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Gurugram News: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से पहले वाहन चलाने का लेना होगा प्रशिक्षण
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पोर्टल पर लर्निंग लाइसेंस की प्रति के साथ वाहन चलाने का प्रशिक्षण पत्र जमा कराना अनिवार्य
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। गाड़ी चलाने के लिए लाइसेंस बनवाने वालों को अब वाहन चलाने का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। सभी एसडीएम अपने सरल केन्द्र पर वाहन चलाने का टेस्ट देने के लिए आने वालों से प्रशिक्षण के साथ वाहन चलाने वाले स्कूल का प्रशिक्षण पत्र मांग रहे हैं। सोमवार से यह व्यवस्था लागू हो गई है, जिसके बाद इक्का-दुक्का लाइसेंस का आवेदन स्वीकार किया जा रहा है।
पोर्टल पर फीस कटने के बाद आवेदन हो जाता है, मगर उसके बाद अप्रूवल नहीं होता, जिसके कारण लोगों के आवेदन निरस्त हो रहे हैं। एक सरल केन्द्र पर औसतन 150 वाहन लाइसेंस बनता होगा। अब लाइसेंस के टेस्ट देने तो लोग आ रहे हैं। टेस्ट में पास होने के बाद प्रशिक्षण केन्द्र की पर्ची मांग रहे हैं। जिन लोगों ने कार चलाने का प्रशिक्षण लिया है, उनके लिए तो यह आसान है और उनकी ओर से आवेदन किया जा रहा है। जिन लोगों ने यह प्रशिक्षण लिया होगा, उनका ही लाइसेंस बनेगा। इससे वाहन दुर्घटना भी कम होगी। कई बार केवल पहचान पत्र बनवाने के चक्कर में गाड़ी न चलाने वाले भी लाइसेंस बनवा लेते हैं। बादशाहपुर, सोहना, गुरुग्राम व पटौदी के सरल केन्द्र में एक हजार से अधिक लर्निंग लाइसेंस धारक ऐसे हैं, जिनके लर्निंग का समय पूरा हो चुका है, उनको कार चलानी आती है। कार चलाने का ट्रायल भी पास कर चुके हैं। मगर उनके पास किसी ड्राइविंग लाइसेंस स्कूल का सर्टिफिकेट नहीं है।
प्रशिक्षण देने वाला होना चाहिए रजिस्टर्ड
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रशिक्षण देने वालों का जिला प्रशासन के पास रजिस्ट्रेशन होता है। इससे अवैध तरीके से प्रशिक्षण देने वालों की दुकान बंद होगी। प्रशासन की ओर से अभी इस तरह का प्रशिक्षण देने वालों के लाइसेंस बहुत कम हैं। नई व्यवस्था लागू करने में थोड़ी परेशानी आ रही है, मगर इससे भ्रष्टाचार समाप्त होगा।
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सरकार की ओर से लिए गए फैसले के आधार पर सभी एसडीएम को सरल केन्द्र के पोर्टल पर नई व्यवस्था को लागू करने का निर्देश जारी किया गया है। एसडीएम कार्यालय में पारदर्शिता को देखते हुए किसी भी तरह की परेशानी से निपटने के लिए इस व्यवस्था को लागू कराया जा रहा है। - निशांत यादव, उपायुक्त, गुरुग्राम।
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मयंक तिवारी
गुरुग्राम। गाड़ी चलाने के लिए लाइसेंस बनवाने वालों को अब वाहन चलाने का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। सभी एसडीएम अपने सरल केन्द्र पर वाहन चलाने का टेस्ट देने के लिए आने वालों से प्रशिक्षण के साथ वाहन चलाने वाले स्कूल का प्रशिक्षण पत्र मांग रहे हैं। सोमवार से यह व्यवस्था लागू हो गई है, जिसके बाद इक्का-दुक्का लाइसेंस का आवेदन स्वीकार किया जा रहा है।
पोर्टल पर फीस कटने के बाद आवेदन हो जाता है, मगर उसके बाद अप्रूवल नहीं होता, जिसके कारण लोगों के आवेदन निरस्त हो रहे हैं। एक सरल केन्द्र पर औसतन 150 वाहन लाइसेंस बनता होगा। अब लाइसेंस के टेस्ट देने तो लोग आ रहे हैं। टेस्ट में पास होने के बाद प्रशिक्षण केन्द्र की पर्ची मांग रहे हैं। जिन लोगों ने कार चलाने का प्रशिक्षण लिया है, उनके लिए तो यह आसान है और उनकी ओर से आवेदन किया जा रहा है। जिन लोगों ने यह प्रशिक्षण लिया होगा, उनका ही लाइसेंस बनेगा। इससे वाहन दुर्घटना भी कम होगी। कई बार केवल पहचान पत्र बनवाने के चक्कर में गाड़ी न चलाने वाले भी लाइसेंस बनवा लेते हैं। बादशाहपुर, सोहना, गुरुग्राम व पटौदी के सरल केन्द्र में एक हजार से अधिक लर्निंग लाइसेंस धारक ऐसे हैं, जिनके लर्निंग का समय पूरा हो चुका है, उनको कार चलानी आती है। कार चलाने का ट्रायल भी पास कर चुके हैं। मगर उनके पास किसी ड्राइविंग लाइसेंस स्कूल का सर्टिफिकेट नहीं है।
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प्रशिक्षण देने वाला होना चाहिए रजिस्टर्ड
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रशिक्षण देने वालों का जिला प्रशासन के पास रजिस्ट्रेशन होता है। इससे अवैध तरीके से प्रशिक्षण देने वालों की दुकान बंद होगी। प्रशासन की ओर से अभी इस तरह का प्रशिक्षण देने वालों के लाइसेंस बहुत कम हैं। नई व्यवस्था लागू करने में थोड़ी परेशानी आ रही है, मगर इससे भ्रष्टाचार समाप्त होगा।
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सरकार की ओर से लिए गए फैसले के आधार पर सभी एसडीएम को सरल केन्द्र के पोर्टल पर नई व्यवस्था को लागू करने का निर्देश जारी किया गया है। एसडीएम कार्यालय में पारदर्शिता को देखते हुए किसी भी तरह की परेशानी से निपटने के लिए इस व्यवस्था को लागू कराया जा रहा है। - निशांत यादव, उपायुक्त, गुरुग्राम।