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हैलो...मैं ग्रेनो का सीईओ बोल रहा हूं, आपको कोई बाबू परेशान तो नहीं कर रहा’

Mon, 24 Sep 2018 12:10 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Mon, 24 Sep 2018 12:10 AM IST
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Greater Noida Authoritys CEO Narendra Bhushan asked people problems on mobile
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हैलो...मैं ग्रेनो प्राधिकरण का सीईओ बोल रहा हूं, आपने रजिस्ट्री व ट्रांसफर के लिए फाइल कब लगाई थी, अभी तक आपके काम का निराकरण क्यों नहीं हुआ। संबंधित बाबू व प्रबंधक से आप को कोई शिकायत तो नहीं है, या फिर बाबू और प्रबंधक ने किसी तरह से परेशान किया हो।’ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के नवनियुक्त सीईओ नरेंद्र भूषण ने आवंटियों को परेशान करने वाले बाबुओं और अफसरों की नकेल कसनी शुरू कर दी है। वे लंबे समय से बेवजह अटकी फाइलों के आवंटियों को खुद फोन मिलाकर पूछते हैं कि दिक्कत क्या है? 

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प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण रोजाना सुबह किसी एक विभाग का औचक निरीक्षण कर प्रबंधक व बाबू की टेबल पर पड़ी फाइलों की जांच पड़ताल कर रहे हैं। अगर किसी प्रबंधक व बाबू की टेबल पर कोई फाइल रखी हुई दिखती है तो उस फाइल को अपने कार्यालय में तलब कर लेते हैं। उसके बाद प्रबंधक व बाबू से फाइल न होने की वजह पूछते हैं। 
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अगर वह जवाब नहीं दे पाता तो सीधे आवंटी को फोन करते और पूछते हैं कि संबंधित काम के लिए कब आवेदन किया था, प्रबंधक या बाबू स्तर से कोई परेशानी तो नहीं है। सूत्र बताते हैं कि अगर किसी प्रबंधक व बाबू की शिकायत मिलती है तो उसका नाम नोट कर लेते हैं। तीन बार या उससे अधिक शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

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औचक निरीक्षण किया था

सूत्रों ने बताया कि सीईओ ने पिछले सप्ताह प्रॉपर्टी विभाग का औचक निरीक्षण किया था। वहां मौजूद बाबुओं व प्रबंधक से नाम पूछने के बाद टेबल पर रखी फाइल की जानकारी ली। प्रॉपर्टी ट्रांसफर से जुड़ी कई फाइल बाबुओं की टेबल पर मिली, जिस बाबू की टेबल पर फाइल लंबित मिली उसको अपने कार्यालय में तलब किया। पूछा कि सत्यापन के कारण इतने लंबे समय से आवंटी की फाइल का निराकरण क्यों नहीं किया गया।

बाबू ने जवाब दिया कि सत्यापन के बाद ही संपत्ति की रजिस्ट्री व ट्रांसफर होता है। इस पर उन्होंने कहा कि सत्यापन करने का काम रजिस्ट्री विभाग का है। वे रजिस्ट्री विभाग में रह चुके हैं। उन्हें इसका पूरा अनुभव है। कई फाइलें एक साल से लंबित मिलीं।

सूत्रों ने बताया कि जिन बाबुओं व प्रबंधकों की शिकायत मिली है उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दे दिया है। एक प्रबंधक को निलंबित करने का भी आदेश दे दिया है। सीईओ के इस कार्यशैली से प्राधिकरण के बाबुओं व अफसरों में हड़कंप मच गया है। 
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