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क्रिसमस के रंग में रंगी साइबर सिटी
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 26 Dec 2013 03:12 PM IST
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साइबर सिटी पूरी तरह से क्रिसमस के रंग में रंग गई है। हर तरफ उल्लास और उत्साह का वातावरण है। यहां क्रिसमस किसी एक वर्ग या समुदाय का पर्व नहीं रहा, बल्कि हर कोई इसे बड़े चाव से सेलीब्रेट करने की तैयारी में जुटा हुआ है।
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बच्चों में इसे लेकर सबसे अधिक क्रेज दिखाई दे रहा है। मॉल्स में कार्निवल का माहौल बना हुआ है। क्रिसमस को यादगार बनाने के लिए मॉल्स, गिरिजाघरों और घरों को दुल्हन की तरह सजाया गया है।
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इसकी पूर्व संध्या पर शहर के सभी गिरिजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं का दौर शुरू होगा। कई दिनों से कैरोल सिंगिंग मंडलियां घर-घर जाकर प्रभु यीशू का गुणगान कर रही हैं।
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गुड़गांव के एमजी रोड स्थित सभी मॉल्स में चल रहा क्रिसमस कार्निवल सभी को अपनी ओर अट्रैक्ट कर रहा है।
चर्च ऑफ द इप्पिफनी के इंचार्ज सुनील एस गजन बताते हैं कि क्रिसमस जितना धार्मिक है, उतना ही यह सामाजिक पर्व भी है। इस मौके पर व्यावसायिक गतिविधियां भी चरम पर पहुंच जाती हैं। बाजार इस पर्व को खूब भुनाता है।
धार्मिक अर्थों में लिया जाए तो यह पर्व फैमिली री-यूनियन (पारिवारिक एकीकरण) का है। बाहर जहां कहीं भी लोग रहते हैं वह क्रिसमस के मौके पर एकत्र होते हैं।
क्रिसमस ट्री की है इम्पॉटेंस
ईसाई धर्म के जानकार सैमुअल आशीष जैकब के अनुसार, क्रिसमस ट्री का धार्मिक महत्व है।
जब यीशू का जन्म हुआ तो उनके माता-पिता को बधाई देने पहुंचे देवताओं ने उन्हें एक सदाबहार फर को सितारों में सजाकर दिया।
उसी दिन से हर साल सदाबहार फर के पेड़ को क्रिसमस ट्री के प्रतीक के रूप में सजाया जाता है। इसे सजाने की परंपरा जर्मनी में 10वीं शताब्दी में शुरू हुई। इसकी शुरुआत करने वाला पहला व्यक्ति बोनिफेंस टुयो अंग्रेज धर्म प्रचारक था।
चर्च में होंगे प्रोग्राम
सभी के सभी चर्चों में मंगलवार को मिड नाइड सर्विस का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम रात 11 बजे आरंभ हो जाएगा। वहीं 25 दिसंबर को क्रिसमस डे फर्स्ट सर्विस सुबह 8:30 बजे से और क्रिसमस डे सेकेंड सर्विस सुबह 10 बजे शुरू होगी।
इन केकों की है अधिक डिमांड
चॉकलेट, चॉकलेट पुडिंग विद आमंड, मैदा-वनिला, क्रिसमस स्पेशल प्लम, मिल्क मेड-कोको, डिलिशियत, क्रीमी स्ट्रॉबेरी, एप्पल, ऑरेंज आदि।