तीन साल पहले किया प्रेम विवाह, परिवार को पता चला तो पति हुआ गायब, सामने आने पर तोड़ा रिश्ता
ग्रेटर नोएडा में तीन साल पहले प्रेम विवाह करने वाली एक युवती ने अपने ससुराल वालों पर पति को नजरबंद करने का आरोप लगाया था। मामले की शिकायत युवती ने थाने और ट्विटर के माध्यम से सीएम व आलाधिकारियों से की थी।
डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला ने मामले में हस्तक्षेप कर सोमवार को प्रेमी युगल के परिजनों की वार्ता कराई। वार्ता के बाद सुरक्षा आदि के लिखित आश्वासन के बाद युवक-युवती संबंध विच्छेद करने पर रजामंद हो गए।
मूल रूप से मुजफ्फरनगर निवासी एक युवती ग्रेनो वेस्ट की एक सोसायटी में रहती है। युवती ने ट्विटर पर शिकायत की थी कि उसने 27 नवंबर 2017 को मुजफ्फर नगर के एक युवक से गाजियाबाद में विवाह किया था।
युवक ग्रेनो की ही एक सोसायटी में रहता था लेकिन चार दिन पहले दोनों के परिजनों को उनके विवाह की जानकारी हो गई। इसके बाद से युवक के परिजनों ने उसके पति को नजरबंद कर लिया और मायके पक्ष के लोग युवती को तलाशने में लगे। युवती ने जान को खतरा बताते हुए मदद की मांग की थी।
युवती ने पुलिस पर भी लगाया अमानवीय व्यवहार का आरोप
युवती ने थाने जाने पर पुलिसकर्मी पर अमानवीय व्यवहार का आरोप भी लगाया था। डीसीपी वृंदा शुक्ला ने मामला संज्ञान में आने पर पीड़िता से वार्ता की और उसे सुरक्षा व समस्या के निस्तारण का भरोसा दिया। बिसरख कोतवाली पुलिस ने रविवार को जानकारी दी थी कि युवती ने गांव के ही युवक से विवाह किया है।
डीसीपी के कहने पर दोनों पक्षों को बुलाया गया तो युवक ने युवती के साथ रहने से इंकार कर दिया। इस पर युवती की सुरक्षा और उसके भरण पोषण को लेकर सवाल उठे। इस पर दोनों के परिवारों ने लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद युवती और युवक संबंध विच्छेद करने पर रजामंद हो गए और उन्होंने लिखित समझौता भी किया।
कोर्ट तय करेगा गुजारा भत्ताः डीसीपी
शिकायत संज्ञान में आते ही युवती से संपर्क कर लिया गया था। रविवार को ही उससे वार्ता कर सुरक्षा का आश्वासन दिया गया था। सोमवार को दोनों के परिजन को बुलाकर वाता कराई गई। युवक ने युवती के साथ रहने से इनकार किया। इस पर युवती भी उससे अलग रहने को तैयार हो गई। परिजन ने लिखित में सुरक्षा और भरण पोषण का भरोसा दिया है। भरण पोषण की राशि कोर्ट के निर्णय के हिसाब से तय होगी।- वृंदा शुक्ला, डीसीपी महिला सुरक्षा