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दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम पर सरकार का यू-टर्न : विजेंद्र गुप्ता
Fri, 14 Jun 2019 02:18 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 14 Jun 2019 02:18 AM IST
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vijendra gupta
- फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता का कहना है कि दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम पर दिल्ली सरकार ने अब यू-टर्न लिया है। आगामी विधानसभा चुनावों के चलते केजरीवाल सरकार ने दिल्ली मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) पर खुद की लगाई अड़चनों को अचानक दरकिनार कर दिया है। सरकार ने चालू वित वर्ष में आरआरटीएस के लिए कोई बजटीय प्रावधान ही नहीं रखा था, लेकिन अब उसने इसके लिए अपने हिस्से का फंड पर्यावरण शुल्क से देने का निर्णय लिया है।
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विजेंद्र गुप्ता का कहना है कि पहले अड़चन पैदा करना और चुनाव नजदीक आते ही उन्हें हटा देने से जाहिर है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार विकास के कामों में भी राजनीति करती रही है। दो वर्षों में सरकार का एक ही उद्देश्य था कि केन्द्र सरकार के प्रोजेक्ट को किसी न किसी तरह टाला जाए। वर्ष 2019-20 के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का बजट होते हुए भी सरकार फंड नहीं होने का बहाना कर रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम को रोका रखा।
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इसी तरह मुख्यमंत्री की जिद थी कि सराय काले खां पर बनने वाले जंक्शन को अंडरग्राउंड ले जाओ। इस पर 4 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आता और नया बस अड्डा बनने में देरी होती। स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री को दिल्लीवासियों की सुविधा से ज्यादा अपनी राजनीति चमकाने की ज्यादा चिंता थी।
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