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Delhi: सात दिन आराम के बाद बच्ची का दिल स्वस्थ... दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में सामने आया दुर्लभ मामला
Thu, 01 Aug 2024 03:10 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 01 Aug 2024 03:10 PM IST
सार
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में दुर्लभ मामला सामने आया है। सात दिन मशीन में आराम के बाद वापस बच्ची का दिल स्वस्थ हो गया।
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Girl heart is healthy
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में एक दुर्लभ मामला सामने आया। सात दिन मशीन में आराम के बाद वापस बच्ची का दिल स्वस्थ हो गया। 11 वर्षीय बच्ची का दिल अब 100 फीसदी कार्य कर रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, जब बच्ची को अस्पताल लाया गया था, उस वक्त उसका दिल करीब 25 फीसदी कार्य कर रहा था।
धीरे-धीरे धड़कन कम हो रही थी। यह देख डॉक्टरों ने तत्काल एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (एकमो) मशीन का सहारा लिया, जो उन रोगियों की सहायता करती है, जिनके दिल और फेफड़ों को आराम करने की जरूरत पड़ती है।
इस मशीन के सहारे सात दिन तक बच्ची का रक्त उसके शरीर से बाहर दिल और फेफड़ों में पंप करता रहा और उसके दोनों अंग आराम करते रहे। यह मशीन कार्बन डाइऑक्साइड को हटाती है और ऑक्सीजन युक्त रक्त को शरीर में भेजती है।
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रक्त हृदय के दाहिने हिस्से से मशीन में प्रवाहित होता है। फिर इसे गर्म कर शरीर में वापस भेजा जाता है। अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. मृदुल अग्रवाल ने बताया, बच्ची एक वायरल संक्रमण की चपेट में थी, जिसके कारण उसे दिल की समस्या हुई। इसे वायरल मायोकार्डिटिस के रूप में जाना जाता है।
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धीरे-धीरे धड़कन कम हो रही थी। यह देख डॉक्टरों ने तत्काल एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (एकमो) मशीन का सहारा लिया, जो उन रोगियों की सहायता करती है, जिनके दिल और फेफड़ों को आराम करने की जरूरत पड़ती है।
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इस मशीन के सहारे सात दिन तक बच्ची का रक्त उसके शरीर से बाहर दिल और फेफड़ों में पंप करता रहा और उसके दोनों अंग आराम करते रहे। यह मशीन कार्बन डाइऑक्साइड को हटाती है और ऑक्सीजन युक्त रक्त को शरीर में भेजती है।
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रक्त हृदय के दाहिने हिस्से से मशीन में प्रवाहित होता है। फिर इसे गर्म कर शरीर में वापस भेजा जाता है। अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. मृदुल अग्रवाल ने बताया, बच्ची एक वायरल संक्रमण की चपेट में थी, जिसके कारण उसे दिल की समस्या हुई। इसे वायरल मायोकार्डिटिस के रूप में जाना जाता है।
यह तब होता है जब हृदय की मांसपेशी (मायोकार्डियम) में सूजन आ जाती है। उन्होंने कहा, एकमो को सामान्य भाषा में ई सीपीआर भी कहते हैं। कोरोना या उससे पहले स्वाइन फ्लू के वक्त कई मरीजों के लिए इसका इस्तेमाल किया गया। हालांकि, कम उम्र और सात दिन में दिल की रिकवरी होने के मामले सीमित हैं। फिलहाल बच्ची को छुट्टी दे दी गई है।
बेड पर लेटी पेंटिंग बनाती रही बच्ची
अस्पताल में भर्ती बच्ची को बचाने के लिए डॉक्टरों की पूरी टीम इलाज में जुटी रही। इस दौरान बेड पर लेटी बच्ची ने पेंटिंग बनाने की इच्छा जाहिर की। छुट्टी के समय उसने डॉक्टरों को इसे तोहफे के तौर पर दिया। पेंटिंग में बच्ची ने खुद को एकमो सर्वाइवल बताया और टीम का आभार जताया।
अस्पताल में भर्ती बच्ची को बचाने के लिए डॉक्टरों की पूरी टीम इलाज में जुटी रही। इस दौरान बेड पर लेटी बच्ची ने पेंटिंग बनाने की इच्छा जाहिर की। छुट्टी के समय उसने डॉक्टरों को इसे तोहफे के तौर पर दिया। पेंटिंग में बच्ची ने खुद को एकमो सर्वाइवल बताया और टीम का आभार जताया।