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ये श्ाहर खर्च करते हैं सबसे अधिक बिजली
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 08 Jan 2014 04:44 PM IST
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हरियाणा राज्य में सबसे अधिक बिजली की मांग गुड़गांव और फरीदाबाद की है। इन जिलों में प्रतिवर्ष की मांग 15 से 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।
जबकि हरियाणा के अन्य जिलों में यह मांग आठ से 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष है। हरियाणा बिजली निगमों के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि मांग को देखते हुए वर्ष 2016 तक 18 से 19 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो सकता है।
प्रदेश में कुल स्थापित उत्पादन क्षमता वर्तमान में 10 हजार मेगावाट है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग के अनुरूप बिजली संप्रेषण व वितरण प्रणाली को और प्रभावी बनाया जा रहा है। इसके लिए एक योजना तैयार की गई है।
हरियाणा सरकार आगामी तीन वर्षों में 3,500 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न स्तर के 146 नये सब-स्टेशन बनाएगी। वहीं 182 मौजूदा सब-स्टेशनों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। मौजूदा वित्त वर्ष में अभी तक 32 नये सब-स्टेशन बनाए जा चुके हैं। 47 पुराने सब-स्टेशनों की क्षमता में वृद्धि की जा चुकी है।
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इसके लिए हिडेन आबादी है जिम्मेदार
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गुड़गांव की आबादी 15 लाख 14 हजार 432 है। जबकि यहां की हिडेन आबादी को मिला दिया जाए तो गुड़गांव में तकरीबन 35 लाख लोग रहते हैं। हिडेन आबादी के कारण ही यहां बिजली की मांग बढ़ोत्तरी हो रही है। किराए पर रहने वाले लाखों लोगों को मकान मालिक दर्शाते नहीं।
जबकि बिजली का उपभोग वह नियमित तौर पर करते हैं। गुड़गांव में 10 हजार से अधिक औद्योगिक यूनिटें हैं। वहीं कॉरपोरेट और आईटी सेक्टर को मिला दिया जाए तो गुड़गांव में इसकी संख्या 2000 हजार से अधिक बैठती है। ऐसे में बिजली की मांग यहां बढ़नी लाजमी है।
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जबकि हरियाणा के अन्य जिलों में यह मांग आठ से 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष है। हरियाणा बिजली निगमों के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि मांग को देखते हुए वर्ष 2016 तक 18 से 19 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो सकता है।
प्रदेश में कुल स्थापित उत्पादन क्षमता वर्तमान में 10 हजार मेगावाट है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग के अनुरूप बिजली संप्रेषण व वितरण प्रणाली को और प्रभावी बनाया जा रहा है। इसके लिए एक योजना तैयार की गई है।
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हरियाणा सरकार आगामी तीन वर्षों में 3,500 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न स्तर के 146 नये सब-स्टेशन बनाएगी। वहीं 182 मौजूदा सब-स्टेशनों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। मौजूदा वित्त वर्ष में अभी तक 32 नये सब-स्टेशन बनाए जा चुके हैं। 47 पुराने सब-स्टेशनों की क्षमता में वृद्धि की जा चुकी है।
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इसके लिए हिडेन आबादी है जिम्मेदार
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गुड़गांव की आबादी 15 लाख 14 हजार 432 है। जबकि यहां की हिडेन आबादी को मिला दिया जाए तो गुड़गांव में तकरीबन 35 लाख लोग रहते हैं। हिडेन आबादी के कारण ही यहां बिजली की मांग बढ़ोत्तरी हो रही है। किराए पर रहने वाले लाखों लोगों को मकान मालिक दर्शाते नहीं।
जबकि बिजली का उपभोग वह नियमित तौर पर करते हैं। गुड़गांव में 10 हजार से अधिक औद्योगिक यूनिटें हैं। वहीं कॉरपोरेट और आईटी सेक्टर को मिला दिया जाए तो गुड़गांव में इसकी संख्या 2000 हजार से अधिक बैठती है। ऐसे में बिजली की मांग यहां बढ़नी लाजमी है।