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देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट की ग्लोबल बिड जारी
Fri, 31 May 2019 05:57 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: राजेश सैनी
Updated Fri, 31 May 2019 05:57 AM IST
सार
- 15754 करोड़ रुपये है नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की अनुमानित लागत
- 30 अक्तूबर तक बिड जमा करने की अंतिम तिथि, 29 नवंबर को होगा कंपनी का चयन
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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विस्तार
देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट की ग्लोबल बिड जारी हो गई है। 30 अक्तूबर तक बिड जमा करने की अंतिम तिथि है। 29 नवंबर को बिड खुलेगी और उसी दिन कंपनी का चयन हो जाएगा। जेवर में बनाए जाने वाले नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की अनुमानित लागत करीब 15754 करोड़ है। बिड जारी होने के साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) की वेबसाइट और ट्विटर अकाउंट को भी लांच कर दिया गया है।
नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बृहस्पतिवार को दोपहर में नोएडा एयरपोर्ट की बिड जारी करने का ऐलान किया। कंपनियां नियाल जेवर डॉट कॉम से बिड डाउनलोड कर सकती हैं। फार्म का शुल्क दो लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि जनवरी वर्ष 2023 में एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। एयरपोर्ट से पहले साल 50 लाख यात्री सफर करेंगे। जबकि 2030 में 1.60 करोड़ यात्री और वर्ष 2044 में 7 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर करेंगे।
हालांकि इसके शिलान्यास की कोई तिथि तय नहीं की गई है। यह देश का पहला एयरपोर्ट होगा, जिसका फंडिंग पैटर्न यात्रियों की संख्या के आधार पर रखा गया है। अब तक प्रॉफिट के आधार पर होता रहा है। बिडर के लिए दो शर्तें भी लगाई गई हैं। पहली, पिछले वित्तीय वर्ष में बिडर की नेटवर्थ 1250 करोड़ रुपये होनी चाहिए। दूसरा, उसने 10 वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी की हों।
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पहले चरण में बनाए जाएंगे दो रनवे
पहले चरण में दो रनवे के साथ उड़ान शुरू करने के लिए जरूरी सुविधाओं को चार हिस्सों में बांटकर निर्माण कराया जाएगा, जिसमें रनवे, टैक्सी वे, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी बिल्डिंग, कार्गो टर्मिनल बिल्डिंग, मेनटेनेंस बिल्डिंग, प्रबंधन बिल्डिंग, अग्निशमन व बिजलीघर आदि शामिल हैं।
इन शहरों के यात्री करेंगे सफर
नोएडा एयरपोर्ट के बनने से दिल्ली के अलावा मथुरा, आगरा, अलीगढ़, पलवल, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, मेरठ और गाजियाबाद के यात्री सीधे तौर पर जुड़ जाएंगे। इन यात्रियों को यहां तक पहुंचाने के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने पर तेजी से काम होगा।
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नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बृहस्पतिवार को दोपहर में नोएडा एयरपोर्ट की बिड जारी करने का ऐलान किया। कंपनियां नियाल जेवर डॉट कॉम से बिड डाउनलोड कर सकती हैं। फार्म का शुल्क दो लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि जनवरी वर्ष 2023 में एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। एयरपोर्ट से पहले साल 50 लाख यात्री सफर करेंगे। जबकि 2030 में 1.60 करोड़ यात्री और वर्ष 2044 में 7 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर करेंगे।
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हालांकि इसके शिलान्यास की कोई तिथि तय नहीं की गई है। यह देश का पहला एयरपोर्ट होगा, जिसका फंडिंग पैटर्न यात्रियों की संख्या के आधार पर रखा गया है। अब तक प्रॉफिट के आधार पर होता रहा है। बिडर के लिए दो शर्तें भी लगाई गई हैं। पहली, पिछले वित्तीय वर्ष में बिडर की नेटवर्थ 1250 करोड़ रुपये होनी चाहिए। दूसरा, उसने 10 वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी की हों।
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पहले चरण में बनाए जाएंगे दो रनवे
पहले चरण में दो रनवे के साथ उड़ान शुरू करने के लिए जरूरी सुविधाओं को चार हिस्सों में बांटकर निर्माण कराया जाएगा, जिसमें रनवे, टैक्सी वे, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी बिल्डिंग, कार्गो टर्मिनल बिल्डिंग, मेनटेनेंस बिल्डिंग, प्रबंधन बिल्डिंग, अग्निशमन व बिजलीघर आदि शामिल हैं।
इन शहरों के यात्री करेंगे सफर
नोएडा एयरपोर्ट के बनने से दिल्ली के अलावा मथुरा, आगरा, अलीगढ़, पलवल, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, मेरठ और गाजियाबाद के यात्री सीधे तौर पर जुड़ जाएंगे। इन यात्रियों को यहां तक पहुंचाने के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने पर तेजी से काम होगा।