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Gurugram News: मानेसर के बाद गुरुग्राम नगर निगम कूड़ा निस्तारण भी विवाद के घेरे में

Mon, 12 May 2025 12:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 12 May 2025 12:21 AM IST
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After Manesar, Gurugram Municipal Corporation's garbage disposal is also in the midst of controversy
कूड़े का नहीं हो रहा ठीक से उठान, बारिश के बाद सफाई की खुलेगी पोल
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम मानेसर में कूड़ा विवाद अभी सुलझा नहीं था कि गुरुग्राम नगर निगम की सफाई व्यवस्था जांच के घेरे में है। पर्यावरण व उद्योग मंत्री की ओर से बैठक में उठाए गए सवाल से विवाद खड़ा हो गया।
उन्होंने सफाई एजेंसी व सुपरसकर की ओर से की जा रही सफाई के नाम पर फर्जी बिंलिग को लेकर आरडब्ल्यूए को बीच में लाने की बात कही है। हल्की सी बारिश के बाद शहर की सफाई का क्या हाल होगा, इस पर भी हल निकालने को कहा है। सफाई व्यवस्था को लेकर गुरुग्राम से विधायक मुकेश शर्मा ने सौ दिन में शहर को स्वच्छ बनाने का दावा किया था। इसके बावजूद अभी हालात बदले नहीं हैं। अब उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी दो दिन पहले निगम अधिकारियों के साथ बैठक में स्वीपिंग मशीन व सुपरसकर मशीनों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों से मशीनों की संख्या व उनके रूट की जानकारी ली है। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था की निगरानी और जांच संबंधित क्षेत्र की आरडब्ल्यूए से करवाने की बात कही थी। बंधवाड़ी में कूड़ा निस्तारण की डेडलाइन 20 जुलाई है। जिस हिसाब से ग्रीन टेक और आदर्श भारत एजेंसी धीमा निस्तारण कर रही है, उसको देखकर लगता नहीं है कि 12 लाख टन में से आधा कूड़ा भी खत्म कर पाएंगे।
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स्वीपिंग मशीनों पर हर महीने 1.15 करोड़ खर्च
वर्ष 2020 में गुरुग्राम नगर निगम को 15 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें मिली थीं। वीएन इंजीनियरिंग एजेंसी इनका संचालन और रखरखाव कर रही है। इन मशीनों को शहर की मुख्य सड़कों पर चलाया जा रहा है। मशीनों को सिर्फ सड़कों पर घुमाया जाता है। टूटी सड़कों पर या वैसे भी कई बार इनके नीचे लगे ब्रश को सड़क पर घुमाया ही नहीं जाता। 45 लाख रुपये का डीजल हर महीने स्वीपिंग मशीनें पी रही हैं। 4 लाख 70 हजार रुपये प्रत्येक मशीन प्रति महीना अलग से भुगतान किया जा रहा है। हर महीने एक करोड़ 15 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान मशीनों के लिए वीएन इंजीनियरिंग एजेंसी को हो रहा है। बावजूद इसके शहर में कूड़ा उठान की समस्या का हल होता नहीं दिख रहा है। मानेसर नगर निगम में कूड़े के ठेके में अधिकारियों की मिलीभगत के बाद गुरुग्राम में नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत पर एंटी करप्शन ब्यूरो की नजर है। यह देखा जा रहा है कि टेंडर के आवंटन से लेकर उनके काम की देखरेख की भूमिका ठीक है अथवा नहीं। एसीबी की ओर से सुपरसकर मशीन से हो रही सफाई पर भी नजर रखी जा रही है।
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वर्जन
सफाई व्यवस्था को ठीक करने के लिए संबंधित ठेकेदारों व उनसे संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की जा चुकी है। कूड़ा निस्तारण व सफाई में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप दहिया, नगर निगम आयुक्त
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