घर की छत पर सोलर प्लांट लगाओ, अपनी बिजली खुद बनाओ
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने सोमवार को दिल्ली को सोलर सिटी बनाने की दिशा में नई सौर ऊर्जा नीति को मंजूरी दी। इस नीति को अमली जामा पहनाने के लिए भवन उपनियम में बदलाव करने के साथ ही सौर ऊर्जा उत्पादन करने वालों को प्रोत्साहन देने की स्कीम शामिल की है। सरकार खुद छत पर प्लांट लगाने और बड़ी छत पर किसी अन्य एजेंसी से प्लांट लगवाने को बढ़ावा देगी।
दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा नीति में घरेलू बिजली इस्तेमाल के लिए छत पर सोलर पीवी प्लांट लगाने वालों को चालू वित्त वर्ष में 10 करोड़ रुपये इंसेंटिव (प्रोत्साहन) और प्लांट लगाने में सब्सिडी के लिए खर्च का प्रावधान किया है।
इसमें सशर्त प्रति यूनिट दो रुपये इंसेंटिव सरकार देगी। नीति में कहा गया है कि जनरेशन बेस्ड इंसेंटिव (जीबीआई) पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्लांट लगाने वालों को दिया जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि आम आदमी पार्टी ने जो 70 चुनावी वादे किए थे, उसमें दिल्ली को सोलर सिटी बनाने का वादा भी शामिल था, जिसे वह पूरा कर रहे हैं।
सौर ऊर्जा से जुड़ेंगे मकान मालिक
दिल्ली सरकार की सौर ऊर्जा नीति में सभी तरह के मकान मालिकों को जोड़ने का प्रावधान किया गया है। अपार्टमेंट में रहते हैं, तो सभी मिलकर सोलर प्लांट भी लगा सकते हैं। एक मीटर लगा होगा, जिसमें उत्पादन के हिसाब से जो राशि बनेगी, उसे सभी मकान मालिकों के बिजली बिल में वापस कर दिया जाएगा। अगर खर्च से ज्यादा बिजली उत्पादन हुआ तो वह बिजली बेच दी जाएगी और पैसे उत्पादनकर्ता को मिलेंगे।
पैनल लगने के बाद भी खाली रहेगी छत
दिल्ली सरकार ने पॉलिसी में यह प्रावधान किया है कि मकान की छत पर सौर ऊर्जा पैनल दो मीटर तक ऊंचा उठाकर लगा सकेंगे। ऐसा करने से छत भी खाली रहेगी। ऊंचा सौर ऊर्जा पैनल पुराने या नए भवन में लगाने के लिए एमसीडी या डीडीए से अनुमति लेने की जरूरत भी नहीं होगी। सौर ऊर्जा पैनल को अस्थायी निर्माण माना जाएगा।
इलेक्ट्रिसिटी टैक्स में छूट का प्रस्ताव
दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा का उत्पादन करने वालों को एमसीडी और एनडीएमसी की तरफ से लगाए जाने वाले पांच फीसदी इलेक्ट्रिसिटी टैक्स से छूट दिलाने पर बातचीत शुरू कर दी है। सौर ऊर्जा उत्पादन कंपनी को बैंकिंग और ट्रांसमिशन चार्ज से छूट दिलाने के लिए भी सरकार दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग के साथ सलाह मशविरा करेगी।