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अमेरिकन नागरिकों के साथ ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा
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गुरुग्राम पुलिस की गिरफ्त में फर्जी कॉल सेंटर कर्मचारी।
- फोटो : Gurgaon
अमेरिकन नागरिकों के साथ ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा
गुरुग्राम। सेक्टर-37 से गुरुग्राम पुलिस ने सामाजिक सुरक्षा पंजीकरण नंबर बंद होने की चेतावनी देकर अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा गया है। पुलिस के छापे की सूचना के बाद कॉल सेंटर मालिक फरार हो गया, हालांकि पुलिस ने चार युवकों को दबोच लिया जो बीते पांच माह से इस ठगी के गोरखधंधे से लिप्त थे। पुलिस को कॉल सेंटर से 15 हार्ड डिस्क, अमेरिकन भाषा में स्क्रिप्ट, एक लैपटॉप व आई ट्यून व गूगल कार्ड्स बरामद किए है। पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) शशांक कुमार सावन ने बताया कि कॉल सेंटर मालिक की पहचान कर ली गई है जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके अलावा पकड़े गए आरोपी जितेंद्र गिल को एक दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) शशांक कुमार सावन के मुताबिक बीते माह से सेक्टर-37 में फर्जी कॉल सेंटर की सूचना मिली थी। इसी आधार पर साइबर थाना पुलिस की टीम के साथ सेक्टर-37 के प्लॉट नंबर-97 में कॉल सेंटर चलने की पुख्ता सूचना होने के बाद बुधवार को छापा मारा गया। हालांकि कॉल सेंटर का मालिक मौके से फरार हो गया लेकिन योगेश बाबलानी, मिलन सागर, जय जेठानी और जितेंद्र गिल को काबू कर लिया गया।
इस तरह से करते थे वारदात
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास अमेरिका के नागरिकों का डाटा उपलब्ध है। वे सर्वर की मदद से पहले उन्हें अमेरिकी भाषा में बल्क में ईमेल, व्हॉट्स एप, मैसेज के माध्यम से वॉइस संदेश भेजते थे, जिसमें कहा जाता कि उनका सामाजिक सुरक्षा पंजीकरण नंबर बंद कर दिया जाएगा। नागरिकों को डराने के बाद वे कॉल सेंटर से संबंधित विभागीय अधिकारी बनकर उन्हें कॉल करते और कहते कि इसका भुगतान किया जाए। जिसमें क्रेडिट/डेबिट कार्ड के माध्यम से गूगल कार्ड्स और आई ट्यून गिफ्ट नंबर उनसे ले लेते। इन कार्ड्स की मदद से वे इन्हें नकदी करा लेते।
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प्रतिदिन का तय था लक्ष्य
कॉल सेंटर मालिक ने प्रतिदिन की कमाई के लिए टारगेट सेट कर रखा था, जिसमें दो लाख रुपये प्रतिदिन कमाई की जाती थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिस दिन काम कम होता, काम करने वाले कर्मचारियों को कमीशन का लालच देकर ज्यादा काम करवाया जाता था। पुलिस के मुताबिक पांच माह से यह कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था।
वर्जन-
कॉल सेंटर से काफी संख्या में अमेरिकी नागरिकों का डाटा बरामद हुआ है। सभी हार्ड डिस्क को जब्त कर लिया गया है। कॉल सेंटर के मुख्यारोपी को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। - शशांक कुमार सावन, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय)
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गुरुग्राम। सेक्टर-37 से गुरुग्राम पुलिस ने सामाजिक सुरक्षा पंजीकरण नंबर बंद होने की चेतावनी देकर अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा गया है। पुलिस के छापे की सूचना के बाद कॉल सेंटर मालिक फरार हो गया, हालांकि पुलिस ने चार युवकों को दबोच लिया जो बीते पांच माह से इस ठगी के गोरखधंधे से लिप्त थे। पुलिस को कॉल सेंटर से 15 हार्ड डिस्क, अमेरिकन भाषा में स्क्रिप्ट, एक लैपटॉप व आई ट्यून व गूगल कार्ड्स बरामद किए है। पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) शशांक कुमार सावन ने बताया कि कॉल सेंटर मालिक की पहचान कर ली गई है जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके अलावा पकड़े गए आरोपी जितेंद्र गिल को एक दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) शशांक कुमार सावन के मुताबिक बीते माह से सेक्टर-37 में फर्जी कॉल सेंटर की सूचना मिली थी। इसी आधार पर साइबर थाना पुलिस की टीम के साथ सेक्टर-37 के प्लॉट नंबर-97 में कॉल सेंटर चलने की पुख्ता सूचना होने के बाद बुधवार को छापा मारा गया। हालांकि कॉल सेंटर का मालिक मौके से फरार हो गया लेकिन योगेश बाबलानी, मिलन सागर, जय जेठानी और जितेंद्र गिल को काबू कर लिया गया।
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इस तरह से करते थे वारदात
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास अमेरिका के नागरिकों का डाटा उपलब्ध है। वे सर्वर की मदद से पहले उन्हें अमेरिकी भाषा में बल्क में ईमेल, व्हॉट्स एप, मैसेज के माध्यम से वॉइस संदेश भेजते थे, जिसमें कहा जाता कि उनका सामाजिक सुरक्षा पंजीकरण नंबर बंद कर दिया जाएगा। नागरिकों को डराने के बाद वे कॉल सेंटर से संबंधित विभागीय अधिकारी बनकर उन्हें कॉल करते और कहते कि इसका भुगतान किया जाए। जिसमें क्रेडिट/डेबिट कार्ड के माध्यम से गूगल कार्ड्स और आई ट्यून गिफ्ट नंबर उनसे ले लेते। इन कार्ड्स की मदद से वे इन्हें नकदी करा लेते।
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प्रतिदिन का तय था लक्ष्य
कॉल सेंटर मालिक ने प्रतिदिन की कमाई के लिए टारगेट सेट कर रखा था, जिसमें दो लाख रुपये प्रतिदिन कमाई की जाती थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिस दिन काम कम होता, काम करने वाले कर्मचारियों को कमीशन का लालच देकर ज्यादा काम करवाया जाता था। पुलिस के मुताबिक पांच माह से यह कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था।
वर्जन-
कॉल सेंटर से काफी संख्या में अमेरिकी नागरिकों का डाटा बरामद हुआ है। सभी हार्ड डिस्क को जब्त कर लिया गया है। कॉल सेंटर के मुख्यारोपी को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। - शशांक कुमार सावन, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय)