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एक बकरा जो पीता है कोल्ड ड्रिंक और मौसमी का जूस

Sun, 05 Oct 2014 10:34 AM IST
Updated Sun, 05 Oct 2014 10:34 AM IST
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Goat have cold drink and fruit juice.
बकरीद के लिए तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। कुर्बानी के लिए हर साल की तरह इस बार भी बकरों की मंडियां गुलजार हैं। गुड़गांव और मेवात के विभिन्न बाजारों में 75 हजार रुपये तक के बकरे मिल रहे हैं।
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कीमतों की परवाह नहीं करते हुए लोग बड़ी तादाद में इन मंडियों का रुख कर रहे हैं। इससे कारोबारियों में भी खासी आमदनी हो रही है। बता दें कि बकरीद या ईद-उल अजहा सोमवार को मनाया जाना है।
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जैसे-जैसे कुर्बानी का दिन करीब आ रहा है। वैसे-वैसे बकरा मंडियों में भीड़ बढ़ रही है। शहर के सदर बाजार स्थित बकरा बाजार में बकरों की कीमत 20 हजार से लेकर 75 हजार रुपये तक है। सबसे मंहगा बकरा करीब 80 किलोग्राम का है।
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बकरा व्यापारी मजीद खान कहते है कि 80 किलोग्राम का तंदुरुस्त बकरा दिन में डेढ़ किलो चना और पांच किलोग्राम पत्ते खाता है। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक और मौसमी का जूस भी पिलाया जाता है।
    
महंगे बकरे के साथ ही 30 और बकरे लेकर आए शमीम अहमद ने बताया कि बकरे को तंदुरूस्त करने के लिए शुरू से ही उसकी खुराक अच्छी रखनी पड़ती है। खुराक की कीमत में इजाफा होने की वजह से पिछले साल के मुकाबले इस बार महंगी बिक रही है।

स्पेशल नाम वाले बकरे भी है मौजूद

Goat have cold drink and fruit juice.

मेवाती, जाफराबादी, जमुनापारी नस्ल की बकरे लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कारोबारियों का दावा है कि उत्तर प्रदेश और दूसरे जिले से आने वाले अधिक खर्च की वजह से महंगा बिक रही है। इसकी खुराक भी अधिक होती है।

स्पेशल नाम वाले बकरे भी है मौजूद
लोगों को आकर्षित करने के लिए कई कारोबारियों ने बकरे का नाम भी दिया है। नाम वाले, 786 और पीठ पर चांद बने बकरे की कीमत व्यापारी अधिक वसूल रहे हैं। बकरा मंडी के एक व्यापारी अजीमुल्ला कहते हैं कि सल्लू मियां, सोना, जब्बू की मांग भी है।

ये जानवर खरीदकर नहीं लाया गया है, बल्कि घर में इसे अधिक प्यार से पाला गया है। साल भर इस पर मेहनत की गई है। इसलिए अधिक कीमत ली गई है।

जामा मस्जिद के इमाम कहते हैं शरीयत के मुताबिक तंदुरुस्त जानवर कुर्बानी के लिए वाजिब है। स्पेशल नाम का कुर्बानी से कोई ताल्लुक नहीं है।

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