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कांग्रेस विधायक दे देते इस्तीफा तो गिर जाती गठबंधन सरकार : अभय
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गुरुग्राम। इनेलो ने प्रदेश की एकमात्र सीट ऐलनाबाद के उपचुनाव की घोषणा होते ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में पार्टी के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने अपने गुरुग्राम निवास पर मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि इस बार ऐलनाबाद से इनेलो के उम्मीदवार का फैसला वहां के कार्यकर्ता करेंगे। तीन अक्तूबर को हलके के लोगों को बुलाकर उनसे रायशुमारी कर उम्मीदवार का नाम तय किया जाएगा। कार्यकर्ता जिसका नाम तय करेंगे वह स्वीकार होगा। उन्होंने कांग्रेस पर प्रदेश की गठबंधन सरकार को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके इस्तीफे के साथ अगर कांग्रेस के भी सभी विधायक इस्तीफा दे देते तो भाजपा के नेतृत्व वाली भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार उसी समय गिर जाती और प्रदेश में मध्यावती चुनाव होते।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा पर भाजपा का सहयोगी करार देते हुए कहा कि भाजपा गठबंधन सरकार को बचाने वाले और ऑक्सीजन देने वाले भूपेंद्र हुड्डा हैं, जिन्होंने विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाकर भाजपा गठबंधन को छह महीने के लिए संजीवनी दे दी। इससे उन सत्ताधारियों का डर दूर हो गया और जो दबाव बना था वो हट गया। उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफा देने से आंदोलन पर असर पड़ा और हालात ऐसे पैदा हो गए थे कि भाजपा और जजपा के विधायक जो ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, उन पर दबाव बनना शुरू हो गया था। उस समय कांग्रेस के विधायक भी अगर उनके साथ इस्तीफा दे देते तो आज उपचुनाव नहीं मध्यावति चुनाव होते क्योंकि 31-32 विधायक एक साथ इस्तीफा देते तो भाजपा और जजपा के विधायक भी भारी दबाव में आते और उन्हें भी साथ में इस्तीफा देना पड़ता और भाजपा गठबंधन की सरकार गिर जाती।
फिर से शिखर पर होगी इनेलो
उन्होंने दावा किया कि उपचुनाव के बाद प्रदेश के हालात फिर से बदलेंगे, भाजपा गठबंधन सरकार में भगदड़ मचेगी और सरकार गिरने के कगार पर आ जाएगी। उन्होंने कहा कि ताऊ देवीलाल की जयंती पर पहुंची प्रदेेश की जनता ने यह जता दिया कि जिन लोगों ने इनेलो को खत्म करने का षड्यंत्र रचा था वो मिट्टी में मिल जाएंगे और इनेलो फिर से शिखर पर जाकर खड़ी होगी। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि ऐलनाबाद उपचुनाव में भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के उम्मीदवारों की जमानत जब्त होगी और उन्हें लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव किसी पार्टी का नहीं बल्कि इस बात का होगा कि मतदाता तीन काले कृषि कानूनों की हिमायत करते हैं या उनका विरोध करते हैं। उपचुनाव में बिरेंद्र सिंह को बुलाने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस उपचुनाव में बिरेंद्र सिंह ही नहीं बल्कि सभी नेताओं जो किसान हितैषी हैं, उनको निमंत्रण देते हैं कि वो सभी आकर खुलकर किसानों की लड़ाई लडे़ं।
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उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा पर भाजपा का सहयोगी करार देते हुए कहा कि भाजपा गठबंधन सरकार को बचाने वाले और ऑक्सीजन देने वाले भूपेंद्र हुड्डा हैं, जिन्होंने विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाकर भाजपा गठबंधन को छह महीने के लिए संजीवनी दे दी। इससे उन सत्ताधारियों का डर दूर हो गया और जो दबाव बना था वो हट गया। उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफा देने से आंदोलन पर असर पड़ा और हालात ऐसे पैदा हो गए थे कि भाजपा और जजपा के विधायक जो ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, उन पर दबाव बनना शुरू हो गया था। उस समय कांग्रेस के विधायक भी अगर उनके साथ इस्तीफा दे देते तो आज उपचुनाव नहीं मध्यावति चुनाव होते क्योंकि 31-32 विधायक एक साथ इस्तीफा देते तो भाजपा और जजपा के विधायक भी भारी दबाव में आते और उन्हें भी साथ में इस्तीफा देना पड़ता और भाजपा गठबंधन की सरकार गिर जाती।
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फिर से शिखर पर होगी इनेलो
उन्होंने दावा किया कि उपचुनाव के बाद प्रदेश के हालात फिर से बदलेंगे, भाजपा गठबंधन सरकार में भगदड़ मचेगी और सरकार गिरने के कगार पर आ जाएगी। उन्होंने कहा कि ताऊ देवीलाल की जयंती पर पहुंची प्रदेेश की जनता ने यह जता दिया कि जिन लोगों ने इनेलो को खत्म करने का षड्यंत्र रचा था वो मिट्टी में मिल जाएंगे और इनेलो फिर से शिखर पर जाकर खड़ी होगी। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि ऐलनाबाद उपचुनाव में भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के उम्मीदवारों की जमानत जब्त होगी और उन्हें लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव किसी पार्टी का नहीं बल्कि इस बात का होगा कि मतदाता तीन काले कृषि कानूनों की हिमायत करते हैं या उनका विरोध करते हैं। उपचुनाव में बिरेंद्र सिंह को बुलाने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस उपचुनाव में बिरेंद्र सिंह ही नहीं बल्कि सभी नेताओं जो किसान हितैषी हैं, उनको निमंत्रण देते हैं कि वो सभी आकर खुलकर किसानों की लड़ाई लडे़ं।
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