गूगल पर चल रहा है केस 'भारत से अरबों की कमाई का आरोप'
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गूगल ने हाईकोर्ट के समक्ष तर्क रखा कि उसने केंद्र सरकार से जो भी एग्रीमेंट किया है उसके तहत किसी भी प्रकार का राजस्व एकत्रित नहीं कर रहा।
वहीं मामले में याचिकाकर्ता ने इस तर्क को गलत बताते हुए कहा कि गूगल भारत में अरबों रुपये का राजस्व एकत्रित कर रहा है। अदालत ने इस मुद्दे पर गूगल व केंद्र सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति संजीव सचदेव की खंडपीठ प्रधानमंत्री कार्यालय समेत अन्य मंत्रालयों के सोशल मीडिया के उपयोग करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है।
गूगल को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश
सुनवाई के दौरान गूगल ने अपना जवाब पेश करते हुए कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ किए गए एग्रीमेंट के आधार पर वह कोई राजस्व अर्जित नहीं कर रही है। वहीं, इससे उसका कोई अन्य लाभ भी नहीं है।
ऐसे में सरकार को राजस्व में साझेदारी रखने का मतलब ही नहीं उठता। याचिकाकर्ता भाजपा नेता गोविंदाचार्य के वकील विराग गुप्ता ने अदालत को बताया कि गूगल भारत से 4 लाख 29 हजार करोड़ रुपये की कमाई करती है और केंद्र सरकार द्वारा पेश शपथपत्र के अनुसार वह मात्र 81 लाख रुपये का कर भर रही है।
अदालत ने याचिकाकर्ता के हलफनामे पर गूगल को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 27 अप्रैल तय की है।