सरकार को 48 फीसदी टीबी के मरीजों की जानकारी नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने की पुष्टि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भले ही दुनिया में सबसे पहले भारत को टीबी (क्षय रोग) से मुक्त कराने का सरकार दावा कर रही है, लेकिन देश के 48 फीसदी टीबी मरीज सरकार की पहुंच से कोसों दूर हैं। इनमें से कई मरीजों से जुड़ी जानकारियां तक सरकार के पास उपलब्ध नहीं हैं। पिछले वर्ष बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीबी मरीजों को पोषण आहार देने का ऐलान किया था, लेकिन अब तक सरकार महज 52 फीसदी मरीजों को ही पोषण आहार के रूप में 500 रुपये प्रतिमाह देने में कामयाब हो सकी है। मंगलवार को राज्यसभा में भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।
अप्रैल 2018 से लेकर 7 जनवरी, 2019 के बीच सरकार 52 फीसदी टीबी मरीजों को 110 करोड़ रुपये बतौर पोषण आहार के रूप में दे चुकी है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसके लिए 600 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इन आंकड़ों पर विशेषज्ञों की मानें तो शत फीसदी टीबी मरीजों की पहचान, उन्हें पोषण आहार के अलावा उपचार दिलाना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती के रूप में दिखाई दे रहा है।
एम्स के एक वरिष्ठ क्षय रोग विशेषज्ञ का कहना है कि 48 फीसदी टीबी मरीजों के बैंक खाते सहित तमाम जानकारियां जुटाना केंद्र के लिए मुश्किल है। इसके लिए राज्यों की सहभागिता बेहद जरूरी है। वहीं, मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो टीबी मरीजों तक पहुंच न होने के पीछे राज्यों का सुस्त रवैया बड़ी वजह है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि देश में टीबी मरीजों की संख्या करीब 21.16 लाख दर्ज है। इनमें से 9.47 लाख मरीजों को पोषण आहार के रूप में प्रतिमाह 500 रुपये की सहायता राशि पहुंच चुकी है। मंत्रालय की ओर से जल्द ही राज्यों को पत्र लिखकर लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने ये भी बताया कि टीबी मरीजों को सीधे बैंक खातों में एक अप्रैल 2018 से सहायता राशि पहुंचाई जा रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में पंजीकृत टीबी मरीज इसमें शामिल हैं। सभी मरीजों का बैंक खाता नहीं होना और भ्रामक दस्तावेज बड़ी चुनौती हैं।
पोषण आहार लाभार्थियों की राज्यवार स्थिति
राज्य लाभार्थी कुल मरीज
यूपी 1,70,623 4,03,702
उत्तराखंड 11,816 21,578
हरियाणा 27,955 63,640
पंजाब 20,296 53, 806
हिमाचल प्रदेश 11,429 16,307
जम्मू-कश्मीर 4382 12,318
दिल्ली 10286 90,244