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सवाल बड़ा है: BPL परिवारों के भी तोड़े सरकारी मकान, इंदिरा और प्रियदर्शनी आवास योजना से बने थे घर; यहां ली शरण

Wed, 09 Aug 2023 11:41 AM IST
शाहरुख खान राजूद्दीन जंग, अमर उजाला, नगीना
राजूद्दीन जंग, अमर उजाला, नगीना Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 09 Aug 2023 11:41 AM IST
सार

नगीना में बीपीएल परिवारों के भी सरकारी मकान तोड़ दिए। 2012-13 में इंदिरा आवास योजना और प्रियदर्शनी आवास योजना से यह घर बने थे। पीड़ित अकबरी बेगम और ईसराइल खान ने कहा कि नोटिस नहीं दिए गए। बिना सूचना के कार्रवाई की गई। 

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Government houses of BPL families also demolished Houses were built from Indira and Priyadarshini Awas Yojana
BPL परिवारों के भी तोड़े सरकारी मकान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शासन-प्रशासन का बुलडोजर अभियान सवालों के घेरे में है। नगीना कस्बा में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए इंदिरा आवास योजना व प्रिय दर्शनी आवास योजना के अंतर्गत 2012-13 में बनाए गए दो मकान भी तोड़ दिए है। ऐसे में दोनों परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर है। 
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यही हाल नगीना के एक दर्जन अन्य गरीब परिवारों का है। इनके मकान भी बिना नोटिस के तोड़ दिए गए हैं। छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं रोते-बिलखते दिखाई दे रहे हैं जिससे माहौल गमगीन हो गया है। नए ठिकाने की तलाश में यह परिवार यहां से अपना सामान समेटने में लगे हैं। यहां से पूरी तरह सामान हटाने के लिए दो दिन का वक्त दिया गया है। फिलहाल पड़ोसियों ने इन्हें शरण दी है।
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नगीना की अकबरी बेगम (59) ने बताया कि उन्हें 11 साल पहले इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत एक मकान पंचायत विभाग द्वारा मंजूर किया गया था। मकान बनाने के लिए 70 हजार रुपये मिले थे। तीसरी किस्त तो आज तक नहीं मिली है। मैंने 50 हजार रुपये तो अपनी जेब से लगाए थे तब जाकर एक कमरा व शौचालय बना। जेसीबी से मकान को तोड़ दिया। 
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मेरा पति भी एक महीने से घर पर नहीं है। अकबरी ने बताया कि जब मकान बना रहे थे तो बताना था यह तुम्हारी प्लाट नहीं है। परिवार में छह सदस्य हैं इनको कहां ले जाऊंगी। नगीना के ईसराइल खान (48) ने कहा कि उनके पिता अब्दुल के नाम पर प्रियदर्शनी आवास योजना के तहत हरियाणा सरकार ने मकान बनाने के लिए 91 हजार रुपये दिए थे। 

35 हजार रुपये अपनी जेब से लगाए थे। हमारा यह मकान भी तोड़ दिया है पहले से सरकार ने कुछ नहीं बताया। हम तो गरीब हैं जिसे कमाते हैं उसे खा लेते हैं। बच्चों के बदन पर पूरे कपड़े और जूता-चप्पल भी नहीं है।

नगीना के गरीब युसूफ खान, मोहम्मद इकबाल, हसीना, हारून, तौफीक, हारून खान, लियाकत अली का कहना है कि हमारे मकान भी तोड़ दिए हैं। एक लाख रुपये से चार लाख रुपये का खर्चा हमने मकानों पर किया था। अब कह रहे थे कि यह पंचायत की जमीन है इसलिए तोड़े हैं।

 

बीपीएल परिवार के शहीद, रशीद अहमद, सुमरदीन, इकबाल, कमल ने बताया कि जेसीबी से मकान ढहाए गए हैं। हमारा काफी सामान तोड़ दिया है यदि पहले से जानकारी देते तो हम अपना सामान और ठिकाना बदल लेते। पहले बताया गया था कि यह तुम्हारे प्लाट हैं।
 

केवल उन मकानों को तोड़ा गया है जो सरकारी जमीन पर नाजायज तरीके से बनाए गए थे।- डॉक्टर चिनार चहल, उपमंडल अधिकारी, फिरोजपुर झिरका
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