‘सुशासन संवाद छत्तीसगढ़’: पाञ्चजन्य पत्रिका ने किया आयोजन, सीएम साय और डिप्टी सीएम भी रहे मौजूद
विष्णु देव साय ने राज्य की विकास यात्रा को बयां करते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ को भगवान ने बहुत फुर्सत से बनाया है, प्राकृतिक और खनिज सम्पदा से परिपूर्ण राज्य में अपार संभावनाएं छिपी हैं, साथ ही हम राज्य की वन सम्पदा पर भी शोध कर रहे हैं।
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प्रतिष्ठित साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य ने दिल्ली के अशोका होटल में ‘सुशासन संवाद छत्तीसगढ़’ का सफल आयोजन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने राज्य के विकास और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक मुद्दों पर विचारशील चर्चाओं के लिए एक मंच का कार्य निभाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाने के साथ हुआ, इस दौरान राज्य की प्रगति से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ को छोटा राज्य बताने से अक्सर इसकी समस्याएं राष्ट्रीय मंच पर सही तरीके से नहीं उठ पाती हैं, लेकिन सत्य यह है कि छत्तीसगढ़ कोई छोटा राज्य नहीं अपितु बिहार से भी डेढ़ गुना बड़ा है और वहां का नया रायपुर, दुनिया के सबसे आधुनिक शहरों में से एक है, इसलिए राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की बात करना जरूरी है।
कार्यक्रम का पहला सत्र छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों और गांवों को समर्पित रहा जिसमें वरिष्ठ पत्रकार प्रखर श्रीवास्तव और बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन ऋभु मुख्य वक्ता रहे। इसके बाद छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। ओपी चौधरी ने नए सपने, नई सोच के साथ नए छत्तीसगढ़ का विजन लोगों के सम्मुख रखा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 2047 तक भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य है और छत्तीसगढ़ सरकार भी उसी दिशा में तेजी से काम कर रही है।
इसी कड़ी में कार्यक्रम में राज्य के गृह मंत्री और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने राज्य के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। पाञ्चजन्य के सुशासन संवाद छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, छत्तीसगढ़ के नक्सली एजेंडे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है, मेरी नजर में नक्सलियों का एजेंडा कुछ नहीं है। हमने नक्सलवाद के खात्मे के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं और मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि अगले तीन साल में आप बस्तर में इंद्रावती नदी के किनारे बैठकर जरूर आनंद ले सकेंगे।
अब बारी थी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की। विष्णु देव साय ने राज्य की विकास यात्रा को बयां करते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ को भगवान ने बहुत फुर्सत से बनाया है, प्राकृतिक और खनिज सम्पदा से परिपूर्ण राज्य में अपार संभावनाएं छिपी हैं, साथ ही हम राज्य की वन सम्पदा पर भी शोध कर रहे हैं और आने वाले समय में हमारी ये सम्पदा राज्य के विकास के अगले पायदान पर ले जाने में बहुत बड़ा योगदान निभाएगी।
कार्यक्रम का समापन पुरस्कार समारोह के साथ हुआ। वरिष्ठ साहित्यकार राजीव रंजन को उनके अमूल्य योगदान के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया और नक्सल प्रभावित इलाकों में कवरेज के दौरान अपनी जान गंवाने वाले, दूरदर्शन के कैमरामैन अच्युतानंद साहू को भी मरणोपरांत सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर ने कार्यक्रम में आए प्रतिभागियों, वक्ताओं और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम की सफलता के लिए सबको धन्यवाद ज्ञापित किया।