स्कूल नहीं जा पाई नन्ही परी, पापा की भी मौत
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गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ और उनकी चार साल की बेटी की दुर्घटना में मौत हो गई। डॉक्टर और उनकी पत्नी पहली बार स्कूल जा रही अपनी बेटी को स्कूल बस तक छोड़ने गए थे।
जहां अनियंत्रित बस ने उन्हें चपेट में ले लिया। घटना के बाद सदर थाना पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया, बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया। 34 वर्षीय डॉक्टर पंकज गुप्ता रेल विहार अपार्टमेंट में डी ब्लाक के 404 नंबर फ्लैट में रहते थे।
सुबह करीब पौने आठ बजे सुभाष चौक पर वह, उनकी पत्नी ज्योति और उनकी चार साल की पुत्री निलेशिमा स्कूल बस (डीपीएस) का इंतजार कर रहे थे। बख्तावर चौक से तेजी से आ रही सिटी बस एक अन्य बस को ओवरटेक करने की कोशिश में अनियंत्रित हो गई। बस चालक ने बिजली का खंभा तोड़ते हुए डॉक्टर पंकज और उनकी बेटी को भी अपनी चपेट में ले लिया।
हादसा देख बेहोश हो गई डॉक्टर की पत्नी
अपनी चार साल की बेटी को पिता अपनी तरह बड़ा डॉक्टर बनाना चाहता था। उसकी मां भी सुनहरे सपने बुन रही थी। इसलिए पहली बार स्कूल जा रही अपनी लाडली को बस पर बैठाने आई थी, लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था। अपने सामने पति और बेटी को दम तोड़ते देकर वह भी बेहोश हो गई।
घटना के बाद से डॉक्टर पंकज गुप्ता की पत्नी ज्योति सुधबुध खोई हुई है। परिवार वाले बताते हैं कि दुर्घटना के बाद वह रह-रहकर बेेहोश हो जा रही है। घटना से 10 मिनट पहले तक सभी हंस खेल रहे थे। लेकिन सिटी बस कयामत बनकर उनपर टूटी।
दिल्ली के प्रीतमपुरा के रहने वाले डॉक्टर पंकज के पिता प्रेमचंद गुप्ता दिल्ली सरकार में राजपत्रित अधिकारी थे। उनका बेटा हृदय रोग का जाना माना डाक्टर था। मेदांता शुरू होने के बाद वह दिल्ली से गुड़गांव के रेल विहार अपार्टमेंट में शिफ्ट हो गए। इस अपार्टमेंट उनके कई रिश्तेदार भी रहते हैं।
बस ड्राइवर गिरफ्तार
पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से डॉक्टर और उनकी बेटी को मेदांता अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सिटी बस में सवार किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। घटना के बाद ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया था।
सदर थाना पुलिस ने अपार्टमेंट में रहने वाले उनके रिश्तेदार विकास शाह के बयान पर ड्राइवर हरीश के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने ड्राइवर को मेडिकल कराने के बाद जमानत पर छोड़ दिया।
बीते छह माह में जा चुकी हैं चार और जानें
21 नवंबर को रेलवे रोड पर द्रोणाचार्य कॉलेज के सामने एक कोचिंग सेंटर से पढ़कर निकले छात्र पप्पू यादव को सिटी बस ने कुचल दिया था। वह डीएमआरसी का पूर्व कर्मचारी था।
इस घटना के बाद लोग इतने उग्र हो गए थे कि तकरीबन पंद्रह दिनों तक इस रूट पर बसों का परिचालन बंद करना पड़ गया। इस घटना के बाद जैसे ही हालात थोड़े सुधरे गुड़गांव-महरौली रोड पर सिटी बस ने आईटीआई के छात्र अभिमन्यू को कुचल दिया।
वह मूलरूप से बिहार का था और यहां हंश इनक्लेव में अपने माता-पिता के साथ रहता था। इन दोनों घटनाओं में आक्रोषित छात्रों ने जमकर सड़क पर उतपात मचाया था और तकरीबन 25 बसों में तोड़फोड़ की थी।
अब कार्रवाई करेगा प्रशासन
गुड़गांव पुलिस आयुक्त ने सोमवार के वाहन दुर्घटना के बाद रोडवेज के जीएम को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने सिटी बसों में स्पीड गवर्नर लगाने को कहा है। चालकों को विशेष प्रशिक्षण देने की भी बात कही गई है।
पत्र में सिटी बस के संचालन के लिए उनके रूट व समय के हिसाब से गति का निर्धारण करने को भी कहा गया है। उल्लेखनीय है कि रोडवेज की सिटी बस सेवा में अधिक चालक आसपास के छोटे शहरों के हैं, जिन्हें गुड़गांव के ट्रैफिक और सड़कों, चौराहों की स्थिति की कोई जानकारी नहीं है। इसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
जांच में पाया गया है कि शहर में दौड़ने वाली बसों के चालक एवं कंडक्टर अक्सर डीटीसी, प्राइवेट बसों या ऑटो के बीच सवारी उठानी की होड़ में शामिल हो जाते हैं। रेलवे रोड पर हुई दुर्घटना के पीछे भी यही वजह थी।