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गुजरात मॉडल अब नगर निगम में लागू होगा
भोला पाण्डेय/ अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 17 Nov 2014 11:56 AM IST
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कल तक हरियाणा को नंबर वन राज्य मानने वाले प्रदेश की सबसे पुरानी नगर निगम में अब गुजरात मॉडल लागू होगा। प्रदेश में निजाम बदलते ही अधिकारियों की सोच भी बदलने लगी है।
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यही कारण कि नगर निगम के मेयर सहित तीन पार्षद और एक अधिकारी गुजरात का सरकारी दौराकर विकास कार्यों की बारीकी समझकर शनिवार को वापस आए हैं। गुजरात की तर्ज पर यहां भी नगर निगम कुछ नया प्रयोग करेगा ताकि शहर का समुचित ढंग से विकास हो सके।
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विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन सरकार गुजरात मॉडल को पचा नहीं पा रही थी। वह हरियाणा को नंबर वन होने का गुणगान करती रही। पर, प्रदेश में सत्ता बदलते ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सोच भी बदलने लगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कई कार्यक्रमों में गुजरात मॉडल की चर्चा भी कर चुके हैं।
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इसी क्रम में 13 से 15 नवंबर तक गांधीनगर में तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसमें नगर निगम के मेयर अशोक अरोड़ा, भाजपा पार्षद दल के नेता ओम प्रकाश रक्षवाल, पार्षद धर्मवीर खटाना व निगम के मुख्य अभियंता सजनाराम बिशभनोई शामिल हुए थे।
उक्त लोगोें ने कार्यशाला में शहरों के समुचित विकास और कार्यों के क्रियान्वयन की जानकारी ली। सबसे ज्यादा जोर शहर की साफ-सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर रहा।
गुजरात टूर में शामिल भाजपा पार्षद ओम प्रकाश रक्षवाल ने बताया कि गांधीनगर के महात्मा मंदिर परिसर में तीन दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन और केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडु ने की थी।
उन्होंने बताया कि 12 नवंबर की रात वह मेयर अशोक अरोड़ा, धर्मवीर खटाना और मुख्य अभियंता के साथ सरकारी टूर पर गए थे। रक्षवाल ने कहा कि सदन में चर्चा कर गुजरात मॉडल को यहां भी लागू कराया जाएगा।
इन बिंदुओं पर किया गया था फोकस
-सीवर सफाई की समुचित व्यवस्था
-सड़कों की सफाई कराने का तरीका
-रोड बनने से पहले ड्रेनेज की व्यवस्था
-पानी को ट्रीटमेंट करके उसे उपयोगी बनाना
-शहर को अतिक्रमण से मुक्त रखना
-कॉलोनियों का विकास करने से पहले उसकी प्लानिंग
-पानी निकासी की समुचित व्यवस्था आदि।
कार्यशाला में शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के बारे में जानकारी दी गई। इसमें कई देशों के कंसलटेंट्स आए हुए थे।140 लोगों ने प्रजेंटेशन दिया। सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट और 24 घंटे वाटर सप्लाई पर विशेष फोकस रहा। जो कुछ कार्यशाला में सीखने को मिला उसे इस शहर में हरसंभव लागू कराने का प्रयास किया जाएगा।
-सजनाराम बिशभनोई, मुख्य अभियंता नगर निगम, फरीदाबाद