Green Delhi: सरकार का हरित क्षेत्र बढ़ाने का दावा, भाजपा का आरोप, पेड़ लगाने में भी हुआ घोटाला
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विस्तार
दिल्ली में हरित क्षेत्र बढ़ाने के मामले पर भी विवाद हो गया है। दिल्ली सरकार का दावा है कि उसके प्रयासों के कारण राजधानी में हरित क्षेत्र 20 फीसदी से बढ़कर 23 फीसदी हो गया है। सरकार 26 फरवरी से नया वृक्षारोपण अभियान शुरू कर इस क्षेत्र में और वृद्धि करने का दावा कर रही है। वहीं, भाजपा ने दावा किया है कि दिल्ली सरकार केवल कागजों पर पेड़ लगा रही है और इसके नाम पर घोटाला किया जा रहा है। पार्टी ने थर्ड पार्टी के जरिए दिल्ली के हरित क्षेत्र का ऑडिट कराने की मांग की है।
सरकार का दावा
दिल्ली के पर्यावरण एवं वन मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को कहा कि 26 फरवरी से राजधानी में वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में इस साल 52 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधों के अलावा छायादार वृक्षों को प्रमुखता दी जाएगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस वृक्षारोपण महाअभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली को दुनिया की 'हरित राजधानी' बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली का फॉरेस्ट कवर 20 फीसदी से बढ़कर 23 फीसदी हो गया है। सरकार हरित क्षेत्र में और बढ़ोतरी के लिए काम करेगी। राय के मुताबिक, पिछले साल 42 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन लक्ष्य से ज्यादा 47 लाख पौधों का वृक्षारोपण किया।
'कागजों पर पेड़ लगा रही सरकार'
दिल्ली भाजपा के नेता हरीश खुराना ने कहा है कि दूसरे विभागों की तरह केजरीवाल सरकार वृक्षारोपण अभियान में भी घोटाला कर रही है। वह केवल कागजों पर पेड़ लगा रही है, जबकि राजधानी की सड़कों के किनारे पेड़ों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की तरह उनके मंत्री भी केवल अखबारों में विज्ञापन देकर सरकार चला रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि दिल्ली सरकार पिछले सालों में 1.5 करोड़ से ज्यादा के पेड़ लगाने का दावा कर चुकी है। यदि इतने पेड़ लगाए गए होते तो दिल्ली की छवि बदल गई होती। लेकिन ऐसा न होने से साफ है कि सरकार पेड़ लगाने के नाम पर भी घोटाले कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले की असलियत सामने लाने के लिए थर्ड पार्टी से ऑडिट कराई जानी चाहिए।
वहीं, दिल्ली सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि थर्ड पार्टी ऑडिट रिपोर्ट को लेकर एक्सपर्ट कमेटी बनाने का निर्देश दिया गया है। यह कमेटी थर्ड पार्टी ऑडिट रिपोर्ट का अध्ययन करेगी कि किस प्रकार के तथा किस जगह पर पौधों का सरवाइवल रेट ज्यादा है। इस अध्ययन से जो निष्कर्ष आएगा उसी आधार हम संबंधित एजेंसियों को निर्देश दे सकेंगे कि किस जमीन और किस प्रकार के पौधे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में साल 2013 में हरित क्षेत्र 20 फीसदी था, यह साल 2021 में बढ़कर 23.06 फीसदी हो गया है।