पहले किसे मिली मुंडे की मौत की सूचना?
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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गोपीनाथ मुंडे के दुर्घटनाग्रस्त होने और एम्स में भर्ती होने की सूचना सबसे पहली सूचना एम्स के चिकित्सकों ने केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री व एम्स के चेयरमैन डॉ. हर्षवर्धन को दी।
हर्षवर्धन सुबह करीब सात बजे एम्स ट्रामा सेंटर पहुंचे तो एम्स के कार्यकारी निदेशक भी वहां पहुंच चुके थे। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने हर्षवर्धन को गोपीनाथ मुंडे की हालत की जानकारी दी और बताया गया कि जान बचाना मुश्किल है।
कुछ ही देर में चिकित्सकों ने मुंडे की मृत्यु की सूचना हर्षवर्धन को दी। इसके बाद हर्षवर्धन ने पार्टी के दूसरे नेताओं को सूचित किया।
इसलिए हर्षवर्धन को दी गई सूचना
मामला हाईप्रोफाइल और केंद्रीय मंत्री का था, लिहाजा एम्स प्रबंधन ने अपने चेयरमैन को सबसे पहले जानकारी देना बेहतर समझा। दस मिनट के भीतर ही एम्स पहुंचे हर्षवर्धन ने बाद में कैबिनेट के अन्य सदस्यों और पार्टी के नेताओं को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, स्मृति इरानी, पीयूष गोयल, प्रकाश जावडे़कर, उपेन्द्र कुशवाहा, सुधांशु मित्तल, विजय गोयल, आरती मेहरा, विजेन्द्र गुप्ता सहित कुछ अन्य भाजपा नेता व कार्यकर्ता एम्स ट्रामा सेंटर पहुंचे।
पोस्टमार्टम के बाद शव को वरिष्ठ भाजपा नेता सुधांशु मित्तल के साथ गोपीनाथ मुंडे के दामाद व कुछ अन्य लोग लेकर भाजपा कार्यालय आए। मुंडे की बेटी भी शव के साथ-साथ पोस्टमार्टम हाउस से निकलीं। उनके साथ केन्द्रीय मंत्री हर्षवर्धन, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, आरती मेहरा व कई अन्य भाजपा नेता थे।