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अतीत से गुड़गांव को मिली नई पहचान, द्रोणाचार्य के नाम पर कहलाएगा गुरूग्राम

Wed, 13 Apr 2016 07:03 PM IST
ओम प्रकाश/अमर उजाला, गुड़गांव
ओम प्रकाश/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Wed, 13 Apr 2016 07:03 PM IST
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Gurgaon city of Haryana called in the name of Guru Dronacharya Gurugram
गुरूग्राम

अंग्रेजी के मशहूर साहित्यकार विलियम शेक्सपीयर ने कहा था कि नाम में क्या रखा है। लेकिन यहां तो नाम के नाम पर सियासत तक होती है। मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और बंगलूरू के बाद अब उत्तर भारत के मशहूर औद्योगिक हब गुड़गांव का भी नाम बदल गया है। अब यह गुरु द्रोणाचार्य के नाम पर गुरुग्राम कहलाएगा। यह इसका प्राचीन नाम है।

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हिंदूवादी नेता और आरएसएस से जुड़े लोग कहते हैं कि मुगल काल और ब्रिटिश हुकूमत के वक्त इसका नाम बदल दिया गया था। सैकड़ों साल बाद इस शहर के नाम के साथ न्याय हुआ है। आरएसएस के लोग तो पहले से ही गुरुग्राम लिखते आए हैं। जबकि शिक्षाविद् कहते हैं कि नाम तो गुरुग्राम ही था लेकिन समय के साथ बदलते-बदलते गुड़गांव और गुड़गांवा तक हो गया था।
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अपने सॉफ्टवेयर, ऑटोमोबाइल और गारमेंट सेक्टर के काम के लिए दुनिया भर में मशहूर यह शहर अब अपने नए नाम से जाना, पहचाना जाएगा। बताया जाता है कि महाभारत काल में गुरु द्रोणाचार्य धनुष विद्या सिखाते थे।

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यहां पर कौरवों और पांडवों ने धनुष विद्या सीखी थी

Gurgaon city of Haryana called in the name of Guru Dronacharya Gurugram
गुड़गांव

यहां पर कौरवों और पांडवों ने धनुष विद्या सीखी थी। उसी जगह पर अर्जुन नगर, भीम नगर स्थित है। द्रोणाचार्य कॉलेज बना है। यहां पर एकलव्य और गुरु द्रोणाचार्य दोनों के मंदिर हैं। इसलिए गुरुग्राम नाम करने के लिए लंबे समय से यहां के लोग संघर्ष कर रहे थे।

शहर के लोगों ने इसका नाम बदलने को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था। टीवी सीरियल महाभारत में द्रोणाचार्य की भूमिका निभाने वाले सुरेंद्र पाल के साथ मिलकर भी इस अभियान को गति दी गई। शिक्षाविद् डॉ. अशोक दिवाकर का कहना है कि राज्य सरकार ने गुड़गांव को इसके 4000 साल पुराने महाभारतकालीन अतीत से जोड़ दिया है।

-डिप्टी मेयर परमिंदर कटारिया का कहना है कि वह पिछले एक दशक से जिले का नाम बदलवाने की वकालत कर रहे थे। 6 अगस्त 2014 को नगर निगम सदन में नाम बदलने को लेकर प्रस्ताव रखा गया था, जिसे सभी पार्षदों की सहमति से पास कर सरकार के पास भेजा था। शहरवासियों की आवाज को सरकार ने गंभीरता से लिया।

नाम बदला तो शुरू हो गई राजनीति

Gurgaon city of Haryana called in the name of Guru Dronacharya Gurugram
गुड़गांव

निश्चित तौर पर गुड़गांव एक ब्रांड हैं। लेकिन नाम बदलने से न तो इसको फायदा होने वाला है और न ही नुकसान। क्योंकि हमने इससे पहले बांबे से मुंबई, मद्रास से चेन्नई, कलकत्ता से कोलकाता और बंगलोर से बंगलूरू होते देखा है। इन शहरों की ब्रांड इमेज को कोई नुकसान नहीं हुआ है। गुड़गांव को भी नुकसान नहीं होगा।
-राजीव चावला, चेयरमैन, आईएमएमएसएमई ऑफ इंडिया

सरकार लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। नाम बदलने से क्या होने वाला है। अगर कुछ बदलना है तो इस शहर के खराब इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलो।

यहां की सड़कों की हालत खराब है, सीवरेज व्यवस्था ठीक नहीं है और कई क्षेत्रों में लोग पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। सरकार को सिर्फ नाम की पड़ी है।
-अभय जैन, आम आदमी पार्टी

सरकार की मजबूरी है ब्रांड गुड़गांव

Gurgaon city of Haryana called in the name of Guru Dronacharya Gurugram

-गुड़गांव इस समय दुनियाभर में एक बड़े औद्योगिक शहर के रूप में जाना जाता है, जिसकी सक्सेस स्टोरी पिछले दो दशक में लिखी गई है। यह इस समय एक ब्रांड है, जहां 15 हजार विदेशी रहते हैं। औद्योगिक हैसियत में हरियाणा का कोई भी शहर इसके सामने नहीं टिकता।

सरकार को किसी भी देश से यहां निवेश करवाना है तो उस देश के प्रतिनिधिमंडल को गुड़गांव दिखाना मजबूरी है। इसी को शोकेस करके सरकार ने पिछले दिनों ग्लोबल इन्वेस्टर समिट करवाई।

गगनचुंबी इमारतें, चौड़ी सड़कों, हाईवे, परिवहन के अत्याधुनिक साधनों और प्रति व्यक्ति आय में इस शहर के आसपास हरियाणा का कोई भी औद्योगिक नगर नहीं टिकता। हालांकि सरकार ने इसे स्मार्ट सिटी की सूची में डलवाने लायक तक नहीं समझा था। अब सीएम इस पर सफाई दे रहे हैं।

एक नजर में जान लीजिए क्यों खास है गुड़गांव

Gurgaon city of Haryana called in the name of Guru Dronacharya Gurugram
गुड़गांव शहर

-प्रति व्यक्ति आय: 4.46 लाख
वर्तमान जनसंख्या: 2,376,324
शिक्षा दर: 84.4 फीसदी

-प्रदेश से होने वाले कुल एक्सपोर्ट में 62.5 फीसदी है गुड़गांव का योगदान।
-पिछले एक-दो दशक में प्रदेशभर में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिसमें से करीब 3.5 लाख करोड़ गुड़गांव में हुआ है।
-मनोरंजन कर में है 55 फीसदी शेयर।
ढाई सौ फॉर्च्यून 500’ कंपनियों वाले इस शहर में जापान, चीन, फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और कनाडा आदि बड़े निवेशक हैं।

क्यों ब्रांड है गुड़गांव
-इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी।
-डीएमआरसी और रैपिड मेट्रो (देश की पहली निजी मेट्रो)
-देश का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल हब
-प्रदेश का सबसे बड़ा मनोरंजन और रिहायशी हब
-अंतर्राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संगठन का मुख्यालय।

भविष्य की प्लानिंग
-धौलाकुआं से मानेसर तक लंदन की तर्ज पर मैट्रीनो पॉड टैक्सी सेवा। अभी तक यह देश के किसी भी शहर में नहीं है।
-गुड़गांव से मानेसर तक डीएमआरसी मेट्रो का विस्तार।
-24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए स्मार्ट पावर ग्रिड का काम शुरू।

जिला मेवात का नाम तीसरी बार बदला गया है

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जिला मेवात का नाम तीसरी बार बदला गया है। तीन सरकारों में जिले के तीन अलग-अलग नाम रखे गए। जानकारों का कहना है कि सरकार ने मेवात जिले का नाम बदलकर उसकी छवि बदलने की कोशिश शुरू कर दी है। अब यह नूंह कहलाएगा। इसका नाम तीसरी बार बदला गया है।

सबसे पहले इसका नाम सत्यमेवपुरम रखा गया, फिर मेवात किया गया था। अब मनोहर सरकार ने इसका नाम नूंह कर दिया। नूंह इसका जिला मुख्यालय है। 2 अक्तुबर 2004 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने गुड़गांव से अलग कर सत्यमेव पुरम जिला बनाया था।

लेकिन वे इसका गजट नोटिफिकेशन नहीं कर पाए और अप्रैल 2005 में कांग्रेस सरकार ने जिले का नाम मेवात रख दिया। बीच-बीच में जिले का नाम बदलकर नूंह रखने की मांग उठती रही। इस मांग को सबसे सामाजिक संगठन मेवात विकास मंच ने उठाया और पिछले करीब 7 साल से लगातार ये मांग उठाते रहे।

मेवात जिला, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के काफी हिस्से में फैला हुआ है

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सीएम मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो

मेवात विकास मंच के अध्यक्ष जाहिद चेयरमैन, महासचिव आसिफ अली चंदेनी ने कहा कि कई बार दिल्ली में कुछ बदमाशों को पकड़ा गया और उन्हें मेवाती गिरोह का नाम दिया गया, जिससे सीधे तौर पर मेवात जिले का नाम बदनाम होता था।

जबकि मेवात हरियाणा के मेवात जिले, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के काफी हिस्से में फैला हुआ है। मेवात एक सांस्कृतिक क्षेत्र का नाम है। बदमाशी उत्तरप्रदेश या राजस्थान के मेवात क्षेत्र का भी व्यक्ति करे तो भी बदनामी हरियाणा के इस मेवात जिले के नाम आती थी।

कोई भी असामाजिक तत्व पकड़ा जाता तो उसे मेवाती गिरोह का नाम दिया जाता था। लेकिन अब नूंह नाम रखने से इस जिले की छवि बदलेगी। भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप देशवाल, नूंह निगरानी समिति के चेयरमैन नरेंद्र शर्मा ने सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि मेवात जिले के विकास के लिए यह परिवर्तन होना बेहद जरूरी था।

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