{"_id":"e436d302fb8513b98faf052c17363ef4","slug":"gurgaon-students-would-give-salute-to-barak-obama-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर सिटी के छात्र ओबामा को देंगे सलामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर सिटी के छात्र ओबामा को देंगे सलामी
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 14 Jan 2015 08:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर शहर के प्रशांत यादव अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को सलामी देंगे। द्रोणाचार्य कॉलेज के बीएससी नॉन मेडिकल का द्वितीय वर्ष का छात्र फिलहाल पंजाब में राजपथ पर दोनों देश के राष्ट्रपति को सलामी देने के लिए तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
प्रशांत का चयन आखिरी दौर में होने से कॉलेज प्रबंधन और घर में खुशी का माहौल है। सेक्टर-14 के गर्वमेंट गर्ल्स कॉलेज में बतौर लाइब्रेरियन रणबीर सिंह कहते हैं, अगर बेटा राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रणव मुखर्जी को सलामी देंगे तो इससे अधिक गौरव का क्षण क्या होगा? अभी फिलहाल वह ट्रेनिंग ले रहा है।
विज्ञापन
राजकीय द्रोणाचार्य कॉलेज के एनसीसी विंग के प्रभारी सुशील बताते हैं कि इस बार दो छात्र बीएससी नॉन मेडिकल द्वितीय वर्ष के छात्र गौरव राघव और प्रशांत का चयन हुआ है। लेकिन केवल एक छात्र ही अंतिम राउंड तक पहुंच पाया है। अंतिम राउंड में पहुंचने के बाद परेड के लिए तैयारी करते हैं। कई बार अंतिम समय में परेड में भी जगह नहीं मिलती है। 24 जनवरी को इस बारे में अंतिम फैसला होता है।
विज्ञापन
पहले भी हो चुके हैं शामिल
द्रोणाचार्य कॉलेज के छात्र पहले भी राजपथ पर देश के राष्ट्रपति और मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचने वाले दूसरे देश के मुखिया को सलामी दे चुके हैं। साल 2014 में भी इस कॉलेज से आशीष राघव को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया था। छात्रा मनीषा भी राजपथ में परेड दे चुकी है।
कैसे होता है चयन
एनसीसी के प्रत्येक निदेशालय से 101 कैडेट का चयन किया जाता है। छंटनी के बाद पूरे भारत के 17 निदेशालय से कुल 120 कैडेट गणतंत्र दिवस के परेड के लिए चयनित होते हैं। जो राष्ट्रपति को सलामी देते हैं।
अक्तूबर से लेकर 24 जनवरी तक कैंप का सिलसिला जारी रहता है। कड़े प्रशिक्षण के बाद उन्हें राजपथ पर सलामी के लिए तैनात करते हैं। इसके बाद गार्ड ऑफ ऑनर के तहत इन्हें विदेश भ्रमण का मौका दिया जाता है।