दिल्ली-NCR में ग्रैप-1 लागू: बढ़ते प्रदूषण को लेकर उठाया गया कदम, 211 दर्ज किया गया AQI; लगेंगी ये पाबंदियां
आमतौर पर ग्रैप-1 तब लागू किया जाता है, जब शहर का एक्यूआई 200 के पार पहुंच जाता है। मंगलवार को दिल्ली का एक्यूआई 211 दर्ज किया गया। यहां जानिए किन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध।
विस्तार
राजधानी में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ ही ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण मंगलवार से लागू कर दिया गया है। आज दिल्ली का एक्यूआई 211 (खराब श्रेणी) में दर्ज किया गया। इसके अलावा, आईएमडी के पूर्वानुमान में भी आने वाले दिनों में एक्यूआई के खराब श्रेणी में बने रहने की भविष्यवाणी की गई है।
आमतौर पर ग्रैप-1 तब लागू किया जाता है, जब शहर का एक्यूआई 200 के पार पहुंच जाता है। मंगलवार को दिल्ली का एक्यूआई 211 दर्ज किया गया। ग्रैप-1 लागू होने के बाद होटलों और रेस्तरां में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
Implementation of actions under Stage I (Poor, Air Quality, AQI: 201-3OO) of the extant schedule of GRAP comes into immediate effect in Delhi-NCR pic.twitter.com/FqElL6TdXf
— ANI (@ANI) October 14, 2025
इसके अलावा पेट्रोल के पुराने और डीजल वाहनों (बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल) के संचालन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। साथ ही निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों में धूल शमन उपायों और सीएंडडी कचरे के ठोस पर्यावरण प्रबंधन पर निर्देशों का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इसमें 500 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक के भूखंड आकार वाली ऐसी परियोजनाओं के संबंध में सीएंडडी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो संबंधित के वेबपोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं।
डंप स्थलों से नगर पालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू), निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट और खतरनाक कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित करना होगा। कोई भी कचरा अवैध रूप से खुले क्षेत्रों में डंप नहीं किया जाएगा। वहीं, सड़कों पर समय-समय पर मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव करना होगा। सीएंडडी सामग्री और अपशिष्ट को परिसर में उचित रूप से कवर किया जाएगा। वाहनों के लिए पीयूसी मानदंडों की कड़ी निगरानी करनी होगी। डीजल जनरेटर सेट का उपयोग बिजली आपूर्ति के नियमित स्रोत के रूप में नहीं किया जा सकता है।
इन चीजों का रखें ध्यान
वाहनों के इंजन को ठीक से ट्यून करके रखें।
वाहनों के टायर का उचित दबाव बनाए रखें।
वाहन का पीयूसी प्रमाणपत्र साथ रखें।
लाल बत्ती पर इंजन बंद कर दें।
वाहन के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हाइब्रिड वाहनों या ईवी को प्राथमिकता दें।
खुले स्थानों पर कूड़ा-कचरा न फैलाएं व निस्तारित न करें।
311 एप, ग्रीन दिल्ली एप, समीर एप आदि के माध्यम से वायु प्रदूषणकारी गतिविधियों की रिपोर्ट करें।
अधिक से अधिक पौधे लगाएं।
त्योहारों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाएं व पटाखों से बचें।
10-15 वर्ष पुराने डीजल व पेट्रोल वाहन न चलाएं।