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ॉफ्टि में 15 मिनट तक फंसा रहा बच्चा, सीसीटीवी कैमरे से देख कर किया रेस्क्यू
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गुरुग्राम। सेक्टर-77 स्थित उमंग विंटर हिल्स सोसाइटी में लिफ्ट में करीब 15 मिनट तक एक बच्चा फंसा रहा। लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में देखने के बाद लोगों को इसका पता चला। इसके बाद बच्चे को लिफ्ट से निकाला जा सका। इस बीच बच्चे ने लिफ्ट खोलने की कोशिश की। उसके उपकरण काम नहीं कर रहे थे। बच्चे का परिवार सोसाइटी के ए-ब्लॉक में पांचवीं मंजिल पर रहता है। बच्चा पांचवीं मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर जा रहा था। इसी दौरान लिफ्ट अटक गई। इस घटना के बाद से सोसाइटीवासियों में काफी रोष है।
सोसाइटी निवासी जसप्रीत ने बताया कि लिफ्ट की शिकायत पहले भी लिफ्ट इंस्पेक्शन से जुड़े विभाग में की थी, मगर समाधान नहीं निकल पाया। कई बार ऐसा पहले भी हुआ है। लिफ्ट अचानक बंद हो जाती है। यह तो संयोग था कि लिफ्ट के भीतर का सीसीटीवी कैमरा चल रहा था। बच्चे ने काफी देर बाद जब लिफ्ट का अलार्म बजाया तो इस घटना का पता चला। सीसीटीवी से पता चला कि बच्चा लिफ्ट से बाहर आने की काफी कोशिश कर रहा था।
मैनेजमेंट टीम को लिफ्ट में फंसे बच्चे को निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच करीब 15 मिनट तक बच्चा लिफ्ट में रहा। लोग इस घटना से सहमे हुए हैं। इस घटना के बाद बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी का रवैया भी निराशाजनक रहा। बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने लिफ्ट की जिम्मेदारी रखरखाव करने वाली एजेंसी को दे दी है। सोसाइटी के एस्टेट मैनेजर राहुल तिवारी ने कहा कि वे इस संबंध में जवाब देने से संबंधित व्यक्ति नहीं है।
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इस संबंध में फ्लैट बायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद राय ने बताया कि उन्होंने पुलिस में शिकायत दी तो उन्होंने उपायुक्त के पास जाने को कहा। तब हमने लिफ्ट डायरेक्टोरेट को शिकायत दी है। सोमवार की घटना से पहले भी यहां लिफ्ट में कई बार परेशानी आई है। लिफ्ट डायरेक्टोरेट ने पहले जब इंस्पेक्शन किया था तो उन्हें बताया गया कि डिवाइस ठीक कर दी गई है। सोसाइटी के 12 टॉवर में 24 लिफ्ट है और इनमें से अधिसंख्य खराब हैं। इनमें यूपीएस से कनेक्शन नहीं था, जिससे बिजली जाने पर 10 सेकेंड में लिफ्ट अपने आप चल जानी चाहिए। मगर ऐसा नहीं किया गया।
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सोसाइटी निवासी जसप्रीत ने बताया कि लिफ्ट की शिकायत पहले भी लिफ्ट इंस्पेक्शन से जुड़े विभाग में की थी, मगर समाधान नहीं निकल पाया। कई बार ऐसा पहले भी हुआ है। लिफ्ट अचानक बंद हो जाती है। यह तो संयोग था कि लिफ्ट के भीतर का सीसीटीवी कैमरा चल रहा था। बच्चे ने काफी देर बाद जब लिफ्ट का अलार्म बजाया तो इस घटना का पता चला। सीसीटीवी से पता चला कि बच्चा लिफ्ट से बाहर आने की काफी कोशिश कर रहा था।
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मैनेजमेंट टीम को लिफ्ट में फंसे बच्चे को निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच करीब 15 मिनट तक बच्चा लिफ्ट में रहा। लोग इस घटना से सहमे हुए हैं। इस घटना के बाद बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी का रवैया भी निराशाजनक रहा। बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने लिफ्ट की जिम्मेदारी रखरखाव करने वाली एजेंसी को दे दी है। सोसाइटी के एस्टेट मैनेजर राहुल तिवारी ने कहा कि वे इस संबंध में जवाब देने से संबंधित व्यक्ति नहीं है।
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इस संबंध में फ्लैट बायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद राय ने बताया कि उन्होंने पुलिस में शिकायत दी तो उन्होंने उपायुक्त के पास जाने को कहा। तब हमने लिफ्ट डायरेक्टोरेट को शिकायत दी है। सोमवार की घटना से पहले भी यहां लिफ्ट में कई बार परेशानी आई है। लिफ्ट डायरेक्टोरेट ने पहले जब इंस्पेक्शन किया था तो उन्हें बताया गया कि डिवाइस ठीक कर दी गई है। सोसाइटी के 12 टॉवर में 24 लिफ्ट है और इनमें से अधिसंख्य खराब हैं। इनमें यूपीएस से कनेक्शन नहीं था, जिससे बिजली जाने पर 10 सेकेंड में लिफ्ट अपने आप चल जानी चाहिए। मगर ऐसा नहीं किया गया।