालत में याचिका दायर करते हुए मांग की कि उनको जमीन वापस दिलवाई जाए। 2023 में अदालत ने विभाग को आदेश दिया है कि विभाग उनकी जमीन का अधिग्रहण करने का मुआवजा दे।
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इसके बावजूद विभाग ने उन्हें मार्केट रेट से मुआवजा नहीं दिया तो उन्होंने अदालत में याचिका दायर की। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान लोकल कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जमीन की इस समय मार्केट वैल्यू आठ से 10 करोड़ है और सर्कल रेट 4.95 करोड़ रुपये है। अदालत के आदेश पर पीडब्ल्यूडी की दूसरी मंजिल को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही आदेश दिया कि अधिकारियों के बैंक खाते अटैच कर दिए जाए। विभाग की तरफ से 3.52 करोड़ रुपये के रेट से किसान को मुआवजा दिया गया था।
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