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केवल पौधारोपण नहीं, मौजूदा पेड़ों का संरक्षण भी सुनिश्चित करे सरकार : कांग्रेस
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार को पौधरोपण करने के साथ ही मौजूदा पेड़ों का संरक्षण भी सुनिश्चित करना चाहिए। यादव ने कहा कि केवल नए पौधे लगाने से हरियाली नहीं बढ़ेगी। मौजूदा पेड़ों का संरक्षण और उसकी निगरानी भी उतनी ही जरूरी है। देवेंद्र यादव ने कहा कि सरोजिनी नगर जीपीआरए हाउसिंग परियोजना के लिए वन विभाग ने 1,091 पेड़ों के ट्रांसप्लांटेशन और 42 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी है। साथ ही परियोजना एजेंसी को प्रत्येक काटे गए पेड़ के बदले 10 पौधे लगाने और ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों के न बचने पर स्थानीय प्रजाति के पेड़ लगाने की शर्त भी रखी गई है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर सरकार 70 लाख पौधे लगाने के अभियान का प्रचार कर रही है, जबकि ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों के जीवित रहने की स्थिति चिंताजनक है।
यादव ने दावा किया कि वन विभाग के ऑडिट के अनुसार दिल्ली में ट्रांसप्लांट किए गए केवल 33 से 42.5 प्रतिशत पेड़ ही जीवित रह पाते हैं, जबकि सरकार का लक्ष्य 80 प्रतिशत सर्वाइवल का है। उन्होंने कहा कि बड़े पेड़ों को हटाकर उनकी जगह पौधे लगाना पर्यावरण संरक्षण का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा शुरू किए गए 70 लाख पौधारोपण अभियान का स्वागत किया हालांकि कहा कि यह तभी सार्थक होगा, जब इसके साथ मौजूदा पेड़ों के संरक्षण और उनकी कटाई व ट्रांसप्लांटेशन की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में दिल्ली में डेढ़ लाख से अधिक पेड़ काटे गए या दूसरी जगह लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक यह जानना चाहते हैं कि विकास परियोजनाओं के लिए कितने पेड़ हटाए गए, कितने ट्रांसप्लांट किए गए और उनमें से कितने जीवित हैं।
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नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार को पौधरोपण करने के साथ ही मौजूदा पेड़ों का संरक्षण भी सुनिश्चित करना चाहिए। यादव ने कहा कि केवल नए पौधे लगाने से हरियाली नहीं बढ़ेगी। मौजूदा पेड़ों का संरक्षण और उसकी निगरानी भी उतनी ही जरूरी है। देवेंद्र यादव ने कहा कि सरोजिनी नगर जीपीआरए हाउसिंग परियोजना के लिए वन विभाग ने 1,091 पेड़ों के ट्रांसप्लांटेशन और 42 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी है। साथ ही परियोजना एजेंसी को प्रत्येक काटे गए पेड़ के बदले 10 पौधे लगाने और ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों के न बचने पर स्थानीय प्रजाति के पेड़ लगाने की शर्त भी रखी गई है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर सरकार 70 लाख पौधे लगाने के अभियान का प्रचार कर रही है, जबकि ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों के जीवित रहने की स्थिति चिंताजनक है।
यादव ने दावा किया कि वन विभाग के ऑडिट के अनुसार दिल्ली में ट्रांसप्लांट किए गए केवल 33 से 42.5 प्रतिशत पेड़ ही जीवित रह पाते हैं, जबकि सरकार का लक्ष्य 80 प्रतिशत सर्वाइवल का है। उन्होंने कहा कि बड़े पेड़ों को हटाकर उनकी जगह पौधे लगाना पर्यावरण संरक्षण का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
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उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा शुरू किए गए 70 लाख पौधारोपण अभियान का स्वागत किया हालांकि कहा कि यह तभी सार्थक होगा, जब इसके साथ मौजूदा पेड़ों के संरक्षण और उनकी कटाई व ट्रांसप्लांटेशन की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में दिल्ली में डेढ़ लाख से अधिक पेड़ काटे गए या दूसरी जगह लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक यह जानना चाहते हैं कि विकास परियोजनाओं के लिए कितने पेड़ हटाए गए, कितने ट्रांसप्लांट किए गए और उनमें से कितने जीवित हैं।
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