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सुप्रीम कोर्ट से गुड़गांव पुलिस को बड़ी राहत
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 18 Feb 2016 01:26 PM IST
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दस दिन पहले गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के मुंबई में हुए एनकाउंटर मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने गुड़गांव पुलिस को बड़ी राहत दी। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने के मुंबई हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया।
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साथ ही गाड़ौली के परिजनों के साथ गुड़गांव और मुंबई पुलिस के पक्ष को भी सुनने का आदेश दिया। इधर, अब तक गाड़ौली के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है।
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मुंबई हाईकोर्ट ने संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर मामले में उसके परिजनों की याचिका पर एनकाउंटर करने वाली टीम और साजिशकर्ताओं के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
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बताया गया है कि इसमें क्राइम ब्रांच की आठ सदस्यों की टीम के साथ जेल में बंद गैंगस्टर बिंदर गुर्जर और पुलिस आयुक्त पर केस दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। इस आदेश के खिलाफ सोमवार को गुड़गांव पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
पुलिस की ओर से मुकुल रोहतगी ने कहा था कि एनकाउंटर मामले में पुलिस आयुक्त और पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज हुआ तो पुलिस की छवि खराब होगी।
पुलिस के लिए मुकुल रोहतगी बने सहारा
गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर मामले में दो राज्यों के बीच उलझी गुड़गांव पुलिस के लिए अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया मुकुल रोहतगी बड़ा सहारा बने।
मुंबई हाईकोर्ट के आदेश के बाद भंवर में फंसी गुड़गांव पुलिस को बचाने के लिए राजनीतिक दांव भी खेला गया। सूत्रों का कहना है कि अगर पुलिस आयुक्त और एनकाउंटर करने वाली टीम पर एफआईआर होती तो यह राज्य सरकार के लिए बदनामी का सबब बन जाता।
ऐसे में ‘खाकी’ को संभालने के लिए ‘खादी’ भी सहयोग में उतरी। बताया गया कि इस मामले में रातोंरात राज्य सरकार ने केंद्र से संपर्क कर बड़ा वकील पेश करवाने की योजना बनाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में गुड़गांव पुलिस की ओर से मोर्चा संभाला। मामले को संभालने के लिए प्रदेश सरकार जी जान से लगी है।
आमतौर पर अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया बहुत बड़े मामलों को लेकर कोर्ट में प्रस्तुत होते हैं। गुड़गांव पुलिस के इतिहास में पहली बार इतने बड़े वकील किसी केस में उनका कवच बने।
जानकारों की मानें तो इसके पीछे राजनीतिक कनेक्शन ने खास भूमिका निभाई। हालांकि इस मुद्दे पर पुलिस आयुक्त बोलने को तैयार नहीं हैं। पुलिस ने गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर के तुरंत बाद डीसीपी क्राइम को मुंबई भेज दिया था।
पुलिस को इस बात का अंदेशा था कि मामला उलझेगा। मुंबई में जाकर गुड़गांव पुलिस की टीम पल-पल पूरे प्रकरण पर नजर रख रही है। गैंगस्टर के परिजन जब शुक्रवार को मुंबई हाईकोर्ट गए तो उसके बाद ही पुलिस आयुक्त ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया।
जब मुंबई हाईकोर्ट में बहस चल रही थी तो गुड़गांव पुलिस सुप्रीम कोर्ट के लिए अपनी याचिका तैयार करा चुकी थी। इसीलिए सोमवार को वहां से फैसला आते ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाल दी गई। इसीलिए टीम पर मामला दर्ज नहीं हो पाया।
अमर उजाला ने मुंबई पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद पहले ही इस बात का खुलासा किया था कि सुप्रीम कोर्ट में मामला रद्द होने के बाद गुड़गांव पुलिस पर केस दर्ज होने का खतरा टल जाएगा।
संदीप के पास मिली पिस्तौल की जांच में जुटी एसआईटी
मुंबई में हुए एनकाउंटर के दौरान गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के पास मिली पिस्तौल की जांच में एसआईटी जुटी है। एसआईटी को जानकारी मिली है कि गैंगस्टर के पास मिला हथियार कहीं से लूटा गया था, जिसके बारे मं जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा होगा। एसआईटी प्रभारी एसीपी अवधुत चौहान ने बताया कि एनकाउंटर मामले में गैंगस्टर के पास मिली पिस्तौल अहम है। इसकी जांच चल रही है।