दिल्ली का हालः कोरोना काल में गिरा महिलाओं के प्रति अपराध का ग्राफ, पुलिस ने खुशी जताई
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कोरोना काल में राजधानी दिल्ली में जहां अपराध का ग्राफ गिरा तो वहीं महिलाओं के प्रति अपराध में भी तेजी से कमी आई है। इसके लिए दिल्ली पुलिस अधिकारी जहां अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, वहीं विशेषज्ञ इसके पीछे दूसरे कारण बताते हैं। उनका मानना है कि लॉक डाउन की वजह से महिलाओं की मूवमेंट बेहद कम हो गई। ऑफिस व दूसरे संस्थान बंद हो गए। एक जगह से दूसरी जगह जाने पर भी पाबंदी रही। ऐसे में महिलाओं के प्रति गंभीर अपराध कम हो गए।
वर्ष 2020 में जनवरी से अगस्त तक दिल्ली पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली में पिछले साल छह के मुकाबले इस वर्ष करीब तीन महिलाओं के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई। वहीं छेड़छाड़ के मामलों में भी कमी देखी गई। पिछले साल हर औसतन जहां आठ महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हो रही थी, अब यह आंकड़ा पांच पर ही सिमट गया है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हमेशा से ही दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता में रहे हैं। खासकर महिलाओं के प्रति अपराध को लेकर दिल्ली पुलिस का विशेष फोकस है। वर्ष 2012 के बाद महिलाओं की सुरक्षा और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए पुलिस की ओर से कई कदम उठाए गए। जो महिलाएं पहले क्राइम हो जाने के बाद उसे रिपोर्ट कराने में भी झिझकती थीं, अब वह खुलकर सामने आने लगी।
दिल्ली पुलिस लगातार महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उन्हें पूरे साल ही कार्यक्रम चलाकर सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देती रहती है। एक साल में दो लाख से अधिक महिलाओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देने के लिए वर्ष 2017 में दिल्ली पुलिस का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि महिलाओं में बढ़ाए गए आत्मविश्वास और पुलिस के प्रयासों की वजह से ही दिल्ली में महिलाओं पर होने वाले अपराध में कमी आइ है।
सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने उठाए यह कदम...
- स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वूमेन एंड चिल्ड्रेन लगातार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए काम करती रहती है
- दिल्ली पुलिस की ओर से समय-समय पर सेल्फ डिफेंस कैंप का आयोजन किया जाता है
- हर थाने में महिलाओं के लिए अलग से वूमेन डेस्ट और हेल्प लाइन नंबर
- सूनसान वाले स्थानों की पहचान कर वहां पर पुलिस कर्मियों की तैनात
- यूनिवर्सिटी कैंपस के आसपास वूमेन पुलिस करती हैं बाइक से पेट्रोलिंग
- महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए ऑल वूमेन पीसीआर
- पीसीआर की प्रखर वैन लगातार मनचलों पर रखती हैं नजर
- महिलाओं के लिए दिल्ली पुलिस ने हिम्मत ऐप किया लांच
कहीं न कहीं लोगों के दिलों में बीमारी का खौफ बैठा हुआ है, एक दूसरे से मिलने से भी लोग डर रहे हैं। उनको लगता है कि यदि वह एक दूसरे से मिलेंगे तो कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। वहीं दूसरी ओर कोरोना के कारण महिलाओं और लोगों का घर से बिना वजह निकलने भी कम हुआ है। सड़कों पर बिना वजह अड्डेबाजी भी कम हुई है। यह सब बड़ी वजह हैं, जिसकी वजह से महिलाओं के प्रति अपराध कम हुआ है।
-डॉ. सुरभि, सच्ची सहेली, एनजीओ
महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हमेशा से ही दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता रहे हैं, दिल्ली पुलिस के प्रयासों की वजह से महिलाओं के प्रति अपराध में कमी आई है। इसकी वजह से महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। दिल्ली पुलिस आगे भी महिलाओं के साथ अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी।
-अनिल मितल, अतिरिक्त प्रवक्ता, दिल्ली पुलिस
आंकड़़ो़ का आईना...
अपराध 2019 2020
. दुष्कर्म 1402 903
. छेड़छाड़ (आईपीसी 354) 1840 1142
. बदसलूकी (आईपीसी 509) 286 223
. अपहरण 2364 1593
. दहेज प्रताड़ना 2240 1153
. दहेज हत्या 76 70
(नोट: सभी आंकड़े एक जनवरी से 15 अगस्त के बीच के हैं)