जीएसटी का शिकार हो रहे बड़े-बड़े शो रूम, दाम देखते ही वापस हो रहे ग्राहक
जीएसटी ने छूट के खेल को भी बिगाड़ा
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गुड्स एंड सर्विस टैक्स ने छूट वाले सेल का खेल भी बिगाड़ दिया है। ब्रांडेड शो रूम में 60 प्रतिशत तक छूट तो है, लेकिन इस छूट पर भी 12 से 28 प्रतिशत तक लगने वाले जीएसटी पानी फेर रहा है।
ब्रांडेड कपड़ा, स्पोट्स शूज, बैग समेत कई सामान छूट के बावजूद भी महंगे हो गए है। ब्रांडेड शो-रूम में ग्राहक पहुंच तो रहे है लेकिन जीएसटी के कारण वापस भी हो रहे है। हालांकि एक हजार रुपये से कम मूल्य की खरीदारी पर जीएसटी पांच प्रतिशत लिए जा रहे है।
जीएसटी ब्रांडेड शो रूम के सेल वाले फार्मूले पर भारी पड़ रहा है। शो-रूम में इनदिनों 40-60 प्रतिशत तक फ्लैट छूट के बावजूद ग्राहक कम ही दिखाई पड़ रहे है। मजे की बात है कि इस छूट पर भी इतना जीएसटी है कि छूट महज दिखावा व छलावा लग रहा है।
ब्रांडेड शो रूम में जहां लेदर व स्पोट्स बैग पर 28 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त लिया जा रहा है तो स्पोट्स शूज पर 18 प्रतिशत। इसी तरह कपड़ों पर 12 प्रतिशत जीएसटी वसूला जा रहा है। इसके कारण छूट होने के बावजूद कीमत बढ़ी हुई है और ग्राहक लौटते दिखाई दे रहे है।
खुदरा दुकानदार पुराने ही ढर्रे पर चल रहे है
खुदरा व पार्चून की दुकान की बात करे तो यहां पुराने ढर्रे पर ही खाद्य व अन्य सामानों की बिक्री हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि जब तक नया स्टॉक नहीं आता तबतक जीएसटी का कोई मतलब नहीं है।
मुखर्जी नगर स्थित एक दुकानदार का कहना है कि जीएसटी छोटे दुकानदारों के परे है। नया माल आने पर जो प्रिंट रेट होगा उसी पर सामग्री की बिक्री की जाएगी। उसने हैरत जताते हुए कहा कि जो सामान पैक्ड है उसपर तो जीएसटी वसूलने की बात की जा रही है, लेकिन खुले सामान पर जीएसटी नहीं है। जबकि आमतौर पर उपभोक्ता पैक्ड समान की ही मांग करते है।
व्यापारियों ने समझा जीएसटी
सोमवार होने के कारण दिल्ली के कई मुख्य बाजार बंद होने के कारण व्यापारियों ने जीएसटी की समझा व अपने-अपने कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर को अपडेट कराया। कमला नगर मार्केट, करोल बाग मार्केट, किंग्सवे कैंप बाजार समेत कई मार्केट दिल्ली का आम सोमवार की तरफ इस सोमवार को भी बंद रहा और व्यापारी जीएसटी को समझने में वक्त गुजारे।